
नावांशहर. ट्रेनों के ठहराव व स्टेशन पर सुविधा विस्तार की मांग को लेकर 7 वें दिन लोगों में आक्रोश नजर आया। नमक नगरी में पूर्णतया लॉकडाउन रहा। शहर में सुबह से ही बाजार नहीं खुला। आंदोलन के समर्थन में स्कूल, नमक व चक्की फैक्ट्रियां बंद रहे। आक्रोश रैली निकालकर रेल प्रशासन व केन्द्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। मांगों को पूरा करने के लिए 22 अगस्त तक का समय दिया गया।
जानकारी के अनुसार शनिवार को सुबह कुमावत समाज राधा कृष्ण मंदिर से एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन करते हुए शहर के लोगों ने रैली निकाली। रैली में बड़ी संख्या में शहर के लोग शामिल हुए। रैली बाग के गणेश मन्दिर से तहसील रोड से बालिका स्कूल चौराहे पर एकत्र हुए। जयकारों के साथ रेलवे स्टेशन पर मांगों को पूरी कराने के लिए रेल मंत्री व रेलवे प्रशासन को अवगत कराया। इसी दौरान नमक में लदान व नमक का कार्य करने वाले दर्जनों ट्रैक्टर भी रैली में समर्थन करते हुए पुरानी रेलवे स्टेशन से नावां रेलवे स्टेशन तक रैली के साथ शामिल रहे।
शहर के बाजार पूरी तरह से बंद रहे। रैली दो किलोमीटर लंबी थी, जिसमें एक किलोमीटर तक तो ट्रैक्टर ही दिखाई पड़े। सुरक्षा के लिए नावां, मारोठ थाने का पुलिस जाब्ता और फुलेरा व मकराना रेलवे पुलिस के जवान तैनात रहे। रेलवे की ओर से तीसरी बार अनशनकर्ता मनोज गंगवाल व क्रमिक अनशनकर्ताओं से वार्ता की।
जिसमें सहायक सुरक्षा आयुक्त घनश्याम मीणा के साथ तहसीलदार ने दोपहर को मांगों को लेकर कहा कि वाजिब मांगों को मान लिया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया। लेकिन वार्ता सफल नहीं हुई और दो-टूक में गंगवाल ने लिखित में ऑर्डर लाने व क्षेत्रवासियों की मांग पूरी होने को कहा। अनशन पर बैठे गंगवाल की जांच की गई।
Published on:
20 Aug 2023 10:55 am
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