
rajexcise: उपभोक्ता अधिकारों की पालना करेंगे शराब व्यवसायी, देंगे बिल
नागौर. शराब व्यवसायी अब उपभोक्ता अधिकारों की पालना को लेकर बाध्य रहेंगे। अभी तक शराब की दुकानों पर न तो बिल मिल रहा है और न शिकायत करने का कोई आधार रहता है। ऐसे में ठेकेदार मनमर्जी के दाम वसूलते हैं। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। शराब की दुकानों पर भी ग्राहकों को बिल देने की व्यवस्था रहेगी। नई आबकारी नीति में यह प्रावधान किया गया है। भारत निर्मित विदेशी मदिरा की दुकानों पर पीओएस मशीन उपलब्ध रखने के नियम बनाए गए हैं। साथ ही ग्राहक को अनिवार्य रूप से बिल दिए जाने का प्रावधान रखा है। ठेेकेदार बिल में अंकित राशि ही ले सकेंगे, जिससे ग्राहकों की जेब पर सेंध नहीं मार पाएंगे। बिल का आधार होने पर ग्राहक अपने उपभोक्ता अधिकारों के लिए भी सजग रह सकते हैं।
शिकायत भी आखिर कहां करे
अभी तक शराब की दुकानों में बिल देने की कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में ठेकेदार मनमर्जी के दाम वसूल रहे हैं। उपभोक्ता अधिकारों का हनन होने के बावजूद लोग उनके खिलाफ शिकायत नहीं कर पाते। उपभोक्ता संरक्षण मंच में किसी तरह की शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रथमदृष्टया बिल आवश्यक होता है। ऐसे में ग्राहक शिकायत भी करना चाहे तो आखिर कहां करे।
नहीं दे पाएंगे कम दामों का लालच
आबकारी महकमे ने नई नीति में कुछ कड़े प्रावधान भी किए हैं, ताकि ग्राहकों को समस्या न आए। इसके तहत अधिकतम व न्यूनतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से ज्यादा दाम वसूली पर कड़ी कार्रवाई करने का नियम बनाया है। ठेकेदार कई बार न्यूनतम मूल्य से कम दरों पर शराब बेचने का लालच देकर नजदीकी दुकान से प्रतिस्पद्र्धा करते हैं, लेकिन इस प्रावधान से ऐसा नहीं कर पाएंगे। शराब बेचने के लिए इसमें न्यूनतम व अधिकतम मूल्य निर्धारित कर रखा है।
निर्धारित मूल्य पर ही होगा बेचान
नई आबकारी नीति में स्पष्ट रूप से प्रावधान किया है कि शराब का बेचान निर्धारित दामों पर ही किया जा सकेगा। नियमों के तहत अनुज्ञाधारी राज्य सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम विक्रय मूल्य से कम दर पर एवं निर्धारित अधिकतम मूल्य से अधिक दर पर मदिरा का विक्रय नहीं कर सकेंगे। अधिकतम विक्रय मूल्य से अधिक दर पर विक्रय करने पर अनुज्ञाधारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
यह भी रहेगा कुछ खास
- दुकान के दरवाजे के पास प्रमुख ब्रांडों का मूल्य प्रदर्शित करने वाली सूची
- अधिकतम खुदरा मूल्य सूची स्पष्ट व पठनीय एवं निर्धारित साइज में रहेगी
- सूची ऐसे स्थान पर लगानी होगी, जहां से ग्राहक आसानी से पढ़ व देख सके
- दुकानों को स्वच्छ रखना होगा तथा नियमित रूप से साफ-सफाई करनी होगी
- दुकान में स्टॉक को व्यवस्थित व विभिन्न ब्रांड को प्रदर्शित रूप से रखना होगा।
सहूलियत मिलेगी...
आबकारी नीति में इस बार अच्छे प्रावधान किए गए हैं। बिल देने का सिस्टम होने से ग्राहकों को सहूलियत मिलेगी। ठेकेदारों के लिए भी यह फायदेमंद ही रहेगा।
- गेमराराम, जिला आबकारी अधिकारी, नागौर
Published on:
18 Feb 2020 11:31 am
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