
करीब साढ़े तीन घंटे का रहेगा कंकणाकृति सूर्य ग्रहण
नागौर. इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को होगा। इसका सूतक बारह घंटे पहले यानि 20 जून की रात से ही लागू हो जाएगा। ग्रहण के समय सूर्य चमकते कंगन के समान चमकता दिखाई देगा, इसलिए इसे कंकणाकृति ग्रहण कहा गया है। यह ग्रहण मृगशिरा एवं आद्रा नक्षत्र में मिथुन राशि मंडल पर घटित होगा।
ज्योतिष पं.सुनील दाधीच बताते हैं कि ग्रहण जिन राशि एवं नक्षत्र में घटित होगा इन नक्षत्र एवं राशि वालों को ग्रहण का दर्शन नहीं करना चाहिए। यह ग्रहण भारत के अलावा श्रीलंका, बांग्लादेश, कोरिया, जापान, इंडोनेशिया, पूर्वी ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, ईरान, इराक, अफगानिस्तान, नेपाल, पाकिस्तान आदि में खंडग्रास रूप में दृश्यमान रहेगा। इस ग्रहण का सूतक यम नियम 12 घंटे पहले यानि 20 जून को रात्रि 10.09 से मान्य होगा तथा ग्रहण का स्पर्श 21 जून को सुबह 10.09 से होगा व मोक्ष काल दोपहर में 1.36 बजे होगा। इस ग्रहण की कुल समयावधि 3 घंटे 27 मिनट रहेगी। सूर्य ग्रहण महिला, नवविवाहिता कन्या, विवाह योग्य बालक-बालिका,उद्योगपति, मंत्री, धर्म नेता पर भी शुभ नहीं माना गया है, जिससे इनके लिए भी यह ग्रहण दर्शन योग्य नहीं है।
चमकते कंगन सा दिखाई देगा सूर्य
ग्रहण के समय सूर्य चमकते कंगन सा दिखाई देगा इसलिए इसे कंकणाकृति सूर्य ग्रहण भी कहा गया है। यह ग्रहण 25 वर्ष पूर्व यानि 24 अक्टूबर,1995 के सूर्य ग्रहण की याद को ताजा कर देगा। उस समय भी सूर्य ग्रहण होने पर दिन में ही अंधेरा सा हो गया था। ज्योतिष गणना के अनुसार सूर्य ग्रहण के साथ ही लगभग दो चंद्रग्रहण भी आते हैं जिनमें से एक चंद्रग्रहण 5 जून को हुआ था जिसका प्रभाव भारत में नहीं था और अगला सूर्य ग्रहण 5 जुलाई 2020 को होगा, जिसका भी कोई सूतक यम नियम लागू नहीं होगा।
Published on:
20 Jun 2020 11:16 am
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