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यहां शिक्षा न पानी, बस यही हमारी बेबस कहानी

यहां सिर्फ शिक्षा का ही अंधियारा नहीं है, बल्कि पानी की भी भारी किल्लत है। शहर की गांछा बस्ती में लम्बे समय से चल रही पेयजल समस्या को लेकर जिम्मेदारों की लापरवाही साफ नजर आ रही है।

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babulal tak

Jun 19, 2016

no water no education

बस्ती के लोगों का कहना है कि बस्ती में करीब २५० घर हैं, जिनमें से करीब २०० घरों में करीब पिछले आठ साल से पानी नहीं आ रहा है। पानी की समस्या को लेकर कई बार प्रशासन व जिम्मेदारों को अवगत कराया गया, लेकिन किसी ने इनकी सुध नहीं ली। इतना ही नहीं बस्ती में बने जीएलआर में करीब दो साल पहले पानी आता था, जिससे लोग वहां से पानी की कमी की पूर्ति कर लेते थे। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण अब वह भी सूखी पड़ी है।

पानी के टेंकरों से चला रहे काम
बस्ती के लोगों का कहना है कि बस्ती में लम्बे समय से पानी नहीं आ रहा है। जिस कारण बस्ती में कई लोग तो एेसे हैं जिन्हें महीने में दो-तीन टेंकर पानी डलवाना पड़ता है। गौरतलब है कि इसे लेकर वार्ड पार्षद, चेयरमैन व प्रशासन को भी अवगत कराया जा चुका है। लेकिन किसी ने भी इनकी खैरियत पूछना तो दूर इनके द्वारा बार-बार समस्या बताने पर भी उसका समाधान नहीं करवाया है।
तो क्या सभी समस्याएं हमारे लिए ही है
पत्रिका टीम ने शनिवार को इन बस्तियों में जाकर लोगों से पानी की सुविधा को लेकर बात की तो यहां हालात सोचनीय थे। कई लोगों का तो यहां तक कहना था कि इस बस्ती में एक भी राजकीय विद्यालय नहीं है। जिस कारण बच्चों को मजबूरी में निजी विद्यालयों में भेजना पड़ता है। इनका कहना था कि पानी के एक टेंकर का ५ सौ रुपए देना पड़ता है।


बड़ी समस्या तो पानी की ही है। लम्बे समय से बस्ती में पानी नहीं दिया जा रहा है। जबकि समय रहते ही बिल जमा करना पड़ता है या फिर एडवांस में बिल भरना पड़ता है।
रामेश्वरी, गांछा बस्ती
हमारे यहां डेढ़ साल पहले पानी आता था लेकिन अब नहीं आता है। पानी का कनेक्शन न कट जाए इसके डर से पानी नहीं आने पर भी बिल भरना पड़ रहा है। पानी नहीं आने के कारण वाटर वाक्र्स से सुबह-सुबह पानी लाना पड़ता है
श्यामलाल, गांछा बस्ती
साल भर का एडवांस बिल तो भर दिया लेकिन साल में एक भी दिन पानी नहीं मिला। टेंकरों से पानी मंगवाकर काम चलाना पड़ रहा है। जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी नहीं समझ रहे हैं।
भंवरलाल खोजा, गांछा बस्ती
पानी की समस्या लम्बे समय से है, एेसा नहीं है कि जिम्मेदारों को पता नहीं है, लेकिन कोई सुनने वाला ही नहीं है। कई बार तो बस्ती के लोगों ने ज्ञापन भी सौंपे है।
गीता, गांछा बस्ती

हमारी गली में करीब ८ साल से पानी नहीं आता है। टेंकर डलवाकर काम चलाना पड़ता है। पानी नहीं आने की वजह से इतने परेशान है कि जो कार्य जरूरी है वो भी नहीं हो पाते हैं।
रूपवती, गांछा बस्ती


पानी की बड़ी समस्या है, इसको लेकर कई बार बस्ती के लोगों ने शिकायत भी की लेकिन किसी ने हमारी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया।
कांता, गांछा बस्ती

लगाई हुई है फाइल
बस्ती में पानी नहीं आने की समस्या को लेकर फाइल लगाई हुई है। बस्ती में कितने सालों से पानी की समस्या है इसके बारे में मुझे पूरी जानकारी नहीं है। बस्ती में बने शौचालय में कोई काम शेष रह गया होगा, इसलिए अभी शुरू नहीं किया गया है। कार्य पूर्ण होने पर जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
इस्लामुद्दीन, उपसभापति एवं वार्ड पार्षद, नागौर