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बुजुर्गों में सिर मुंडवाने और बच्चों में जीरो साइज का क्रेज, युवाओं की फौजी स्टाइल

ज्यादातर घर में रहते हैं इसलिए बदल गई पसंद, अब कैंची छोड़ उस्तरा व जीरो मशीन चला रहे नाई, पचास से साठ फीसदी ग्राहकों की हेयर स्टाइल में आया बदलाव

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बुजुर्गों में सिर मुंडवाने और बच्चों में जीरो साइज का क्रेज, युवाओं की फौजी स्टाइल

नागौर. शहर में दिल्ली दरवाजा स्थित सैलून में बाल कटवाते लोग।

नागौर. लोगों की जीवन शैली में बदलाव आ रहा है तो हेयर स्टाइल भी बदल रही है। अब नई स्टाइल में हेयर कट करवाने के दिन भी शायद लद गए हैं। कोरोना संकट के दौरान अधिकतर लोग घर के अंदर ही रहते हैं, जिससे सिर मुंडवाने व जीरो साइज बाल रखने का क्रेज भी बढ़ रहा है। हालांकि युवा वर्ग सिर मुंडवाने के बजाय जीरो साइज या फौजी स्टाइल में बाल रखने के शौकीन है, लेकिन बुजुर्गों में मुंडन और बच्चों में जीरो साइज का चलन कुछ ज्यादा ही है। अधिकतर लोग हेयर कट पर होने वाले खर्च को बचाने के लिए इस बदलाव को अपना रहे हैं। उनका मानना है कि अमूमन पंद्रह से बीस दिन में बाल कटवाने पड़ते हैं, लेकिन इन दिनों कहीं आना-जाना भी नहीं है तो स्टाइलिश बाल रखने का फायदा ही क्या। ऐसे में बालों की कटिंग इस तरह करवाते है कि महीने-डेढ़ महीने तक नाई के पास जाना ही नहीं पड़े।

शायद इसलिए बदली स्टाइल
पिछले कुछ दिनों से गर्मी का कहर भी बना हुआ है। उमस व गर्मी के बीच बढ़े हुए बाल काफी दुखदायी होते हैं। ऐसे में गर्मी की सीजन में छोटे-छोटे बाल रखे जाते है। कोरोना काल के दौरान नाई की दुकान बंद होने से भी लोगों ने घर में ही मुंडन व जीरो साइज बाल कटवा लिए थे। संक्रमण की आशंका एवं बार-बार नाई के पास न जाना पड़े इसलिए भी जीरो साइज की स्टाइल को बढ़ावा मिला है।

शिव आराधकों ने शुरुआत में ही करवाई हेयर कटिंग
सावन मास में शिव आराधना करने वाले अधिकतर श्रद्धालु बाल-दाढ़ी कट नहीं करवाते। महीनेभर में बाल काफी बढ़ सकते है इसलिए सावन की शुरूआत से पहले ही ये लोग बाल-दाढ़ी छोटी साइज में करवा लेते हैं। इससे सावन में आराधना के दौरान नाई के पास जाने की जरूरत ही न पड़े। माहभर तक ये श्रद्धालु बढ़े हुए बाल-दाढ़ी में ही नजर आएंगे एवं माह पूरा होने पर कटिंग करवाएंगे। सावन मास के मद्देनजर कई लोग शुरुआत में ही नाई के पास हेयर कट करवाने पहुंच गए थे।

संक्रमण से बचाव को सावधानी
हालांकि नाई की दुकानें खुल चुकी है, लेकिन संक्रमण से बचाव को लेकर लोग सावधानी बरत रहे हैं। सीट को भी बार-बार सेनेटाइज किया जा रहा है, ताकि एक ग्राहक के हटते ही दूसरा बैठे तो उसे परेशानी न हो। कैंची, उस्तरा, मशीन, कंघा आदि सामग्री सेनेटाइज किए जा रहे हैं। मास्क लगाने व गर्म पानी के उपयोग पर भी जोर दिया जा रहा है। ग्राहकों की मांग पर नाई जिन कपड़ों को काम में ले रहे है उनको गर्म पानी से उबालकर धो रहे हैं।


यह भी कुछ खास
- बच्चों को लेकर पहले स्टाइलिश बाल का क्रेज ज्यादा था, लेकिन अब जीरो साइज कटिंग करवा रहे हैं
- बाल जल्दी न आए इसलिए बच्चों के सिर मुंडवाने से भी माता-पिता को कोई परहेज नहीं है
- स्कूल बंद है और बच्चों को घर पर ही रहना है तो स्टाइलिश बाल रखे जाने का कोई तुक नहीं है
- बुजुर्गों को नाई की दुकान तक ले जाने में अब भी लोग एहतियात बरत रहे हैं इसलिए घर पर ही हेयर कट
- नाई को घर पर बुलवाकर दाढ़ी-बाल कटवाए जा रहे हैं, कई परिवार जीरो मशीन ही घर ले आए है

बदल रही है हेयर स्टाइल...
हेयर स्टाइल में अब बदलाव आ रहा है। लोग छोटे-छोटे बाल रखने लगे हैं, ताकि बार-बार सैलून न जाना पड़े। लोग ज्यादातर घर में ही रहते हैं इसलिए जीरो मशीन वाली हेयर स्टाइल को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
- नरपत सैन,सैलून संचालक, दिल्ली दरवाजा, नागौर

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