
नागौर. जोधपुर रोड स्थित पशुमेला मैदान में चल रहे राज्य स्तरीय रामदेव पशु मेले में पशुओं की खरीद-फरोख्त जोर पकड़ चुकी है। देशभर से आए पशुपालक और खरीदार सक्रिय हो गए हैं, जिसका असर सीधे कारोबार के आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। पशुपालन विभाग के अनुसार अब तक कुल 543 पशुओं की बिक्री हो चुकी है। इनसे 2 करोड़ 21 लाख 32 हजार 400 रुपए का कुल कारोबार हुआ। इस बार भी मेले में ऊंटों का वर्चस्व रहा और कारोबार की रीढ़ बने।
राज्य के भीतर कुल 387 पशु बिके, जिनमें अकेले 370 ऊंट शामिल हैं। इनसे 1 करोड़ 45 लाख 80 हजार 400 रुपए का कारोबार हुआ। इसके अलावा 3 गोवंश, 3 भैंस वंश और 11 अश्व वंश के पशु भी बिके। राज्य के बाहर 156 पशु बिके, जिनमें 121 गोवंश, 25 ऊंट, 4 भैंस और 6 अश्व वंश के पशु शामिल थे। इससे 75 लाख 52 हजार का कारोबार हुआ। कुल मिलाकर राज्य के भीतर ऊंटों की मांग सबसे अधिक रही, जबकि राज्य के बाहर गोवंश आगे रहे।
मेले के दौरान व्यापारी और पशुपालक दोनों सक्रिय दिखे। अच्छे नस्ल के ऊंटों के साथ गोवंश और अश्व वंश के पशुओं में भी खरीदारों की रुचि बनी रही। पशुपालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मेले में आगामी दिनों में कारोबार में और इजाफा होने की संभावना है।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मूलाराम जांगू ने बताया कि प्राथमिक स्तर पर पशुओं की चिकित्सकीय जांच की जा रही है । व्यापार में तेजी आने से पशुपालकों को बेहतर मूल्य मिल रहा है और मेले की रौनक लगातार बढ़ रही है। मेला इस बार भी ऊंटों के बड़े व्यापारिक केंद्र के रूप में उभरा है।
Updated on:
28 Jan 2026, 10:39 PM IST
Published on:
28 Jan 2026, 10:39 PM IST
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