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कार्तिक में सुधरेगा आरोग्य और खिलेगा सौभाग्य

त्योहारों के नाम रहेगा पूरा माह, जप-तप का है खास महात्म्य, शुरू हो गई धमचक, कार्तिक में करवा चौथ के साथ ही त्योहारों की शुरुआत, सबसे बड़ा पर्व आएगा दीपावली

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कार्तिक में सुधरेगा आरोग्य और खिलेगा सौभाग्य

कार्तिक में सुधरेगा आरोग्य और खिलेगा सौभाग्य

नागौर. कार्तिक मास पूरी तरह से त्योहारों में रमा रहेगा। आरोग्य सुधारने के लिए जहां भगवान धनवंतरी की अर्चना की जाएगी, वहीं वैभव और समृद्धि की देवी लक्ष्मी का भी पूजन किया जाएगा। कार्तिक मास में त्योहारों की धमचक करवा चौथ से ही शुरू हो चुकी है। अखंड सुहाग की कामना करते हुए सुहागिनें सौभाग्य के लिए करवा चौथ का पर्व मना चुकी हैं। इसी तरह इस माह में कई त्योहार आएंगे। रूप चतुर्दशी पर महिलाएं रूप निखारेंगी और दीपावली पूजन पर मां लक्ष्मी से खुशहाली की कामना होगी। अन्नकूट महोत्सव पर ठाकुरजी को छप्पन व्यंजनों का भोग लगेगा। बहनों की रक्षा और भाइयों का प्यार भैया दूज का पर्व भी इसी माह आएगा। वहीं सूर्य को अघ्र्य देकर छठ पूजा की जाएगी। पवित्र तुलसी और शालिग्राम का विवाह समारोह इसी माह में होगा। लाभ पंचमी, देव दिवाली और अन्य विभिन्न त्योहार उल्लास से मनाए जाएंगे। ज्योतिषी बताते हैं कि कार्तिक मास में पवित्र स्नान दान के साथ ही जप, तप, भागवत कथा, वाल्मीकि रामायण और ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करना चाहिए। इस महीने में दीपदान का विशेष महत्व है। शाम को छत की मुंडेर पर एक दीप अवश्य जलाना चाहिए।

शरद पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा तक का मास
धार्मिक अनुष्ठान, व्रत व तप के लिए कार्तिक मास को विशेष लाभकारी माना गया है। यह शरद पूर्णिमा से आरंभ होकर कार्तिक पूर्णिमा तक चलता है। मान्यताओं के अनुसार कार्तिक महीना भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय के नाम पर है। इसी महीने में भगवान कार्तिकेय ने तारकासुर राक्षस का वध किया था। इसके अलावा कार्तिक महीना भगवान विष्णु का भी मास है। दीपदान और तुलसी पूजा का विशेष महत्व माना गया है। कार्तिक पूर्णिमा के साथ मास के समापन पर मंदिरों में देव दिवाली मनाई जाएगी और ठाकुरजी को विशेष भोग लगाया जाएगा।

मनाएंगे पंच दिवसीय दीपोत्सव
इस मास में पंच दिवसीय दीपोत्सव मनाया जाएगा, जो सनातन संस्कृति का सबसे बड़ा त्योहार है। धन त्रयोदशी से शुरू होकर रूप चतुर्दशी, दीपावली पर लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूजा पर रामा-श्यामा और भाई दूज के पर्व मनाए जाएंगे। इन पांच दिनों में दीप मालिकाएं सजी रहेगी और घरों को आकर्षक रूप से सजाया जाएगा।

कार्तिक मास में खास योग व मुहूत्र्त
खरीदारी और शुभ कार्यों के लिहाज से इस माह कई खास योग है। इसमें सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ करवा चौथ मनाई जा चुकी है। 6 नवम्बर को रवि, सर्वार्थ सिद्धि व कुमार योग रहेगा। खरीदी का महामुहूर्त पुष्य नक्षत्र का संयोग इस बार दो दिन रहेगा। 7 नवम्बर को सुबह 8 बजे से पुष्य नक्षत्र शुरू होगा, जो रविवार सुबह 9 बजे तक रहेगा। इस दिन त्रिपुष्कर व रवि योग बन रहा है। 9 व 10 नवम्बर को कुमार योग, 11 को सर्वार्थ सिद्धि योग, 12 को धनतेरस का अबूझ मुहूर्त, 14 नवम्बर को दीपावली का योग रहेगा।

जप-तप का मास है कार्तिक...
कार्तिक मास जप-तप का महीना है। इसमें कई त्योहार आएंगे। पुष्य नक्षत्र में खरीदारी का विशेष योग रहेगा। इस दिन खरीदारी करना लाभकारी माना गया है। इस माह में रवि योग, कुमार योग, सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेंगे। धनतेरस को अबूझ मुहूत्र्त माना गया है।
्र- पं.सुनील दाधीच, ज्योतिषी एवं आचार्य, नागौर