-डेढ़ दर्जन लोगों को दिया करीब सत्तर लाख का लोन-सोने के लेप वाले आभूषण बिना जांचे-परखे ही दे दिया लोन
नागौर. नकली सोना गिरवी रखकर करीब डेढ़ दर्जन लोगों के 70 लाख का लोन उठाने की गड़बड़ी में कंपनी के तीन कर्मचारी भी संदेह के दायरे में हैं। सोने के नकली गहने रखकर लोन देने का काम इन्होंने ही किया था, कंपनी के अलावा पुलिस अपने स्तर पर इनकी भी जांच कर रही है। सोने के लेप वाले इन तमाम जेवर पर दिए गए करीब सत्तर लाख के लोन देने का मामला भी ऑडिट में पता चला है। यह सारा घपला पिछले चार-पांच महीने का ही है। मामले की जांच कोतवाली एएसआई शिवराम कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार आईआईएफएल कंपनी के मैनेजर सीकर निवासी महेंद्र जाट ने कोतवाली थाने में अपनी रिपोर्ट में बताया कि 16 फरवरी को ऑडिट के दौरान इस गड़बड़ी का पता चला कि असली के बजाय नकली सोना रखकर करीब डेढ़ दर्जन खाता धारक करीब सत्तर लाख का लोन ले गए। मजे की बात यह कि ये सभी कुम्हारी दरवाजे के रहने वाले हैं, किसी ने हार/नेकलेस/बाजू बंद रखा तो किसी ने अन्य जेवर। इन सभी पर सोने का लेप था, इन नकली जेवरों को गिरवी रखकर लोन देने का काम ब्रांच मैनेजर साक्षी सिंघल के साथ कार्मिक मोहित पुरी व श्रवण बेनीवाल ने किया था। इसमें महेंद्र कुमार, कांता देवी, गोमती राव, विजय राव, धीरू देवी, चंपा राव, मंजू कमलेश, सुखाराम, चंद्रा, सुमन, शैनू, मो जिलानी, निर्मला सोनी आदि को नामजद कराया गया है। अब सोने की परख में गड़बड़ी कर लोन जारी करने वाले कार्मिकों पर भी संकट गहरा गया है।
करीब नौ महीने पहले भी ऐसी गड़बड़
करीब नौ महीने पहले नागौर में नग, चिडे, धागा, मैना - मोती आदि का वजन भी सोने के जेवरात के साथ तोलकर ग्राहकों को लाभ पहुंचाया गया। उसमें भी लाखों रुपए की कंपनी को चपत लगी थी। इस कंपनी के आधा दर्जन कर्मचारी भी संदेह के दायरे में आए थे। मामला ग्राहक को फायदा पहुंचाने के लिए कंपनी के अधिकारी सहित कई कर्मचारियों के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज हुआ था। इसमें कर्मचारियों पर निर्धारित नियम और शर्तों के विपरीत जाकर अपने ग्राहकों को नाजायज लाभ पहुंचाया गया। इसमें भी लाखों का घपला था।
इनका कहना
कंपनी अपने स्तर पर स्टाफ की जांच कर रही है, सोने का लेप ऐसा है जिससे एकबारगी उसके नकली होने का पता ही नहीं चलता। खाता धारकों के बारे में भी पुलिस को जानकारी दे दी गई है।-महेंद्र जाट, क्षेत्रीय प्रबंधक आईआईएफएल, नागौर