
चौसला. क्षेत्र में अच्छी बरसात के बाद एक खेत में बुआई करता किसान।
चौसला. गुरुवार शाम हुई झमाझम बारिश के बाद शुक्रवार को अधिकतर खेतों में उम्मीदों के डोरे चलने लगे है। मानसून के आगमन के साथ ही अच्छे जमाने की उम्मीद लगाए किसान खेत-खलिहानों में व्यस्त हो गए है। किसान सुबह से ही परिवार के साथ पहुंचकर खेतों की सफाई कर रहे है। विरान रहने वाले खेतों में अब किसानों की चहल-पहल शुरू हो गई है। खेतों में कंटीली झांडिय़ां व कचरे को साफ कर रहे है। इसके अलावा माट को भी दुरुस्त कर रहे है। किसानों को इस बार अच्छे जमाने की उम्मीद है। हालांकि अधिकतर किसानों ने पूर्व में हुई बारिश के बाद जुताई कर रखी है, लेकिन कई किसान अब खेत तैयार करने लगे है। लूणवां व लोहराणा बस स्टैण्ड पर स्थित खाद-बीज की दुकानों पर भीड़ नजर आ रही है। कई किसानों के घरों में महिलाएं बिजाई के लिए रखे बीज को साफ करने में व्यस्त है। जानकारी के अनुसार कस्बे सहित आस-पास के इलाकों में अच्छी बारिश हुई है। हालांकि बारिश का दौर रुक-रुक कर जारी है।बीज के कीट ऊंट के मुंह में जीरा- कृषि विभाग की ओर से किसानों को खरीफ की फसलों की बुआई के लिए मुहैया कराया जाने वाले बीज के किट थैलियां के वितरण को लेकर किसानों में असंतोष जाहिर हो सकता है। कृषि पर्यवेक्षक मांगीदेवी ने बताया कि चौसला ग्राम पंचायत के पांचों गांवों में मात्र 20 किट मूंग व मोठ के आए थे जो एसी-एसटी के 20 किसानों को सरपंच की उपस्थिति में बांट दिए गए है। यहां सैकड़ों किसान कृषि विभाग द्वारा दिए जाने वाले बीज से वंचित रह गए है। किसानों ने बताया कि विभाग ने यहां ऊंट के मुंह में जीरे के समान बीज वितरण किया है।
इनका कहना है
चौसला पंचायत में 20 किट मूंग व मोठ के आए है जो चौसला और बनगढ़ में एसी-एसटी के 20 किसानों को दे दिए। मांगीदेवी कृषि पर्यवेक्षक चौसला
Published on:
05 Jul 2019 07:09 pm
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