
Nagaur encroachment news
नागौर. कभी राजनेताओं के दबाव में तो कभी भाई-भतीजावाद की आड़ में नौकरशाही कार्रवाई के नाम पर महज औपचारिकता करती है। जिला कलक्टर, उपखंड अधिकारी व नगर परिषद के पास अतिक्रमण की दर्जनों शिकायतें और हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अतिक्रमी बेखौफ होकर सरकारी भूमि पर काबिज है। अकेले नागौर शहर में 100 से ज्यादा अतिक्रमण चिह्नित है लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। शहर में करोड़ों की बेशकीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा। समय-समय पर जागरूक लोगों की ढेरों शिकायतें जिम्मेदारों की टेबलों पर धूल फांक रही है।
नहीं होती आदेशों की पालना
शहर में अंगोर, गोचर, सिवायचक समेत अन्य किस्म की सैकड़ों बीघा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण है। आलम यह है कि प्रशासन पुराने अतिक्रमण हटाना तो दूर नए सिरे से हो रहे अतिक्रमण रोकने में भी असफल रहा है। कभी पुलिस इमदाद नहीं मिलने का बहाना तो कभी जनप्रतिनिधियों का दबाव। हाईकोर्ट की फटकार के बाद भी प्रशासन आधे-अधूरे अतिक्रमण हटाकर खुद की पीठ ठोंक रहा है। कलक्टर समीक्षा बैठक व राजस्व अधिकारियों की बैठक में अतिक्रमण हटाने के निर्देश देते हैं, लेकिन पालना आज तक नहीं हुई।
दिनों दिन सिकुड़ रही सड़कें
शहर के मानासर, बीकानेर रोड, सैनिक बस्ती,व्यास कॉलोनी, डीडवाना रोड, आंधिया पीपल खान क्षेत्र में अतिक्रमण के चलते सड़कें छोटी हो गई। यहां तक कि बड़ली क्षेत्र में अंगोर व गोचर भूमि पर पूरा गांव बस गया। प्रशासन की आंखों के सामने अधिकारियों की मेहरबानी से सरकारी भूमि पर काबिज लोगों के बिना किसी वैध दस्तावेज बिजली, पानी के कनेक्शन तक हो गए लेकिन प्रशासन मूक दर्शक बनकर देखता रहा। रही सही कसर नगर परिषद ने नियमन कर पूरी कर दी।
दिवाली बाद हटाएंगे अतिक्रमण
नगर परिषद सर्वे के अनुसार शहर में एसीबी कार्यालय के पीछे 65 अतिक्रमण चिह्नित हैं। सम्पर्क पोर्टल व लिखित में भी करीब 25 से ज्यादा शिकायतें मिली है। दिवाली बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेंगे।
श्रवण चौधरी, आयुक्त, नगर परिषद, नागौर
Published on:
03 Oct 2017 10:25 pm
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