
आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के चलते नागौर (डीडवाना-कुचामन) जिले की पुलिस ने कमर कस ली है। बीएसएफ की चार कम्पनी यहां पहुंच चुकी है। दो डीडवाना-कुचामन तो दो नागौर में तैनात की जा रही हैं। अभी पुलिस मुख्यालय से 43 कम्पनी और मिलने की संभावना है। सोमवार को नागौर शहर में जवानों ने फ्लैग मार्च भी निकाला।
नागौर. आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के चलते नागौर (डीडवाना-कुचामन) जिले की पुलिस ने कमर कस ली है। बीएसएफ की चार कम्पनी यहां पहुंच चुकी है। दो डीडवाना-कुचामन तो दो नागौर में तैनात की जा रही हैं। अभी पुलिस मुख्यालय से 43 कम्पनी और मिलने की संभावना है। सोमवार को नागौर शहर में जवानों ने फ्लैग मार्च भी निकाला।
सूत्रों के अनुसार आगामी विधानसभा चुनाव और दीपावली के कारण प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। यूं तो डीडवाना-कुचामन को भले ही दूसरा जिला बना दिया हो पर इस बार के चुनाव की पूरी जिम्मेदारी नागौर जिला प्रशासन व पुलिस के पास अधिक है। एक तरह से पूरे चुनाव की मॉनिटरिंग के साथ व्यवस्था का सारा जिम्मा इनको ही संभालना है। ऐसे में पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस ने ना सिर्फ पुलिस अफसरों को सतर्क किया है, बल्कि प्रत्येक पुलिसकर्मी और टीम को जिम्मेदारी से काम करने के निर्देश दिए हैं। नफरी कम होने के साथ चुनाव कराना किसी चुनौती से कम नहीं है।
सूत्र बताते हैं कि सुरक्षा व शांति को देखते हुए नागौर (डीडवाना-कुचामन) जिले में करीब पचास कम्पनी बीएसएफ की मांगी गई है। पुलिस मुख्यालय से इसके अतिरिक्त भी पुलिस बल देने को कहा है। एक अनुमान के मुताबिक करीब पांच हजार जवान व अफसर की जरुरत पडऩे वाली है। अभी बीएसएफ के करीब तीन सौ साठ जवान ही आ पाए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अभी तीन हजार से अधिक तो बीएसएफ जवान ही आएंगे। इसके अतिरिक्त और जवान भी जल्द नागौर पहुंचेंगे। अभी फ्लाइंग स्क्वॉयड टीम (एफएसटी) कार्यरत है। हर थाने में तीन-चार पुलिसकर्मियों की यह टीम हर आठ घंटे में बदल रही है। चुनाव आचार संहिता समेत अन्य महत्ती जानकारी जुटाकर अव्यवस्था को दूर करने की जिम्मेदारी इसके पास है। बताया जाता है नामांकन से पहले निगरानी दल भी बनाए जाएंगे जो संवेदनशील व अति संवेदनशील इलाकों पर नजर रखेंगे।
चप्पे-चप्पे पर नजर
सूत्रों का कहना है कि चुनाव से पूर्व कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए पुलिस ने बाहर से आने वाले, होटल-धर्मशाला में ठहरने वालों के साथ संदिग्ध दिखने वालों की खोजबीन शुरू कर दी है। एसपी टोगस ने सभी पुलिस अफसर व थाना प्रभारियों से कहा है कि वो अपने इलाके में चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखें। बाहर से आने-जाने वालों के साथ होटल/धर्मशाला में रुकने वालों पर नजर रखी जाए। साथ ही नए किराएदारों के अलावा बाहर से आए श्रमिक/व्यापारी का ब्यौरा भी पुलिस के पास होने चाहिए। किसी भी तरह की संदिग्ध हालत में पाए जाने वालों के बारे में पुलिस ही नहीं आमजन भी जानकारी दें। अभी करीब 661 संवेदनशील मतदान केन्द्र माने जा रहे हैं। इनकी संख्या कम होने के आसार बताए जा रहे हैं। हर बूथ/इलाके के हिसाब से कैसे तैनाती होगी, इसका भी खाका तैयार किया जा रहा है। आदर्श आचार संहिता की पालना व सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए जिला प्रशासन के साथ पुलिस की टीमें भी जुटी हुई है।
अभी सत्तर फीसदी हथियार जमा
चुनाव के चलते पुलिस ने करीब 406 हिस्ट्रीशीटर की कुण्डली खंगालकर उन पर निगेहबानी शुरू कर दी है। वहीं कुछ ऐसे लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है जो चुनाव के दौरान शांति/माहौल को खराब कर सकते हैं। उधर, लाइसेंसी हथियार जमा कराने का सिलसिला जोरों पर है। करीब सत्तर फीसदी हथियार थानों में जमा हो चुके हैं। इससे अलग पुलिस की एक टीम अवैध हथियार के खिलाफ भी कार्रवाई में जुट गई है।
निकाला फ्लैग मार्च
सोमवार की शाम फ्लैग मार्च निकाला गया। करीब चालीस पुलिसकर्मी और बीएसएफ के डेढ़ सौ जवान असिस्टेंट कमाण्डर के सुपरविजन में कोतवाली सीआई रमेंद्र सिंह के साथ फ्लैग मार्च शाम करीब साढ़े चार बजे विजय वल्लभ चौराहे से रवाना हुआ। दिल्ली दरवाजा होते हुए गांधी चौक, बाजरवाड़ा, काजियों का चौक, तारकिशन दरगाह होते हुए वापस विजय वल्लभ चौराहे पहुंचा। फ्लैग मार्च को लेकर आम जनता को सुरक्षा व शांति का भरोसा दिया गया।
Published on:
17 Oct 2023 08:48 pm
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