
ग्रामीण बस सर्विस। फोटो: पत्रिका
नागौर जिले के ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर है। बस सेवा से वंचित गांवों को सार्वजनिक परिवहन बस सेवा से जोड़ने के लिए राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम ने नई पहल की है। इस योजना के तहत निगम ने निजी बस संचालकों से बसें अनुबंधित करने के लिए आवेदन मांगे हैं, ताकि दूरदराज के गांवों को सीधा शहरी क्षेत्र से जोड़ा जा सके।
ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से नियमित बस सेवा की मांग हो रही है। कई गांवों में लोग शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और प्रशासनिक कार्यों के लिए निजी या महंगे साधनों पर निर्भर रहते हैं। इस नई पहल से ग्रामीणों को सस्ती, सुरक्षित और नियमित परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है।
रोडवेज प्रशासन इस व्यवस्था को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत लागू कर रहा है। इसके तहत निजी वाहन संचालकों की बसों को रोडवेज से अनुबंधित कर निर्धारित रूटों पर चलाया जाएगा। रोडवेज का मानना है कि इस मॉडल से न केवल परिवहन व्यवस्था का विस्तार होगा, बल्कि निजी संचालकों की भागीदारी से संचालन भी सुचारु रहेगा।
पीपीपी मॉडल के माध्यम से उन रूटों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां अब तक बस सेवा उपलब्ध नहीं थी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों को लाभ मिलेगा और जिला मुख्यालय व बड़े शहरों से संपर्क भी मजबूत होगा।
बस सेवा शुरू होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है। गांवों से शहर तक आवाजाही आसान होने से किसानों, मजदूरों, विद्यार्थियों और छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। शिक्षा के लिए शहर जाने वाले छात्र और अस्पतालों तक पहुंच बनाने वाले मरीज विशेष रूप से इसका फायदा उठा सकेंगे। साथ ही, पंचायत स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक सामाजिक और प्रशासनिक गतिविधियों की पहुंच भी बेहतर होगी। आवागमन में होने वाली परेशानी कम होने से लोगों का समय और खर्च दोनों बचेंगे।
रोडवेज ने पहले भी पीपीपी मॉडल के तहत कुछ रूटों पर बसें संचालित की हैं, जिससे यात्रियों को राहत मिली थी। अब इसी तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों को रोडवेज से जोड़ने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, निजी संचालकों की भागीदारी से बसों की उपलब्धता बढ़ेगी और ग्रामीण रूटों पर सेवा नियमित रूप से संचालित होगी।
पीपीपी मॉडल के तहत चलने वाली बसें रोडवेज की पहचान वाली केसरिया रंग की होंगी। इन बसों का संचालन रोडवेज के निर्धारित मानकों के अनुसार होगा, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा मिल सके। बसों में नियमित यात्री सुविधा का ध्यान रखा जाएगा और इन्हें चिन्हित ग्रामीण मार्गों पर चलाया जाएगा। इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की पहुंच और भरोसा दोनों बढ़ेंगे।
नागौर आगार के मुख्य प्रबंधक मुकुन सिंह ने बताया कि पीपीपी मॉडल के तहत निजी वाहन संचालकों से बस संचालन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसका उद्देश्य जिले के वंचित गांवों को रोडवेज सेवा से जोडऩा है, ताकि ग्रामीणों को बेहतर और सुलभ परिवहन सुविधा मिल सके।
Updated on:
09 Feb 2026 02:40 pm
Published on:
08 Feb 2026 03:04 pm
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