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VIDEO…जनता को योजनागत सुविधा देने के घोषणा करने की होड में इस जिले केा भूली राज्य सरकार

Nagaur. हम कॉलोनीवासियों को राज्य सरकार की एक भी योजना का नहीं मिला है लाभ

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Nagaur news

In the race to announce planned facilities to the public, the state government forgot about this district

-शहर के प्रमुख मार्गों में शुमार जोधपुर रोड बाईपास व बीकानेर रोड से सटी श्रीकॉलोनी की हालत, मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे स्थानीय निवासी
नागौर. शहर की श्रीराम कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं का पूरी तरह से अभाव है। कॉलोनी के अंदर के कई रास्ते न केवल कंटीली झाडिय़ों की वजह से बंद से रहते हैं, बल्कि आए दिन इसके चलते हादसे भी होते रहते हैं। सुविधाओं की यह स्थिति है कि इस कॉलोनी में न तो बिजली पूरी मिलती है, और न ही पानी पर्याप्त मात्रा में मिलता है। गंदे पानी की निकासी के कारण आए दिन क्षेत्र में विवादित स्थिति बनी रहती है। इस संबंध में कॉलोनीवासियों की ओर से कई बार सभापति एवं आयुक्त से मिलकर समस्याओं से अवगत कराया गया। इसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। स्थानीय निवासियों का कहना है कि न तो उनको मूलभूत सुविधा मिली, और न ही राज्य सरकार की एक भी योजनाओं का अब तक लाभ मिला है।

फिर भी विकास नहीं हुआ
श्रीराम कॉलोनी शहर के प्रमुख मार्गों में शुमार जोधपुर रोड बाईपास एवं बीकानेर रोड से सटी हुई है। इसके बाद भी सुविधाओं में यह कॉलोनी शहर की अन्य कॉलोनियों की अपेक्षा प्रत्येक क्षेत्र में पिछड़ी हुई है। यहां पर चलने के लिए न तो बेहतर सडक़ है, और न ही नालियों की सुविकसित व्यवस्था। बारिश के दिनों में हर बार बाढ़ सरीखी स्थिति का सामना करने वाले कालोनी के बाशिंदों का कहना है कि नाले के नाम पर नाली बनाई गई थी। यह भी टूट चुकी है। साफ-सफाई तो इस कॉलोनी में होती ही नहीं है। यहां पर सफाई कर्मी आते ही नहीं है। इतना ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में लावारिश पशुओं का राज कायम है। इसकी वजह से स्थिति बेहद खराब रहती है।
कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर लगा है ट्रांसफार्मर
इस कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर बिजली का ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। आए दिन इसकी वजह से हादसे होते रहते हैं। कई पशुओं के लिए यह ट्रांसफार्मर काल बन चुका है। अब तक एक दर्जन से ज्यादा इस ट्रांसफार्मर के कारण मर चुके हैं। बरसात के दिनों में इस ट्रांसफार्मर के जरिये करंट अक्सर सडक़ पर उतर जाता है। इस संबंध में डिस्कॉम से लेकर जिला कलक्टर तक फरियाद की जा चुकी है। इसके बाद भी इसे अब तक नहीं हटाया जा सका।
जनता बोली: नारकीय स्थिति रह रहे हम लोग
कॉलोनी में तकरीबन तीस बरस से रह रहा हूं। यहां पर न तो बिजली की पर्याप्त सुविधा है, और न ही स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था है। मार्गों की स्थिति यह है कि पक्की सडक़ का निर्माण सालो से नहीं किया गया। अधिकारी एक बार इस कॉलोनी को देखें तो खुद समझ में आ जाएगा कि इस क्षेत्र में बरसों से विकास का कोई भी काम नहीं हुआ है।
रामचन्द्र उत्ता, स्थानीय निवासी
भाई साहब श्रीराम कॅालोनी में प्रवेश करते ही लोगों का सीधा सामना मुख्य मार्ग पर फैले गंदे पानी व कीचड़ से होता है। क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की स्थिति यह हो गई है कि जान-पहचान के लोग तक एक बार आने के बाद दोबारा यहां बुलाने पर भी नहीं आते हैं। कारण पूछने पर बताते हैं कि तुम्हारी कॉलोनी बहुत गंदी कॉलोनी है। इसके बाद भी प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है।
संदीप राजपुरोहित, स्थानीय निवासी
कॉलोनी के मुख्य मार्गों को कंटीली झाडिय़ों ने लगभग घेर रखा है। इसकी वजह से रास्ता भी लगभग बंद सा रहता है। बहुत बचाकर निकलना पड़ता है। शाम को सात बजे के बाद पूरे क्षेत्र में अंधेरा ही रहता है। कारण कि यहां पर लगी स्ट्रीट लाइट कभी जलती ही नहीं हैं। झाडिय़ों को हटवाने के लिए कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
सुरेश पंचारिया, स्थानीय निवासी
शहर की यह एकमात्र ऐसी कॉलोनी है, जहां आज तक कोई नाली नहीं बनाई गई है। चलने के नाम पर बने कच्चे रास्तों पर कई जगह हुए गड्ढों की वजह से आए दिन दो पहिया वाहन पलटते रहते हैं। इसकी वजह से स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।
अशोक शर्मा, स्थानीय निवासी
अफसोस होता है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री कहते हैं कि प्रत्येक जन को राज्य सरकार की ओर से मूलभूत सुविधाओं के साथ सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिया जा रहा है। हकीकत तो हमें पता है कि राज्य सरकार की एक भी योजनाओं का हम कॉलोनीवासियों को न तो आज तक कोई लाभ मिला है, और न ही कोई भी विकास हुआ। इस क्षेत्र का मुख्यमंत्री एक बार दौरा करें तो समझ में आए जाएगा कि उनकी कथनी व करनी में कितना अंतर है।
कैलाश रेणुवाल, स्थानीय निवासी
इनका कहना है...
कॉलोनी के विकास के लिए सभापति एवं आयुक्त से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन इसके बाद भी उनके क्षेत्र का विकास नहीं कराया गया। स्थिति है कि क्षेत्रवासियों को राज्य सरकार की घोषणाओं के विपरीत एक भी योजना तक लाभ नहीं मिल पाया है।
गोविंद कड़वा, स्थानीय पार्षद