
इसके लिए राज्य पुलिस खास रणनीति बना रही है, जिसके तहत गैंग बनाकर संगठित अपराधों को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शहर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गुरुवार को राज्य पुलिस के आला अधिकारियों की बैठक में इसी रणनीति पर चर्चा हुई। इस बैठक में एडीजी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में हुई पुलिस अधिकारियों की इस विशेष बैठक में एटीएस के आईजी दिनेश एम. एन., अजमेर की आईजी मालिनी अग्रवाल, बीकानेर के आईजी विपिन कुमार पांडे के साथ ही नागौर के एसपी परिस देशमुख, बीकानेर के एसपी अमनदीप सिंह, चुरू के एसपी राहुल बारहट, जैसलमेर के एसपी गौरव यादव, जोधपुर ग्रामीण एसपी हरेन्द्र, जयपुर ग्रामीण एसपी रामकरण के साथ नागौर जिले के एएसपी, डीएसपी सहित लगभग सभी थानों के थानाधिकारी मौजूद थे। बैठक के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए एडीजी उमेश मिश्रा ने हालांकि खुलकर बैठक के एजेंडे के बारे में नहीं बताया, लेकिन आनन्दपाल सिंह के बारे में पूछे जाने पर कहा कि हालांकि इस बारे में उनका बात करना उचित नहीं होगा, लेकिन जब पुलिस एक्शन लेगी तो आपको पता चल जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य भर में चल रहे संगठित अपराधों पर लगाम लगाने के लिए रणनीति बनाने को लेकर यह बैठक हुई है। इस बैठक में पुलिस अधिकारियों, एटीएस व एसओजी के बीच आपसी तालमेल स्थापित करने पर चर्चा हुई है। इसके अलावा फील्ड व ग्राउंड में काम करने वाले अधिकारियों से भी फीडबैक लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है। शीघ्र ही इसके परिणाम भी देखने को मिलेंगे। वहीं अजमेर रेंज की आईजी मालिनी अग्रवाल ने बताया कि समूचे अजमेर रेंज में पुलिस अपराधियों पर सख्ती बरतेगी। ताकि समाज को अपराध मुक्त बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि अजमेर रेंज खासकर नागौर जिले में आदतन अपराधियों पर की गई पुलिस की सख्ती का परिणाम है कि अबकी बार क्राइम घटा है। आनन्दपाल को लेकर पूछे गए सवाल पर आईजी ने कहा कि पुलिस के प्रयासों से इस गैंग के लगभग सभी सदस्य सलाखों के पीछे हैं। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाए।
आनन्दपाल गैंग पर भी हुआ मंथन
आनन्दपाल को लेकर पत्रकारों के सवालों से अधिकारी बचे, लेकिन बैठक में आनन्दपाल ङ्क्षसह पर शिकंजा कसने के लिए अधिकारियों के बीच तालमेल, समन्वय व संवाद स्थापित किए जाने पर चर्चा हुई। आनन्दपाल सिंह गैंग व अन्य अपराधियों द्वारा अंजाम दिए जाने वाले संगठित प्रयासों पर भी लगाम लगाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके अलावा नागौर, सीकर, चुरू, बीकानेर व जोधपुर जिलों में भी आनन्दपाल गैंग के सक्रिय होने को देखते हुए इन जिलों पर फोकस रखने और पुलिस के सूचना तंत्र को मजबूती देने तथा एटीएस व एसओजी के साथ भी तालमेल बनाने पर चर्चा हुई।
Published on:
08 Dec 2016 10:22 pm
बड़ी खबरें
View Allउदयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
