
Everyone was shocked to see this marriage
Nagaur. राजस्थान के नागौर शहर के तेलीनाडा में हुई इस अनोखी शादी को देखकर हर कोई चौंक गया। यहां शादी में दूल्हा व दुल्हन कोई पुरुष या स्त्री नहीं, बल्कि बड़ एवं पीपल के पेड़ थे। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई इनकी यह शादी शहर में चर्चाओं का केन्द्र बनी रही।
बड़-पीपल के सामूहिक वैवाहिक कार्यक्रम में महंत जानकीदास ने कहा कि शास्त्रों में वृक्ष को पुत्र की संज्ञा दी गई है। बड़ एवं पीपल का इस्तेमाल तो रसोई में इसे जलाने में भी नहीं किया जा सकता है। भगवान ने खुद ही गीता में कहा है कि वृक्षों में मैं पीपल हूं। इसी से इसकी महानता का अंदाजा लगाया जा सकता है। यह चौबीस घंटें आक्सीजन उत्पन्न करने वाला वृक्ष है। महंत मुरलीराम महाराज ने कहा कि रामेश्वरलाल सांखला ने नौकरी से सेवानिवृत होने के पश्चात मिले पैसों से तेलीनाडा के इस क्षेत्र को सींचा है। इन्होंने अपने पैसों से इस पूरे क्षेत्र में पेड़ों को लगाने का महती कार्य किया है। यह विवाह सम्मेलन भी लोगों को जागरुक करने की नीयत से किया गया है। ताकि लोग वृक्षों की महत्ता को समझा सकें। विधायक मोहनराम चौधरी ने रामेश्वरलाल सांखला के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सांखला ने वास्तव में शानदार कार्य किया है। इस तरह का कार्यक्रम निश्चित रूप से लोगों को पेड़ों को लगाने के साथ ही इसको बचाने के लिए निरंतर प्रेरित करने का कार्य करेगा। पद्मश्री हिम्मताराम भांभू ने कहा कि उनकी ओर से उनके खुद के 11 बीघा क्षेत्र में भी पेड़ोंको लगाने का कार्य किया गया। आज वह पूरा क्षेत्र एक जंगल में तब्दील हो गया। इसी तरह से रामेश्वरलाल सांखला ने शानदार कार्य किया है। इस कार्य की व्याख्या शब्दों में नहीं की जा सकती है। पेड़ नहीं रहेंगे तो मानव जीवन नहीं रहेगा। अब ऐसे में सांखला के उद्देश्य की पूर्ति के लिए सर्वसमाज की ओर से शुक्रवार केा बड़-पीपल के सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। सभापति मीतू बोथरा ने बड-पीपल के सामूहिक विवाह कार्यक्रम की सराहना की।
Published on:
06 May 2023 09:32 pm
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