
Baba Amarnath enthroned in Nagaur, the tide of faith rose
-11 हजार किलो की बर्फ से 151 शिलाओं से तैयार किया गया था अमरनाथ गुफा की तर्ज पर बाबा अमरनाथ को
-महाआरती में आस्था का उमड़ा ज्वार
-बर्फानी बाबा के साथ चंद्रयान-3 की झांकी भी रही विशेष आकर्षण का केन्द्र
नागौर. शहर के प्रतापसागर की पाल स्थित बड़लेश्वर महादेव मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार को हर-हर महादेव का नाद गूंजता नजर आया। अमरनाथ की गुफा की तर्ज पर विराजित हुए एकलिंग महादेव के दर्शनों के लिए श्रद्धा का ज्वार उमड़ा। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने महादेव का दर्शन करने के साथ अर्चन किया। सावन मास के अंतिम सोमवार को 151 बर्फ की शिलाओं से बाबा बर्फानी की झांकी सजी। इसका वजन 11 हजार किलो था जबकि ऊंचाई सात से आठ फीट थी। चंद्रयान-3 की लैंडिंग का असर बाबा बर्फानी पर भी दिखा। बाबा के पास ही चंद्रयान-3 झांकी भी सजाई गई। शाम को साढ़े सात बजे बाबा बर्फानी की आरती की गई। आरती लक्ष्मीनारायणदास महाराज ने की। महाअरती में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। बाबा बर्फानी े के साथ ही शेषनाग, शिव-पार्वती, अर्धनारीश्वर एवं गजानंद की झाकियां आकर्षण का केन्द्र बनी रही। विशेषकर चंद्रयान-3 पर भी श्रद्धालुओं की नजरें लगी रही। बाबा बर्फानी का आकार बिलकुल अमरनाथ गुफा की में निर्मित होने वाले शिवलिंग की तर्ज पर होने की वजह से श्रद्धालुओं में इसकी झलक पाने की होड़ लगी रही। इसके साथ ही इस बार के विशेष आकर्षण में चंद्रयान-3 की झांकी भी श्रद्धालु फोटो खीचने के साथ ही वीडियो आदि बनाते नजर आए। चंद्रयान-3 की झांकी में आठ फिट लंबा राकेट, लेंडर विक्रम के साथ ही विक्रम रोवर भी तैयार कियाग गया था। इसके पूर्व बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए शाम को छह बजे से ही भीड़ उमडऩी शुरू हो गई। प्रतपसागर की पाल पर नया दरवाजा एवं अहिंसा सर्किल की ओर से आने वाले रास्ते पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनातगी रही। ताकि कहीं, कोई अप्रिय स्थिति बन पैदा हो सके। इस दौरान बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में हरिराम धारणियां, रामेश्वर सारस्वत भोजराज सारस्वत, आनंद अग्रवाल लोकेश टांक, बद्री नारायण छंगाणी, सुनील बोरा हेमू आचार्य, अशोक, सुनील कुमार, अशोक कांगसिया, दौलत भाटी, नारायण पुजारी, शरद जोशी आदि मौजूद थे।
सफल बनाने में 17 लोगों की टीम लगी
पूरे कार्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए नृत्यगोपाल मित्तल व भोजराज सारस्वत के साथ 17 सदस्यों की टीम लगी हुई थी। ताकि कहीं पर कोई कमी न रह जाए। बड़लेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह 4 बजे से अभिषेक शाम को 4 बजे तक चला। इस दौरान निज मंदिर के बड़लेश्वर महादेव का भी शृंगार किया गयाा।
मंदिरों में उमड़ी भीड़
सावन के मास के अंतिम सोमवार को शहर के विभिन्न मंदिरों में भी महादेव के अभिषेक आदि के कार्यक्रम हुए। इसमें नया दरवाजा, शिवबाड़ी, हाउसिंग बोर्ड, काठडिय़ा का चौक, मानासर, बंशीवाला स्थित पातालेश्वर महादेव, बाठडिय़ा का चौक, गणेश बावड़ी, बालवा गांव में नर्मदेश्वर महादेव मंदिर भूतनाथ आदि मंदिरों में श्रद्धालु महामृत्युंजय मंत्र के जाप के साथ ही शिव ताण्डव स्तोत्र, शिव चालीसा के साथ रूद्रास्टाध्यायी संहिता आदि का पाठ किया गया। अलसुबह से ही मंदिरों में महादेव के अर्चन के लिए भीड़ लगनी शुरू हो गई। सुबह करीब 11 बजे तक बंशीवाला में पातालेश्वर महादेव मंदिर, जबरेश्वर महादेव मंदिर एवं शिवबाड़ी स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं में एकलिंग महादेव का अभिषेक करने की होड़ लगी रहीं।
Published on:
28 Aug 2023 10:46 pm
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