
मेड़ता सिटी. शोभायात्रा में ध्वज के साथ चलते हुए राजपूत समाज के महिला-पुरुष।
मेड़ता सिटी (नागौर). बुधवार के सुबह सवा दस बजे नगर सेठ चारभुजानाथ का मंदिर श्रद्धालुओं से भरा था। मौका था 518वें मीरा जयंती महोत्सव के शुभारम्भ का। ठाकुरजी, लड्डूगोपाल और मीराबाई की प्रतिमा मंदिर के गर्भगृह से लाकर नवचौकी स्थित रजत रेवाड़ी में विराजित की गई। मीरा महोत्सव के मुख्य यजमान थानवी परिवार ने रजत रेवाड़ी में विराजे ठाकुरजी की विधिविधान से पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही मीरा महोत्सव 2022 का आगाज हो गया। इसके बाद राजपूत समाज के लोग ध्वज लेकर चारभुजा मंदिर पहुंचे। मंदिर के शिखर पर सुबह 10.30 बजे ध्वजारोहण किया। उसके बाद मीरा स्मारक में राजपूत समाज की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मीरा महोत्सव को लेकर चारभुजा मंदिर परिसर में सुबह छह बजे से ही चहल-पहल शुरू हो गई है। शहर के लोगों में खासा उत्साह था। रंगीन झालरे, गुब्बारे व फूलों से सजे मंदिर में श्रद्धालु ठाकुरजी के दर्शन करने पहुंचने लगे। ठाकुरजी को रजत रेवाड़ी में विराजित किया गया। मुख्य यजमान रतनलाल थानवी, पूर्व नगरपालिकाध्यक्ष अनिल थानवी, रेणुका थानवी, अनमोल थानवी सहित परिवार के सदस्यों ने पंडित लक्ष्मीनारायण व्यास, शांतिप्रकाश व्यास, मनीष व्यास, राकेश व्यास, पंकज व्यास के मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा की। इस दौरान पालिकाध्यक्ष गौतम टाक, मीरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश बिड़ला, महामंत्री राजीव पुरोहित, स्वर्णकार एवं सर्राफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष धर्मीचंद सोनी, मीरा महिला मंडल अध्यक्ष उमा शर्मा रजत, जगदीशप्रसाद जाजू, पार्षद कैलाश कंदोई, अशोक जोशी, व्रिकम शर्मा, सत्यनारायण सबलानिया सहित श्रद्धालु मौजूद रहे।
इधर, राजपूत समाज के लोग बस स्टैंड स्थित चारभुजा छात्रावास से ध्वज लेकर मीरा मंदिर के लिए रवाना हुए। सफेद वस्त्र धारण किए पुरुष और केसरिया, पीली पोशाक पहने महिलाएं ध्वज शोभायात्रा में शामिल हुई। बस स्टैंड से गांधी चौक, श्रीराम ज्वैलर्स चौराहा, भंडारी बिल्डिंग सहित प्रमुख मार्गो से होते हुए ध्वजयात्रा चारभुजा मंदिर पहुंची। यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। मंदिर में भी ध्वज लेकर पहुंचे राजपूत समाज के लोगों का स्वागत किया। इसके बाद ध्वज का भी विधिवत रूप से पूजनकर समाज के युवाओं ने मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया ।
दिव्य आत्मा थी मीरा : महंत प्रताप पुरी
रजत रेवाड़ी स्थापना व ध्वजारोहण के बाद मीरा स्मारक में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें बाड़मेर के तारातरा मठ के महंत प्रतापपुरी महाराज, नांद पुष्कर के राजऋषि समताराम महाराज, बल्लभनगर विधायक प्रीति शक्तावत, भैरुंदा प्रधान जसवंत सिंह ने भक्त शिरोमणि मीरा की पूजा-अर्चना कर समारोह का शुभारम्भ किया।
तारातरा मठ के महंत ने कहा कि हम सब लोग अपनी आस्था और मीरा की भक्ति से जुड़े हुए हैं। अपनी जड़ों से जुड़कर कुछ नया सृजन करना चाहते है। ऐसी पावन धरा, ऐसा पवित्र समाज और पवित्र देश हम सबको सौभाग्य से प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मीरा एक दिव्य आत्मा थी। वो त्याग, विश्वास, भक्ति, समर्पण, श्रद्धा, सत्य की प्रतिमूर्ति थी। मीराबाई ने जो यश-कीर्ति हासिल की वो हमारे मानस पटल पर आज भी अमिट है। इस दौरान विधायक शक्तावत ने कहा कि भक्त शिरोमणि मीराबाई ने कई कष्ट झेलकर भगवान की भक्ति की और अपनेआप को पाया। यहां के कण-कण में भक्ति समाई हुई है। कार्यक्रम में पूर्व प्रधान भंवरसिंह, शिवप्रताप सिंह ईडवा, किशन सिंह चांपावत, क्षत्रिय सेवा समिति डेगाना राजपूत समाज के अध्यक्ष अजीत सिंह, झगड़ावास सरपंच छोटूसिंह, शिम्भुसिंह तिलानेस, हरदयाल सिंह, भवानी सिंह, गोपाल सिंह, हनुमान सिंह, गुलाब सिंह सहित बड़ी संख्या में राजपूत समाज के महिला-पुरुष मौजूद रहे।
मंदिर में शुरू हुआ खड़ी सप्ताह
मीरा महोत्सव के शुभारम्भ के साथ ही चारभुजा मंदिर में खड़ी सप्ताह (अखंड हरि-कीर्तन) का शुभारम्भ हुआ। पहली बार राजपूत समाज की महिलाएं भी खड़ी सप्ताह में शामिल हुई। यहां अलग-अलग समाज की महिलाओं ने चारभुजा नाथ, भगवान श्रीकृष्ण और मीराबाई के भजन गाए।
Published on:
03 Aug 2022 10:52 pm
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