
After the Blue Whale Game these games now dominate the game
नागौर. मोबाइल हमारी सुविधा के लिए बनाए गए थे। वर्तमान में यह अभिशाप बनते जा रहे हैं। मोबाइल में खेले जाना वाले ब्लू व्हेल जैसे गेमों ने बच्चों को आत्मघाती बनाया हैं, वहीं दूसरी ओर लूडो गेम भी कोई कम खतरनाक नहीं रहा है। लोग कामकाज छोडक़र इस गेम में ऑफलाइन हजारों की बाजी लगा रहे हैं। जीता हुआ आदमी हारने तक खेलने को मजबूर रहता है तो हारने वाला व्यक्ति पैसे उधार लेकर गेम खेलने में लगा है। शहर के कई मोहल्लों व चौराहों पर लोग झूण्ड बनाकर यह गेम खेलते नजर आते हैं। एक समय लोगों को चौराहों व मोहल्लों में चौसर और कौड़ी खेलते देखा जाता था। इन खेलों में दांव की आंशका कम रहती थी। या यूं कहे की केवल टाइम पास के लिए यह खेल खेला जाता था। वर्तमान में गेम का स्वरूप ही बदल गया। पुराने समय में खेल का मतलब शरीर व मस्तिष्क के विकास के लिए था। लेकिन आज डिजिटल गेम होने का सोशल मीडिया वाला गैजेट लोगों के सिर पर चढक़र बोल
रहा है।
पत्रिका का सवाल और खेलने वाले का जवाब
पत्रिका संवाददाता ने शहर के एक मोहल्लें में लडक़ों से लूडो गेम के बारे में पूछा तो उनका जवाब था इस गेम को चार आदमी एक साथ खेलते है, जो कोई भी यह गेम हारता है वो सभी को चाय पिलाता है। संवाददाता ने पूछा की पैसों पर कैसे खेलेंगे तो बताया कि हां हम तैयार है आप बताओ कितने रुपए तक खेलोगे रात को आ जाना। अगर दोपहर में खेलना है तो आगे वाले इलाके का बताया वहां पर जाकर देख लेना खेलते हुए दिख जाएंगे। लडक़ों के इस प्रकार के जवाब से साफ तौर पर पता चलता हैं कि किस कदर खतरनाक साबित हो सकता है या हो रहा है
‘लूडो’ गेम।
जागरूक हो
मोबाइल के फायदे बहुत हैं, वहीं नुकसान भी ज्यादा है। जागरुकता का परिचय देते हुए दूसरों को भी जागरुक करें की इस प्रकार के खेलों से दूर रहें।
डॉ. काजल वर्मा, नागौर
नजर रखें
जिस प्रकार आज का समय ऑनलाइन होता जा रहा है, हमें चाहिए की बच्चा छोटा हो या बड़ा उसकी हर गतिविधि पर नजर रखें।
सुभाष पूनिया, नागौर
मनोरंजन के लिए खेलें
कोई भी खेल हो यदि मनोरंजन के लिए खेला जाए तो वह सही है। हां, अगर इस पर कोई पैसे लगाता है तो वह कानूनन अपराध है। मेरी यही अपील हैं की खेल केवल मनोरंजन के लिए खेलें।
परिस देशमुख, पुलिस अधीक्षक, नागौर
Published on:
08 Nov 2017 12:01 pm
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