13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गांव-गांव गूंज रही शिक्षा वाणी, बनेंगे पढ़ाई के ऐतिहासिक ‘हवामहलÓ

आकाशवाणी के जरिए एक्सपर्ट दे रहे स्कूली शिक्षा, नवाचार से जुड़ रहे बच्चे, स्कूली बच्चों को खूब रास आ रहा रेडियो पर हवामहल कार्यक्रम

2 min read
Google source verification
गांव-गांव गूंज रही शिक्षा वाणी, बनेंगे पढ़ाई के ऐतिहासिक 'हवामहलÓ

गांव-गांव गूंज रही शिक्षा वाणी, बनेंगे पढ़ाई के ऐतिहासिक 'हवामहलÓ

जीतेश रावल
नागौर. बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए शिक्षा विभाग लगातार नवाचार कर रहा है। विद्यार्थियों के शैक्षिक कौशल को बढ़ाने की दिशा में हर संभव प्रयास हो रहे हैं। ऑनलाइन गतिविधियां में ऐसा ही एक कार्यक्रम आकाशवाणी के जरिए चलाया जा रहा है। इसे हवामहल नाम दिया है। इसके तहत सुबह पौने घंटे तक कहानियों व अलग-अलग तरह की रोचक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को विषय सम्बंधी जानकारी दी जा रही है। इसमें एक्सपर्ट का पैनल भी बैठता है, जो सवालों के जवाब देते हैं। राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उदयपुर ने प्रदेश के सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों व पदेन जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा को इस सम्बंध में निर्देशित कर रखा है, ताकि अधिकाधिक बच्चे इस कार्यक्रम से जुड़ सके। माना जा रहा है कि ऐतिहासिक धरोहर हवामहल की तरह यह कार्यक्रम भी स्कूली शिक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

तय रहता है साप्ताहिक शेड्यूल
शिक्षा वाणी में हवामहल कार्यक्रम को लेकर साप्ताहिक शेड्यूल हर सोमवार को तय होता है, जिसे सूचीबद्ध कर जिलास्तर पर पहुंचाया जाता है। यहां से गांव स्तर तक पहुंचता है। इससे पहले से ही पता रहता है कि किस दिन किस विषय पर वार्तालाप होगा एवं इसमें बैठने वाले एक्सपर्ट कौन होंगे। कक्षावार व विषयवार शेडयूल तय होने से विद्यार्थी भी सुविधा अनुसार अध्ययन कर सकते हैं।

तीन पार्ट में 55 मिनट की शिक्षा वाणी
पूरा कार्यक्रम करीब एक घंटे का रहता है। इसे प्रतिदिन प्रसारित किया जा रहा है। इसमें प्रारंभ के सोलह मिनट मीना की कहानियां सुनाई जाती है। इसके बाद 16 से 35 मिनट एवं 36 से 55 मिनट के दौरान दो पार्ट में विषयवार अध्ययन कराया जाता है। कविता व कहानियों के माध्यम से इसे रोचक बनाया जा रहा है। कोई मुश्किल हो तो एक्सपर्ट से समाधान भी कराया जा सकता है।

... ताकि कम हो लर्निंग गेप
अधिकारी बताते हैं कि विद्यार्थियों के सीखने की शक्ति को बढ़ाया जा रहा है। कहानियों के माध्यम से ज्यादा रोचक बनाया जाता है। शिक्षकों के क्षमता संवद्र्धन के लिए आलेख व सहायता सामग्री शेयर की जा रही है। हवामहल कार्यक्रम के तहत जिले से पंचायत स्तर तक व्हाट्सअप की सहायता से कहानियों के ऑडियो, वीडियो, पीडीएफ व अभ्यास पत्रक शेयर किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का मुख्य उददेश्य बच्चों में लर्निंग गैप को कम करना है।

बेहतरीन कार्यक्रम है...
शिक्षावाणी पर करीब एक घंटे का बेहतरीन कार्यक्रम हवामहल प्रसारित किया जा रहा है। इसका साप्ताहिक शेड्यूल तय होता है और इसे स्माइल कार्यक्रम के लिए बनाए व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए शिक्षकों तक भेज रहे हैं। अभिभावकों व बच्चों को हवामहल से जोड़ रहे हैं, ताकि बच्चों का शैक्षिक उन्नयन हो सके।
- बस्तीराम सांगवा,एडीपीसी, समसा, नागौर