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नागौर जेल में गैंगवार की आशंका, पांच को जोधपुर भेजा

- नरपत हत्या काण्ड के आरोपियों को अदालत ने नागौर जेल भेजने के दिए थे आदेश- नरपत का भाई जगदीश पहले से ही इस जेल में बंद, जेलर को थी आशंका, कुछ घंटे एहतियात के साथ रोका फिर भेजा जोधपुर

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जेल में गैंगवार

जेल में अनहोनी की आशंका अपनी जड़ें जमाने लगा था। जेलर राज महेन्द्र की रणनीति ने अदालत से पहले एक और फिर आए चार आरोपियों को सूझबूझ से एक रात ठहराया फिर जोधपुर जेल शिफ्ट कर दिया।


एक्सक्लूसिव

नागौर. जेल में गैंगवार हो सकती है, इसकी सुगबुगाहट से जेलर के कान खड़े हो गए। पुलिस आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना चाहती थी, इधर उनके जेल आने की चिंता से जेल स्टाफ की नींद उड़ चुकी थी। जिसके दो भाई की हत्या हो चुकी थी, वो जगदीश सलाखों के पीछे था तो जो इन हत्याओं में शामिल थे, उनके जेल में आना लगभग तय हो गया था। ऐसे में नागौर जिला जेल में अनहोनी की आशंका अपनी जड़ें जमाने लगा था। जेलर राज महेन्द्र की रणनीति ने अदालत से पहले एक और फिर आए चार आरोपियों को सूझबूझ से एक रात ठहराया फिर जोधपुर जेल शिफ्ट कर दिया।

यह वाकया दुगस्ताऊ के नरपत सारण हत्याकाण्ड से जुड़ा है। करीब एक पखवाड़ा पहले दुगस्ताऊ से उसका अपहरण किया गया। उसको बुरी तरह घायल कर तरनाऊ अस्पताल के सामने पटककर चले गए, अस्पताल में उसकी मौत हो गई। शराब के काला कारोबार से बढ़ी रंजिश ने पहले नरपत के भाई बलराम की हत्या भी इसी गैंग ने की थी। इनका तीसरा भाई जगदीश पिछले कुछ वर्षों से नागौर जेल में है, इस पर इस गैंग के एक शातिर पर कातिलाना हमले का आरोप है।

हत्या के बाद जेल में सुगबुगाहट

सूत्र बताते हैं कि अपने भाई नरपत के दाह संस्कार में शामिल होने के बाद जगदीश वापस जेल गया। अब सलाखों के पीछे आरोपियों के आने की संभावना तो बढ़ ही गई थी, जगदीश भी मुश्किल में था। हालांकि काफी समय से रह रहे जगदीश को अन्य बंदी हिम्मत बंधा रहे थे। अपने दो भाई की हत्या के आरोपियों के साथ रहने की मुश्किल और भीतर ही भीतर पनप रही बदले की भावना जेल स्टाफ के माध्यम से जेलर राज महेंद्र तक पहुंची तो वे भी सतर्क हो गए। पहले तो उन्होंने जेल के आला अधिकारियों से बात कर इस बाबत पूरी हकीकत बता दी, साथ ही नरपत की हत्या के आरोपियों के नागौर जेल में आने के बाद गड़बड़ी होने की आशंका भी जताई। इस पर कहा गया कि आने पर देखते हैं।

बड़े सलीके से रातभर रोका, सुबह जल्द जोधपुर

सूत्रों के अनुसार बुधवार की शाम नरपत राम हत्याकाण्ड के चारों आरोपी रिमाण्ड के बाद अदालत में पेश किए गए जहां से उन्हें नागौर जेल भेज दिया गया। उनको लेकर ज्योंकि गाड़ी नागौर जेल पहुंची, स्टाफ हरकत में आ गया। पहले बाहर बरामद के बंदियों को बैरक में बंद किया गया। आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू, रामविलास उर्फ कालू, भंवरा राम और किशनाराम को शुरआती कुछ समय तो बाहर ही चौकसी में बैठाया गया। जब सारे बंदी बैरक में चले गए तो इन चारों को स्पेशल सेल में डाला गया। जोधपुर जेल बातकर फाइनल होते ही जल्द सुबह इन चारों को जोधपुर जेल भेज दिया गया। पूरे सुरक्षा के इंतजाम के साथ। इससे पहले एक आरोपी पुनीत विश्नोई को भी इसी तरीके से कुछ घंटों के बाद जोधपुर जेल भेजा गया था।

गैंगवार से हो जाते हालात

सूत्रों के मुताबिक जेल के भीतर इसी बात पर कई दिनों से शंका चल रही थी। पुलिस आरोपियों को पकडऩे में लगी थी तो जेलर इस चिंता में थे कि उनको यहां रखा कैसे जाएगा। भीतर से मिली जानकारी के बाद भी यह तो लगभग तय था कि कभी भी कोई भी गड़बड़ी हो सकती है। ऐसे में राज महेन्द्र ने कोशिश कर पहले से ही आला अधिकारियों से इस संदर्भ में संवाद शुरू कर दिया था। इसके चलते इन आरोपियों को तुरंत जोधपुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया।

अभी दो रिमाण्ड पर

नरपत सारण हत्याकाण्ड के मास्टर माइण्ड दुगस्ताऊ निवासी हिस्ट्रीशीटर दिनेश उर्फ विक्की नेतड़ को केन्द्रीय कारागृह बीकानेर से प्रोडक्शन वारंट पर लिया है। इसके अलावा एक अन्य आरोपी धर्माराम भी रिमाण्ड पर है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। जायल सीओ रामेश्वर लाल ने बताया कि अन्य आरोपियों के लिए पुलिस दबिश दे रही है।

यह था मामला

पुलिस के अनुसार हिस्ट्रीशीटर राजेन्द्र उर्फ राजू पुत्र मनफूल जाट व उसके सहयोगियों ने पुरानी रंजिश को लेकर गांव से नरपतराम पुत्र सुखाराम जाट का अपहरण कर लिया था और बोलेरो केपर गाड़ी में डालकर उसके साथ संगीन मारपीट की। बाद में उसे तरनाऊ हॉस्पिटल के सामने पटककर फरार हो गए। जिसकी इलाज के दौरान नागौर जिला चिकित्सालय में मृत्यु हो गई थी।

इनका कहना

जेल के भीतर किसी भी अप्रिय हालात न हों, इसके लिए उन पांच आरोपियों को जोधपुर जेल शिफ्ट किया गया है। जेल की सुरक्षा-शांति के लिए एहतियातन पहले से ही आला अधिकारियों से बात की गई थी। किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने देंगे।

-राज महेन्द्र, जेलर नागौर

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