Nagaur. पांच साल में 30 हजार से ज्यादा बच्चों करीब साढ़े तीन अरब से ज्यादा की राशि सहायता
-सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग की पालनहार योजना...
नागौर. सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग ने पिछले पांच साल में करीब 39 हजार से ज्यादा बच्चों को पालनहार योजना के तहत लाभान्वित करने का कार्य किया है। बच्चों को इस येाजना के माध्यम से न केवल आर्थिक सहायता मिली है, बल्कि लगातार अध्ययन में भी यह राशि उनके लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हुई है। येाजना के तहत पांच की अवधि में अब तक साढ़े तीन अरब से ज्यादा की राशि इन बच्चों के पेटे खातों में भेजी जा चुकी है।
सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग में पालनहार योजना से बच्चों को खासा संबल मिला है। येाजना के माध्यम से हर माह पांच करोड़ से ज्यादा की राशि इन बच्चों को मिल रही है। इसमें सभी बच्चे स्कूल या आंगनबाड़ी केन्द्रों में अध्ययनरत बच्चे शामिल हैं। योजना के लाभार्थी परिवारों के अभिभावक इस येाजना से खासे उत्साहित हैं। अभिभावकों का मानना है कि मिलने वाली राशि उनके बच्चों के लिए अध्ययन की राह आसान बनाने का काम कर रही है।
लाभान्वित बच्चों की संख्या पर नजर
ब्लॉक बच्चों की संख्या
भैरूंदा 430
डेगाना 2742
डीडवाना 3067
जायल 2898
खींवसर 2794
कुचामनसिटी 2903
लाडनू 3012
मकराना 4315
मौलासर 1842
मेड़ता 2519
मूण्डवा 2348
नावां 1833
परबतसर 2761
रियाबड़ी 2053
हर माह पंद्रह सौ के साथ स्टेशनरी का अलग से पैसा
विभाग की ओर से संचालित पालनहार येाजना में सामान्यत: इन बच्चों को प्रतिमाह 1500 की राशि दी जाती है। इसमें अनाथ या विकलांग होने की स्थिति में उसे प्रतिमाह 2500 की राशि दी जाती है। इसके अलावा वर्ष में एक बार स्टेशनरी या अन्य व्यय के लिए दो हजार की राशि अलग से सभी बच्चों को दी जा रही है।
लाभान्वितों में डीडवाना के बच्चे सर्वाधिक
सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित पालनहार येाजना में लाभान्वित होने वालों में डीडवाना के बच्चों की संख्या सर्वाधिक है। दूसरे नंबर लाडनू है। जबकि सबसे कम लाभान्वित होने वाले बच्चों की संख्या में भैरूंदा ब्लॉक है।
प्रति वर्ष जुलाई में होता है जांच
विभाग की ओर से पालनहार येाजना के तहत यह राशि केवल स्कूलों या आंगनबाड़ी केन्द्रों में जाने वाले बच्चों को ही देय है। विभाग की ओर से प्रति वर्ष ब्लॉकवार इसकी जांच की जाती है कि बच्चे अध्ययनरत हैं कि नहीं। अध्ययनरत नहीं होने की स्थिति में योजना के लाभान्वितों में से संबंधित बच्चे का नाम फिर हटा दिया जाता है।
अब इतनी राशि मिल चुकी है
प्रति माह बच्चों को 5 करोड़ 88 लाख 75 हजार की राशि लगभग इनके खातों में जा रही है। एक साल में तकरीबन 70 करोड़ 65 लाख की राशि, जबकि पांच साल में 3 अरब 53 करोड़ 25 लाख की राशि योजना के तहत बच्चों को मिल चुकी है। हालांकि इसमें स्टेशनरी विशेष बच्चों की राशि का आंकड़ा जोडऩे पर यह राशि डेढ़ से दो गुना तक पहुंच जाती है।
एक नजर इस पर भी
वर्ष 2019 में 30 हजार, वर्ष 2020 में 32 हजार, वर्ष 2021 में 33 हजार 500, वर्ष 2022 में 38 हजार एवं वर्तमान में 39250 बच्चे इस योजना के लाभान्वितों की श्रेणी में शामिल हैं।