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चीन में फैली श्वसन संबंधी बीमारी की आशंका

नागौर. चीन में बढ़ते श्वसन रोग की आशंका के चलते जिले के चिकित्सा प्रबंध का जायजा लेने शुक्रवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ इंद्रजीत सिंह ने जेएलएन अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां व्याप्त खामियों को दूर करने के निर्देश दिए। वार्डों के साथ ओपीडी, दवा वितरण केन्द्र व प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया।

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चीन में फैली श्वसन संबंधी बीमारी की आशंका

चीन में फैली श्वसन संबंधी बीमारी की आशंका के कारण नागौर का जायजा लेने आए एहतियातन इंतजाम का हाल देखने पहुंचे संयुक्त निदेशक, खामियां दूर करने के दिए निर्देश

चीन में फैली श्वसन संबंधी बीमारी की आशंका

नागौर. चीन में बढ़ते श्वसन रोग की आशंका के चलते जिले के चिकित्सा प्रबंध का जायजा लेने शुक्रवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ इंद्रजीत सिंह ने जेएलएन अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां व्याप्त खामियों को दूर करने के निर्देश दिए। वार्डों के साथ ओपीडी, दवा वितरण केन्द्र व प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया।

चीन में फैली श्वसन संबंधी बीमारी की आशंका

जिले के चिकित्सा प्रबंधन को अलर्ट रखने के उद्देश्य से मॉकड्रिल के बाद सामने आई तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ करने पर फोकस करने संयुक्त निदेशक शुक्रवार की सुबह यहां पहुंचे। सीएमएचओ डॉ महेश वर्मा, जेएलएन अस्पताल के पीएमओ डॉ महेश पंवार सहित अन्य चिकित्सकों ने उनकी अगवानी की। इसके बाद सिंह ने जेएलएन अस्पताल का निरीक्षण किया। ओपीडी में चिकित्सकों के साथ मरीजों से बातचीत करते हुए चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। संयुक्त निदेशक ने यहां मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना तथा जांच योजना के तहत अस्पताल परिसर में संचालित दवा वितरण केन्द्र और प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया । यहां दवाइयों की उपलब्धता के साथ निर्धारित जांच सुविधाओं का जायजा लिया। संयुक्त निदेशक ने आरटीपीसीआर लैब का भी अवलोकन किया। यहां नियुक्त स्टाफ की जानकारी ली।

चीन में फैली श्वसन संबंधी बीमारी की आशंका

ऑक्सीजन प्लांट सहित अन्य व्यवस्थाओं को जांचा डॉ. इंद्रजीतसिंह ने अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पीएमओ डॉ महेश पंवार को ऑक्सीजन प्लांट को चालू करने में आ रही तकनीकी परेशानी का निराकरण करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने अस्पताल के वार्ड का निरीक्षण करते हुए वहां भर्ती मरीजों से बातचीत की और चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टॉफ को आवश्यक दिशा-निदेज़्श दिए। उन्होंने यहां पाइप लाइन से ऑक्सीजन सप्लाई का भी भौतिक रूप से परीक्षण किया। इसके बाद संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने अस्पताल के आईसीयू वार्ड पहुंचे और यहां आवश्यक आपातकालीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डॉ. सिंह ने डायलिसिस वार्ड का निरीक्षण करते हुए यहां भर्ती मरीजों की कुशलक्षेम पूछते हुए उनके उपचार के बारे में जानकारी ली। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण करते हुए सिंह ने एसएनसीयू को देखा। एसएनसीयू का निरीक्षण करते हुए संयुक्त निदेशक डॉ. सिंह ने शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मूलाराम और उनकी टीम से यहां भर्ती नवजात शिशुओं और उनके स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एपीडेमोलॉजिस्ट साकिर खान, अस्पताल के उप नियंत्रक डॉ. अनिल पुरोहित सहित अस्पताल के नर्सिंग अधीक्षक भी मौजूद रहे।

चीन में फैली श्वसन संबंधी बीमारी की आशंका

नागौर जेएलएन अस्पताल के एक वार्ड में मरीज से बातचीत करते निदेशक इंद्रजीत सिंह व सीएमएचओ, पीएमओ व अन्य।

चीन में फैली श्वसन संबंधी बीमारी की आशंका

पूरी सतर्कता बरत रहा है चिकित्सा विभाग चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. इंद्रजीतसिंह ने निरीक्षण के बाद यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चीन में श्वसन रोग के मामलों में वृद्धि को देखते हुए भारत सरकार की ओर से एडवाइजरी व जारी दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जाएगी । फिलहाल देश में इस बीमारी का एक भी मामला सामने नहीं आया है। फिर भी एहतियातन चिकित्सा तंत्र को मजबूत रखने की दृष्टि से सजगता बरती जा रही है। चीन के बच्चों में श्वसन रोग के मामले अधिक सामने आए हैं । इसे देखते हुए शिशु रोग इकाई एवं मेडिसिन विभाग में उपचार के पर्याप्त इंतजाम रखने के निर्देश राज्य स्तर से मिले है। बच्चों, वृद्धजनों, गर्भवती महिलाओं एवं को-मोरबिड रोगियों में संक्रमण की आशंका अधिक रहती है। अत: बचाव की दृष्टि से आमजन को आवश्यक उपाय अपनाने के लिए विभाग की ओर से जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह एक संक्रामक बीमारी है, इसलिए इसके रोगियों के लिए अलग से स्वास्थ्य सुविधाएं देना हमारी पहली प्राथमिकता होगी। अधिकारियों की ली बैठक नागौर जिले में जिला स्तरीय रेपिड रेस्पोंस टीम का गठन कर दिया गया है। संयुक्त निदेशक डॉ. इंद्रजीतसिंह ने स्वास्थ्य भवन में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश वर्मा से इस अलर्ट को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग नागौर की ओर से राजकीय चिकित्सा संस्थानों में ऑक्सीजन प्लांट, दवाइयों, जांच सुविधाओं सहित आवश्यक सेवाओं से जुड़ी तैयारियों को लेकर चर्चा की। बैठक में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुश्ताक अहमद, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रतनाराम बिडिय़ासर, एनएचएम के डीपीओ राजीव सोनी, एपीडेमोलॉजिस्ट साकिर खान मौजूद रहे।