
मेड़ता सिटी. मंडी में लगी कृषि जिंसों की ढेरियां।
मेड़ता सिटी . अपने पारदर्शी कारोबार, जिंस बेचने के बाद किसान को हाथों-हाथ भुगतान और यहां कृषि जिंसों की डिमांड अधिक निकलने से इन दिनों किसानों का एक ही मानस है कि कृषि जिंस बेचनी है तो मेड़ता मंडी चलो। जिसका असर शुक्रवार को मंडी में साफ देखने को मिला। इस सीजन के अब तक के सारे रेकॉर्ड टूट गए। ग्वार इतना पहुंचा कि एकबारगी व्यापारियों से लेकर मंडी प्रशासन तक सभी हैरान हो गए। मेड़ता मंडी में एक ही दिन में रेकॉर्ड 30 हजार कट्टे ग्वार एवं 20 हजार कट्टे मूंग के पहुंचे, जो राज्य की किसी भी मंडी से अधिक आवक है। एकबारगी सुबह 5 ब्लॉकों में एक साथ ढेरी बोली शुरू हुई। 2 ब्लॉक में ग्वार, 2 ब्लॉक में मूंग और 1 ब्लॉक में जीरा, ईसबगोल सहित अन्य जिंसों की बोलियां लगी। फिर भी जिंस खरीद में देरी होती देख एक और ब्लॉक में ढेरी बोली शुरू की गई। इसी तरह 6 ब्लॉक में दिनभर एक साथ ढेरी बोली का कार्य हुआ। मंडी में ऐसी स्थिति बन गई कि मुख्य प्रवेश द्वार के पास धर्मकांटे तक ग्वार, मूंग सहित जिंसों की ढेरियां लग गई। यही नहीं जिंस लेकर पहुंचे वाहनों से भी बार-बार जाम लगता रहा। जिसको जहां जगह मिली, वहां ढेरी लगा दी। व्यवस्थाएं बनाए रखने को लेकर मंडी सचिव राजेंद्र कुमार रियाड़, हड़मान कुरड़ाया, पवन कुमार सहित मंडी गार्ड व स्टाफ को हर समय ब्लॉकों में तैनात रहना पड़ा। चौतरफ ढेरियां ही ढेरियां तथा किसानों की भीड़ से मंडी में व्यापारी मेले जैसा माहौल हो गया। व्यापारी सुमेरचंद जैन ने बताया कि मंडी में करीब 15 करोड़ रुपए के 30 हजार कट्टे ग्वार के पहुंचे। इसी तरह साढ़े 5 करोड़ रुपए के 20 हजार कट्टे मूंग की आवक हुई। मंडी में 2 हजार बोरी जीरा भी पहुंचा, जिससे डेढ़ करोड़ का कारोबार हुआ। मूंग के भाव में 300 और जीरे के भाव में 500 रुपए प्रति क्विंटल की रंगत देखने को मिली। अच्छी क्वालिटी का मूंग अधिकतम 7300 रुपए प्रति क्विंटल बिका, वहीं जीरे के अधिकतम भाव 15900 रुपए प्रति क्विंटल रहे।
लोडिंग व बैंक अवकाश के चलते आज बंद रहेगी मंडी
एक ही दिन में 50 हजार से अधिक कृषि जिंसों की बंपर आवक होने और शनिवार को बैंक अवकाश के कारण जिले की विशिष्ठ श्रेणी मेड़ता सिटी कृषि उपज मंडी में आज ढेरी बोली का कार्य नहीं होगा। जिससे पल्लेदारों को भी माल तुलाई और लोडिंग करने का समय मिल जाएगा। इसी तरह रविवार के साप्ताहिक अवकाश के बाद अब मंडी सोमवार को ही मंडी खुलेगी।
यूं समझे मेड़ता मंडी की लोकप्रियता : पड़ोसी जिलों से भी ढेरी बोली में पहुंचता है ग्वार, मूंग
मंडी व्यापार संघ अध्यक्ष हस्तीमल डोसी ने बताया कि मेड़ता कृषि उपज मंडी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रचूर मात्रा में ग्वार उत्पादन वाले बीकानेर जिले में जहां एक दिन में जहां 4 से 5 हजार बोरी की आवक हो रही है, वहीं अकेले मेड़ता में 30 हजार कट्टे पहुंचे रहे हैं। मंडी में अजमेर, पाली, जोधपुर, जैसलमेर, सीकर सहित जिलों से कृषि उपज बिक्री के लिए पहुंच रही है। डोसी ने बताया कि यहां जितनी आवक हो रही है उतनी ही लिवाली भी है। अगर 30 हजार कट्टे पहुंचे है तो उतने ही ग्वार के खरीदार तैयार हैं। मेड़ता से ग्वार प्रमुखत: पड़ोसी राज्य हरियाणा व प्रदेश के गंगानगर जिले की ग्वार गम मीलों में जाता है।
Published on:
13 Nov 2021 05:00 pm

