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मेड़ता के चाइना क्ले की विदेशों में धूम, नेपाल के लिए 2550 एमटी रैक में माल लोड

राधेश्याम शर्मा मेड़ता सिटी.टाइल्स, टूल्स सहित सैनेट्री सामान बनाने के उपयोग में आने वाला चाइना क्ले मेड़ता सिटी से तीसरी बार विदेश जाएगा। मेड़ता से बिहार और फिर वहां से नेपाल के वीरंगज के लिए रेलवे स्टेशन यार्ड पर शुक्रवार से चाइना क्ले लोडिंग का कार्य शुरू हुआ। जुंझाला का 2550 मिट्रिक टन चाइना क्ले मेड़ता से नेपाला जाएगा। इससे पहले मेड़ता से दो बार 2015 और 2017 में इंदावड़ का चाइना क्ले बांग्लादेश भी भेजा जा चुका है।

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मेड़ता के चाइना क्ले की विदेशों में धूम

मेड़ता सिटी. मेड़ता रेलवे स्टेशन यार्ड पर गुड्स टे्रन में चाइना क्ले के कट्टे लोड करते श्रमिक।


-तिसरी बार विदेश जाएगा चाइना क्ले
नेपाल के लिए 2550 एमटी रैक में माल लोड

- जुंझाला का चाइना क्ले यहां से बिहार और फिर नेपाल के वीरगंज तक जाएगा
- इससे पहले 2015 और 2017 में दो बार बांग्लादेश गया था इंदावड़ का चाइना क्ले

पत्रिका: खास खबर

दरअसल, गुड्स ट्रेन से चाइना क्ले पहली बार नेपाल जा रहा है। गुड्स ट्रेन में माल लोड करवा रहे बीकानेर निवासी राहुल वर्मा ने बताया कि नेपाल रैक भेजने के लिए ट्रकों में लोडिंग शुरू करवाने के बाद 60 वैगन की रैक देर रात मेड़ता से रवाना हुई। पहले यह रैक बिहार के समस्तीपुर और बाद में वहां से नेपाल के वीरगंज तक जाएगा।

2017 में पहली बार दर्शना रेलवे स्टेशन तक गई थी चाइना क्ले की रैक

खनिज उत्पाद चाइना-क्ले को लेकर विश्व पटल पर अपनी पहचान बना चुके मेड़ता के समीपस्थ इंदावड़ का चाइना क्ले दो बार बांग्लादेश जा चुका है। मेड़ता रेलवे स्टेशन से इंदावड़ के चाइना-क्ले से भरी एक रैंक 2015 में भी बांग्लादेश गई थी। उस समय रैंक से चाइना क्ले के कट्टे दोनों देशों की सीमा क्षेत्र के सूखे बंदरगाह पर उतारा गया था। इसके बाद मई 2017 में भारतीय रेलवे की 2300 मिट्रिक टन चाइना-क्ले से भरी रैक पहली बार बांग्लादेश के सीमावर्ती दर्शना रेलवे स्टेशन तक गई थी। इस तरह चाइना-क्ले ने इंदावड़ गांव को विदेशों में पहचान दी है।

इन देशों को भी जा चुका है चाइना-क्ले
इंदावड़, लुणियास, जुंझाला का चाइना-क्ले बांग्लादेश के अलावा कांदला पोर्ट से दुबई तथा सडक़ मार्ग के रास्ते नेपाल, भूटान सहित कई देशों तक पहले भी जा चुका है। इसमें ध्यान देने वाली एक बात यह भी है कि पहले सडक़ मार्ग के जरिए नेपाल तक जाने वाला चाइना क्ले अब ट्रेन के माध्यम से जाएगा। जिससे चाइना-क्ले मंगवाने वाले नेपाल के व्यापारियों को भी आर्थिक रूप से फायदा होगा। इसके अलावा इंदावड़ का चाइना-क्ले भारत के अंदर गुजरात के मोरबी, महाराष्ट्र, कनार्टक, पश्चिमी बंगाल सहित कई राज्यों में भी जाता है।

... इसलिए कॉमर्शियल स्टेशन बन रहा है मेड़ता

दरअसल, जोधपुर मंडल का मेड़ता सिटी रेलवे स्टेशन यातायात के लिहाज से प्वाइंट जीरो जैसी स्थिति वाला है यानी कि यहां पूरे दिन में मेड़ता रोड से मेड़ता सिटी के बीच डीमएयू ट्रेन के दो फेरे ही होते हैं। इसके बाद ट्रेक दिनभर वीरान पड़ी रहती है। पाली जिले के रास से अंबुजा सीमेंट तथा जिले के इंदावड़, लुणियास, जुंझाला के चाइना क्ले खदानों से सीमेंटर तथा चाइना क्ले परिवहन को लेकर मेड़ता रेलवे स्टेशन नजदीकी तथा नाममात्र के यातायात को लेकर सुविधाजनक है। ऐसे में रेलवे ने भी मेड़ता सिटी को बतौर कॉमर्शियल स्टेशन के रूप में विकसित कर आय हासिल करना शुरू किया है। अंबुजा सीमेंट के लिए तो रेलवे ने मेड़ता से करीब 4 किमी दूर ट्रेक पर ही अस्थायी लोडिंग प्लांट भी स्थापित कर दिया है। वहां से ही सीमेंट का कच्चा मेटेरियल कलिंजर एवं तैयार सीमेंट के कट्टे वैगनों में लदान हो रहे हैं। अगर मेड़ता स्टेशन से ऐसे ही माल लोड होता रहा तो जल्द ही यह जोधपुर मंडल का एक बड़ा कॉमर्शियल स्टेशन बनकर उभरेगा।