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चौसला. नील गायों से परेशान होकर कई किसानों ने अपने खेतों में पुतले बनाकर खड़े कर दिए है। रात्रि में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे आवारा जानवर व नील गायों ने किसानों की नींद कर रखी है। किसानों ने बताया कि रात्रि में नील गायें चवला व मूंग के पत्ते और घास नहीं बल्कि फलियां चट कर रहे है। इनसे बचाने के लिए कई किसान अपने खेत में जगह-जगह पर डरावने पुतले बनाकर खड़े कर दिए है। ये डरावने पुतले किसान की गैर मौजूदगी में काफी हद तक फसल को पक्षियों एवं नील गायों से बचाने का काम करते है। किसान अपने हाथ से बनाई एक मानव कलाकृति है जिसको खेतों के बीच व मेड़ पर खड़े कर दिए है किसान लकड़ी, काली हांडी, कई जगह पोलीथीन आदि का प्रयोग करके आदमी की आकृति दे देते है जो कि दूर से देखने पर ऐसी लगती है मानों दूर खेत में कोई इंसान ही खड़ा हो। ये डरावने पुतले दिन के समय पक्षियों को और रात के समय नील गायों को फसल के पास आने से रोकने का काम करते है। कस्बे सहित कुणी, बनगढ़ व आस-पास के कई खेतों में किसान बाजरे की टहनियों पौलीथीन इस तरह लगा रखी है कि थोड़ी सी हवा चलने पर पॉलीथीन फडफ़डाने लगती है। इस आवाज के कारण पक्षी उड़ जाते है। वहीं रात में के समय आदमी समझकर और इसमें पोलीथीन आदि का आवाज सुनकर नील गायें भी खेत के पास आने से कतराते है।किसानों ने खेत में खड़े किए पुतले
जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा
मेड़ता सिटी. जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता (शहर) को नागरिकों ने वर्षा के दिनों में भी हो रही अपर्याप्त जलापूर्ति के निस्तारण की मांग की। जिस पर अभियंता ने कार्मिकों के साथ बैठक लेकर जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी के विभाग के सहायक अभियंता (शहर)महेन्द्र कुमार वर्मा ने नागरिकों की जलापूर्ति से लेकर समस्याएं सुनी। इस दौरान उन्होंने शहर के अलग-अलग ब्लॉकों में होने वाली नियमित जलापूर्ति की समीक्षा कर कनिष्ठ अभियंता तथा हेल्परों को सूचारु आपूर्ति के जरुरी दिशा-निर्देश दिए।
Published on:
17 Sept 2019 12:37 pm
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