
बरेली। बिशारतगंज क्षेत्र के मोहम्मदगंज गांव में एक खाली पड़े मकान के अंदर सामूहिक नमाज पढ़ाने का मामला सामने आया है। इस मकान को अस्थायी मदरसा बनाकर कई जुम्मों से नमाज अदा की जा रही थी, जिसकी भनक लगते ही गांव में तनाव की स्थिति बन गई।
गांव के कुछ लोगों ने इस गतिविधि पर आपत्ति जताई और इसे नियमों के खिलाफ बताया। जब आपत्ति के बावजूद नमाज पढ़ने का सिलसिला नहीं रुका, तो ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पुलिस से कर दी। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई का फैसला लिया। सूचना मिलते ही बिशारतगंज पुलिस आनन-फानन में मोहम्मदगंज गांव पहुंची। मौके पर पुलिस ने देखा कि हनीफ के खाली पड़े मकान के अंदर कई लोग एकत्र होकर सामूहिक नमाज अदा कर रहे थे। पुलिस को देखकर वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस कार्रवाई के दौरान नमाज पढ़ रहे 12 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि तीन लोग मौके से फरार हो गए। पुलिस ने सभी से घर में सामूहिक नमाज पढ़ने से संबंधित लिखित अनुमति मांगी, लेकिन कोई भी वैध कागजात पेश नहीं कर सका। लिखित अनुमति न मिलने पर पुलिस ने सभी 12 लोगों का शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया। शनिवार को सभी आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। वहीं, फरार तीन लोगों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें खाली मकान के अंदर सामूहिक नमाज अदा करते लोग साफ दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने वायरल वीडियो को भी जांच का हिस्सा बना लिया है। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई की है। उन्होंने साफ कहा कि बिना अनुमति किसी भी नई परंपरा या आयोजन को शुरू करना कानून के खिलाफ है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की है।
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Updated on:
18 Jan 2026 02:47 pm
Published on:
18 Jan 2026 02:46 pm
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