18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ब्रह्मलीन हुए रामस्नेही संप्रदाय के आचार्य हरिनारायण

नागौर जिले के रेन में स्‍थि‍त है रामस्‍नेही संप्रदाय की प्रमुख पीठ

less than 1 minute read
Google source verification
आचार्य  हरिनारायण

ब्रह्मलीन हुए रामस्नेही संप्रदाय के आचार्य हरिनारायण

मेड़ता सिटी (नागौर) . अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ रामस्नेही संप्रदाय के आदी आचार्य दरियाव महाराज पीठ के 8वें आचार्य हरिनारायण महाराज का ह्रदय गति रुकने से सोमवार रात्रि को ब्रह़मलीन हो गए। यह समाचार सुनते ही उनके अनुयायियों में शोक की लहर दौड गई.

ब्रह्मलीन आचार्य का मंगलवार दोपहर बाद रामधाम रेन परिसर में आचार्य परम्परा के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया।

रेन दरियाव धाम के उत्‍तराधिकारी संत सज्जनराम महाराज के अनुसार ब्रह्मलीन हुए 8वें आचार्य गुरु महाराज के मोक्ष धाम पधारने पर दोपहर बाद बैकुंठ यात्रा निकाली गई। जिसमें बडी संख्‍या में श्रद़धालु एवं रामस्‍नेेेही संप्रदाय के अनुयायी शामिल हुुए .

गौरतलब है कि रेन स्थित दरियाव आश्रम भारत में रामस्‍नेही सम्‍प्रदायों के प्रमुख आश्रम में से एक है. बताया जाता है कि रामस्‍नेही संप्रदाय के प्रवर्तक संत दरियाव का जन्‍म स्‍थान पाली जिले के जैतारण में है, लेकिन जब वे सात वर्ष के थे, तब इनके पिता का देहांत हो गया. इसके बाद ये अपनी मां के साथ नागौर जिले में मेडता के निकट स्थित अपने ननिहाल रेन आ गए. उनका लालन पालन शिक्षा दीक्षा रेन में ही हुई . उन्‍होंने यहीं साधना की. उनके बाद इस संप्रदाय के शिष्‍यों ने भी यहीं उनके दर्शन को आगे बढाया.