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VIDEO…गर्जन के साथ प्रगट हुए भगवान तो देखने उमड़े हजारों

Nagaur. नृसिंह भगवान की रम्मत का मुख्य कार्यक्रम बंशीवाला मंदिर में देर शाम शुरू हुआ। भगवान नृसिंह की रम्मत देखने के लिए शहर एवं आसपास के लोगों का हुजूम उमड़ा

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Nagaur news

God appeared with thunder, thousands gathered to see

Nagaur. नृसिंह भगवान की रम्मत का मुख्य कार्यक्रम बंशीवाला मंदिर में देर शाम शुरू हुआ। भगवान नृसिंह की रम्मत देखने के लिए शहर एवं आसपास के लोगों का हुजूम उमड़ा। बीकानेर, जोधपुर, अजमेर आदि सीमावर्ती जिलों से भगवान नृसिंह की रम्मत देखने पहुंचे थे। मंदिर में सुबह करीब छह बजे नृसिंह भगवान के अर्चन के साथ मंदिर के शिखर पर ध्वजा चढ़ाई की गई। शाम को नृसिंह भगवान निज मंदिर से रम्मत करते हुए चौक में परिसर में निकले। भगवान को देखते ही इधर-उधर घूम रहे मलूका गायब हो गए। सिंह के समान गरजते हुए भगवान नृसिंह रम्मत करते हुए श्रद्धालुओं के जयघोषों के साथ झालर आदि की धुन पर बारियों में पहुंचे। प्रतीकात्मक तौर पर खंबा फाडकऱ निकले नृसिंह भगवान ने हिरण्यकश्यप का पेट फाड़ते हुए सिंह की गर्जन के साथ उसका वध करने के साथ प्रतीकात्मक तौर पर हर्ष की मुद्रा में भक्त प्रहलाद को गोद में उठाकर स्पर्श कर आशीर्वाद दिया। तत्पश्चात मंदिर की बारियों में करीब एक घंटे तक रम्मत करते रहे। रम्मत के दौरान भगवान के जयघोषों के साथ श्रद्धालू वंदन भी करते नजर आए। इस मौके पर मंदिर परिसर पूरा भरा नजर आया। स्थिति यह रही कि मुख्य गेट से लेकर पूरे मंदिर परिसर में हर ओर केवल श्रद्धालुओं की भीड़ ही नजर आ रही थी।
मंदिर में चारो ओर घूमते रहे मलूका
भगवान नृसिंह की रम्मत से पूर्व मंदिर परिसर में चारो ओर मुखौटाधारी मलूका घूमते नजर आए। बच्चों में मलूका को लेकर खासा आकर्षण बना रहा। मुखौटाधारी मलूका के घूमने के दौरान मंदिर का वातावरण बदला नजर आया। भगवान नृसिंह की रम्मत के लिए इस बार भी ललित बोहरा को चुना गया। बोहरा गत वर्ष भी नृसिंह की रम्मत करने के लिए चुने गए थे। बोहरा ने इसे बंशीवाला का आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा कि भगवान नृसिंह की रम्मत करने का सौभाग्य बंशीवाला के आशीर्वाद से ही मिला है। इसके पूर्व बंशीवाला मंदिर में भगवान नृसिंह की रम्मत देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह दस बजे से ही बंशीवाला मंदिर में पहुंचने लगी। दोपहर तक विभिन्न मंदिरों से पहुंचे नृसिंह के साथ आए उनके भक्तों के कारण पूरा मंदिर पसिर में भीड़ रही। शाम को यह भीड़ और बढ़ी, स्थिति यह रही कि मुख्य गेट से लेकर पूरे परिसर में कहीं पर भी तिल तक रखने की जगह शेष नहीं नजर आई। बंशीवाला मंदिर के ठीक सामने स्थित रास्ते पर जाम की स्थिति बनी रही।
स्वागत के साथ पिलाया शरबत
विभिन्न मंदिरों से पहुंच रहे रम्मत करते नृसिंह के साथ श्रद्धालुओं का कई जगहों पर स्वागत किया गया। बंशीवाला के अगल-बगल वाले रास्तों पर श्रद्धालुओं को विकट गर्मी में शीतल शरबत के लिए लोग मनुहार करते नजर आए।

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