
खींवसर. मुन्दियाड़ में गणेश जी के मेले में उमड़ी भीड़।

वीर तेजाजी महाराज की जन्मस्थली खरनाल मेले में खींवसर सहित आस-पास ग्रामीण इलाकों व जिले के विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु पहुंचे और मेले का लुत्फ उठाया। मेले में गजानन मंदिर के अलावा ब्रह्माणी माता मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। मेला अल सुबह शुरू हुआ जो दोपहर होते होते परवान चढ़ गया । मेले में महिलाओं व बच्चों में भारी उत्साह का माहौल देखने को मिला। मेलार्थियों ने तालाब किनारे बैठकर खान-पीने का आनंद उठाया और शाम को साइकिल दौड़ के साथ ही खरनाल की ओर कूच किया। मेले की पूर्व संध्या पर आयोजित जागरण में प्रख्यात कलाकारों ने भजनों की बढ़चढक़र प्रस्तुतियां दी। ग्राम पंचायत एवं पुलिस प्रशासन का माकूल बंदोबस्त था।

कोरोना काल के बाद पहली बार काफी भारी संख्या में श्रद्धालु मुन्दियाड़ पहुंचे। भगवान के दर्शनार्थ उत्साह के साथ कोई गाड़ियों में सवार होकर तो कोई पैदल बप्पा के दरबार में पहुंचा तथा बप्पा के समक्ष मत्था टेक मन्नत मांगी। मुन्दियाड़ में रविवार को आयोजित मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई।

साइकिल दौड़ के साथ मेले की रवानगी

खींवसर के मुन्दियाड़ मन्दिर में शृंगारित गणेश प्रतिमा।

गणनायक के धोक लगाकर मांगी सुख समृद्धि : रातभर बही भजनों की भक्ति सरिता

दौड़ में विजेताओं को कमेटी एवं ग्राम पंचातय की ओर से नकद पुरस्कार व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साईकिल रेस देखने के लिए मुन्दियाड़ व पालड़ी व्यासा गांव में बड़ी संख्या में लोग सड़क किनारे खड़े रहे।

जमकर उठाया खरीददारी व झूलों का लुत्फ मेले में खान-पान, खिलौने, सजावटी सामान सहित सौन्दर्य प्रसाधन की अनेक दुकानें सजी, जिसमें बच्चों व महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। झूलों में बच्चे उत्साह से झूलते नजर आए।

मुन्दियाड़ से खरनाल तक हुई साइकिल दौड़ मेले में शाम को मेला कमेटी व ग्राम पंचायत की ओर से मुन्दियाड़ से खरनाल तक साइकिल दौड़ आयोजित करवाई गई। दौड़ मुन्दियाड़ के गणेश मंदिर से शुरू हुई जो वीर तेजाजी महाराज की जन्मस्थली खरनाल पहुुुुंची।

खींवसर. चारों ओर गुंजते गजानन के जयकारे, वाहनों एवं ट्रेक्टर ट्रोलियों में हरजस गाती महिलाएं गांव के सभी रास्ते श्रद्धालुओं से खचाखच भरे यह नजारा रविवार को मुन्दियाड़ में देखने को मिला। गणेशजी के दो दिवसीय मेले के दूसरे दिन रविवार को समूचे गांव में तिल रखने की जगह नहीं थी। रातभर लोक कलाकारों की ओर से आयोजित भजन संध्या में भक्ति सरिता बही। अल सुबह ही आस-पास के गांवों से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। रविवार दोपहर तक पैर रखने की जगह नहीं मिली। शाम साढे 5 बजे खरनाल के लिए रवाना हुई साइकिल दौड़ के साथ ही मेला सम्पन्न हुआ।