
Bhajan evening took place in the ongoing Ganpati festival in Jharsara
नागौर. झाड़ीसरा में चल रहे गणपति महोत्सव में भजन संध्या हुई। इसमें गणपति पर आधारित भजन प्रस्तुत किए गए। इस मौके पर रामद्वारा के महंत जानकीदास ने कहा कि इन धार्मिक आयोजनों के माध्यम से हिंदू समाज में एक नई चेतना और नई उर्जा का संचार होता है इसलिए समय-समय पर इस प्रकार के आयोजनों के द्वारा भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता को पुनर्जीवित करना अत्यंत आवश्यक है । कार्यक्रम में बाल कलाकार सरिता राव ने गणपति वंदना के साथ गुरु वंदना सहित भजनों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री मेघराज राव, झाड़ीसरा खंड के सत्संग प्रमुख नेमीचंद सेन, विश्व हिंदू परिषद के झाड़ीसरा खंड के मंत्री प्रहलाद पारीक, नत्थूराम सिंवर, दानाराम पुनिया, राजेंद्र पारीक, भंवरलाल भादू आदि मौजूद थे।
नमक सत्याग्रह पर लघु नाटिका
नागौर. महॉत्मा गांधी राजकीय विद्यालय इंग्लिश मीडियम बख्तासागर के विद्यार्थियों ने मंगलवार को गांधी के नमक सत्याग्रह पर आधारित एक लघु नाटिका प्रस्तुत की गई। इसमें नमक सत्याग्रह से जुड़े तथ्यों का जीवंत मंचन किया गया। इसमें स्कूल के विद्यार्थी मरियम शेख, हर्षिता सिंह,मीनल,यशवर्धन, रविन्द्र, मनीष आदि ने भूमिका निभाई। प्रधानाचार्य मदनलाल शर्मा ने बताया कि विद्यालय के छात्रों की ओर से प्रस्तुत इस लघु नाटिका को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उपखंड अधिकारी सुनील पंवार एवं मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मेहबूब खोखर नेा पुरस्कृत किया। इस दौरान संयोजक संतोष मांजू, बजरंग सांखला आदि मौजूद थे।
फोटो नंबर 22-नागौर. नमक सत्याग्रह पर लघु नाटिका प्रस्तुत करते महात्मा गांधी राजकीय इंग्लिश मीडियम के बच्चे
महात्मा गांधी के जीवन दर्शन पर आयोजित संगोष्ठी में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, इंग्लिश मीडियम बख्त सागर के विद्यार्थियों के द्वारा गांधी जी के हिंदी की महत्ता सर्वविदित
नागौर. शारदा बाल निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय नागौर में मंगलवार को हिंदी दिवस पर इसकी महत्ता पर चर्चा की गई। व्याख्याता गजेंद्र आचार्य ने संविधान में हिंदी भाषा से संबंधित प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अतीत में हिंदी भाषा के विकास, उन्नति, तथा महत्त्व में योगदान देने वाली संस्थाओं और विद्वानों के प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी । उन्होंने कहा कि समाज सुधारको ने भाषा विकास एवं स्वतंत्रता संग्राम में देशवासियों को एकता के सूत्र में पिरोने में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हिंदी दीर्घजीवी और सर्व समावेशी भाषा है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को राष्ट्रीय भाषा घोषित किया । इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य गेनाराम गुरु, मेघराज राव, लक्ष्मीनारायण, प्रेमाराम गुरु, रोहित व्यास, जंवरीलाल जांगिड़, विजय प्रजापत, प्रवीण गोदारा आदि मौजूद थे।
Published on:
14 Sept 2021 10:16 pm
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