खरीफ की बुवाई की तैयारियां शुरू हो गई है। अधिकतर जगहों पर खेतों की जुताई कार्य पूरा हो गया है। बस अब सिर्फ बरसात का इंतजार है। बरसात होते ही फसलों की बुवाई कर दी जाएगी। कृषि विभाग ने भी खरीफ के सीजन की तैयारियां कर ली है।
जानकारी के अनुसार क्षेत्र में बाजरे का बम्पर उत्पादन होता है। इस बार भी बाजरे की बुवाई के लिए खेतों को तैयार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार खरीफ के सीजन में बाजरा, ज्वार, मूंग, मोठ, तिल, कपास, चंवला, ग्वार अन्य फसलों की प्रमुखता से बुवाई होती है। इसमें सर्वाधिक बाजरे की बुवाई होती है। कृषि विभाग के मुताबिक खरीफ के सीजन में करीब दो लाख हैक्टेयर क्षेत्र में बाजरे की बुवाई होती है। हालांकि बुवाईपर मानसून पूर्व बारिश के ऊपर निर्भरता रहती है। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में खरीफ की फसलों की बुवाईके लिए गर्मी की जुताई का कार्य पूर्ण हो गया है। बुवाई के बाद फसल के उगने के बाद निराई-गुड़ाई का कार्य होगा।
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बाजरे की होगी बम्पर बुवाई
कुचामन क्षेत्र में बाजरे की बम्पर बुवाई का अनुमान है। गत वित्तीय वर्ष में एक लाख 90 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में बाजरे की बुवाई की गई थी।इसके अलावा ज्वार, मूंग, मोठ, चवला, ग्वार की भी अच्छी मात्रा में बुवाई होती है। कुचामन सहायक निदेशक कार्यालय के अन्तर्गत सात पंचायत समितियां आती है, जिनमें नावां, कुचामन, मौलासर, डीडवाना, मकराना, परबतसर, लाडनूं आदि शामिल है। कृषि उपज मंडी में भी बाजरे की अच्छी आवक होती है।
18571 हैक्टेयर सिंचित क्षेत्र
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कुचामन क्षेत्र में सिंचित व असिंचित क्षेत्र चार लाख 54 हजार 43 हैक्टेयर क्षेत्र है। इसमें 98 हजार 571 हैक्टेयर सिंचित तथा 3 लाख 55 हजार 292 हैक्टेयर असिंचित क्षेत्र है। सिंचित क्षेत्र कम होने से फसलों की निर्भरता बरसात पर ही रहती है।
मानसून पर टिकी आस
धरतीपुत्रों की सारी आस मानसून पर टिकी हुई है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार मानसून बढिय़ा रहने का अनुमान है। ऐसे में खरीफ की बुवाई का रकबा पिछले वर्ष से बढऩे का अनुमान है। फसलों की बुवाई की तैयारी हो चुकी है। अब देखना मानसून इस बार कितना मेहरबान रहता है। अच्छे मानसून की बुवाई का असर बाजार पर भी देखा जा सकता है।
खरीफ के सीजन की तैयारियां शुरू हो गई है। इस बार करीब चार लाख हैक्टेयर में फसलों की बुवाई का अनुमान है। किसानों ने बाजरे की बुवाई के लिए खेत भी तैयार कर लिए हैं। अब सिर्फ बारिश का इंतजार है। बरसात होते ही बुवाई शुरू हो जाएगी।
- भंवरलाल बाजिया, कार्यवाहक सहायक निदेशक, कृषि विभाग, कुचामनसिटी
फैक्ट फाइल
4 लाख हैक्टेयर में होगी खरीफ की बुवाई
2 लाख हैक्टेयर में बाजरे की बुवाई का अनुमान
7 पंचायत समितियों में फैला है कुचामन सहायक निदेशक कृषि कार्यालय
18571 हैक्टेयर सिंचित क्षेत्र
355292 हैक्टेयर असिंचित क्षेत्र