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अब विधायक बेनीवाल ने अब इस मामले में लगाए सरकार पर गंभीर आरोप

खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान के नागौर के डेगाना में महाभारत कालीन मंदिर को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने पर सरकार को लेकर दिया यह बयान

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hanuman beniwal

खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

-विधायक बेनीवाल के सवाल में दी सरकार ने जानकारी
नागौर. जिले के डेगाना क्षेत्र के आधोजाई गांव स्थित महाभारकालीन मंदिर के विकास को लेकर सरकार के पास कोई कार्य योजना नहीं है। खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल के विधानसभा सवाल के जवाब में सरकार की ओर से यह जानकारी दी गई है। सरकार के उत्तर से स्पष्ट है कि सरकार इस ऐतिहासिक मंदिर के संरक्षण को लेकर गंभीर भी नहीं है। डेगाना तहसील के आधोजाई गांव स्थित महाभारतकालीन अभिमन्यु के पौत्र राजा जन्मजेय तथा निकट में ही रेवंत पहाड़ी पर जन्मजेय की घोड़ी का मंदिर राज्य के पुरातत्व विभाग व भारतीय पुरातत्व विभाग में संरक्षित स्मारक नहीं है।
सरकार के पास नहीं योजना
विधायक बेनीवाल ने बताया कि उन्होंने विधानसभा में अपने मूल सवाल में इन दोनों स्थानों के विकास व शिलालेख से जुड़ी जानकारी मांगी थी। उनके सवाल के जवाब में राज्य सरकार के कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग ने लिखित में जानकारी दी है कि इन दोनों स्थानों को विकसित करने के लिए सरकार के पास कोई कार्य योजना नहीं है। विधायक बेनीवाल ने आरोप लगाया कि पुरातात्विक महत्व के स्थानों को संरक्षित करने व उनके विकास को लेकर सरकार गंभीर नहीं है।
अवकाश के दिन भी खुलेगा कोषागार
कोषाधिकारी किशोर कुमार गावडिया ने बताया कि 30 व 31 मार्च को राजकीय अवकाश के बावजूद वित्त वर्ष 2017-18 की समाप्ति को ध्यान में रखते हुए कोषालय व उप कोषालय कार्यालय खुले रहेंगे। गावडिय़ा ने बताया कि 30 व 31 मार्च को एजेन्सी बैंकों में अवकाश नहीं होने के कारण वित्त विभाग के निर्देशानुसार कोषालय एवं उपकोषालय कार्यालयों में निहित कार्य किया जाएगा। कोषाधिकारी ने बताया कि आहरण वितरण अधिकारी द्वारा ऑनलाइन बिल सिस्टम के माध्यम से ऑन लाईन बिल फॉरवर्ड किए जाकर संबंधित बिल की हार्डकॉपी 31 मार्च को अपरान्ह 3 बजे तक कोषालय, उपकोषालयों में आवश्यक रूप से प्रस्तुत की जाए।
अधिकारियों को किया पाबंद
उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभागाध्यक्षों के माध्यम से सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों को पाबन्द किया गया है। 31 मार्च को प्राप्त बिलों को उसी दिन शाम 6 बजे तक पारित कर कोषालय, उपकोषालयों द्वारा सॉॅफ्टकॉपी बैंकों को ऑनलाईन भुगतान के लिए अग्रेषित कर दी जाएगी। निर्धारित अवधि में बिल कोषालय में प्रेषित नहीं करने अथवा आक्षेपित बिलों का समय पर निस्तारण नहीं किए जाने एवं उपलब्ध बजट का समय पर उपयोग नहीं होने की स्थिति में आहरण एवं वितरण अधिकारी उत्तरदायी होंगे।
सामान्य दिनों की भांति होगा काम
स्थानीय निकाय निदेशालय ने एक आदेश जारी कर अवकाश के दिन भी प्रदेश भर की नगर परिषद, नगर पालिका व नगर निगम कार्यालय खुले रखने के लिए कहा है। निदेशक व संयुक्त सचिव पवन अरोड़ा ने लिखा है कि मार्च के अंतिम पखवाड़े में केवल तीन कार्य दिवस ही होने व नगरीय निकायों की ओर से राजस्व वसूली के प्रयासों को ध्यान में रखते हुए अवकाश के दौरान कार्यालय खुले रखकर सामान्य दिनों की भांति कामकाज किया जाए। अब विधायक बेनीवाल ने अब इस मामले में लगाए सरकार पर गंभीर आरोप
खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान के नागौर के डेगाना में महाभारत कालीन मंदिर को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने पर सरकार को लेकर दिया यह बयान
-विधायक बेनीवाल के सवाल में दी सरकार ने जानकारी
नागौर. जिले के डेगाना क्षेत्र के आधोजाई गांव स्थित महाभारकालीन मंदिर के विकास को लेकर सरकार के पास कोई कार्य योजना नहीं है। खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल के विधानसभा सवाल के जवाब में सरकार की ओर से यह जानकारी दी गई है। सरकार के उत्तर से स्पष्ट है कि सरकार इस ऐतिहासिक मंदिर के संरक्षण को लेकर गंभीर भी नहीं है। डेगाना तहसील के आधोजाई गांव स्थित महाभारतकालीन अभिमन्यु के पौत्र राजा जन्मजेय तथा निकट में ही रेवंत पहाड़ी पर जन्मजेय की घोड़ी का मंदिर राज्य के पुरातत्व विभाग व भारतीय पुरातत्व विभाग में संरक्षित स्मारक नहीं है।
सरकार के पास नहीं योजना
विधायक बेनीवाल ने बताया कि उन्होंने विधानसभा में अपने मूल सवाल में इन दोनों स्थानों के विकास व शिलालेख से जुड़ी जानकारी मांगी थी। उनके सवाल के जवाब में राज्य सरकार के कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग ने लिखित में जानकारी दी है कि इन दोनों स्थानों को विकसित करने के लिए सरकार के पास कोई कार्य योजना नहीं है। विधायक बेनीवाल ने आरोप लगाया कि पुरातात्विक महत्व के स्थानों को संरक्षित करने व उनके विकास को लेकर सरकार गंभीर नहीं है।

अवकाश के दिन भी खुलेगा कोषागार
कोषाधिकारी किशोर कुमार गावडिया ने बताया कि 30 व 31 मार्च को राजकीय अवकाश के बावजूद वित्त वर्ष 2017-18 की समाप्ति को ध्यान में रखते हुए कोषालय व उप कोषालय कार्यालय खुले रहेंगे। गावडिय़ा ने बताया कि 30 व 31 मार्च को एजेन्सी बैंकों में अवकाश नहीं होने के कारण वित्त विभाग के निर्देशानुसार कोषालय एवं उपकोषालय कार्यालयों में निहित कार्य किया जाएगा। कोषाधिकारी ने बताया कि आहरण वितरण अधिकारी द्वारा ऑनलाइन बिल सिस्टम के माध्यम से ऑन लाईन बिल फॉरवर्ड किए जाकर संबंधित बिल की हार्डकॉपी 31 मार्च को अपरान्ह 3 बजे तक कोषालय, उपकोषालयों में आवश्यक रूप से प्रस्तुत की जाए।
अधिकारियों को किया पाबंद
उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभागाध्यक्षों के माध्यम से सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों को पाबन्द किया गया है। 31 मार्च को प्राप्त बिलों को उसी दिन शाम 6 बजे तक पारित कर कोषालय, उपकोषालयों द्वारा सॉॅफ्टकॉपी बैंकों को ऑनलाईन भुगतान के लिए अग्रेषित कर दी जाएगी। निर्धारित अवधि में बिल कोषालय में प्रेषित नहीं करने अथवा आक्षेपित बिलों का समय पर निस्तारण नहीं किए जाने एवं उपलब्ध बजट का समय पर उपयोग नहीं होने की स्थिति में आहरण एवं वितरण अधिकारी उत्तरदायी होंगे।
सामान्य दिनों की भांति होगा काम
स्थानीय निकाय निदेशालय ने एक आदेश जारी कर अवकाश के दिन भी प्रदेश भर की नगर परिषद, नगर पालिका व नगर निगम कार्यालय खुले रखने के लिए कहा है। निदेशक व संयुक्त सचिव पवन अरोड़ा ने लिखा है कि मार्च के अंतिम पखवाड़े में केवल तीन कार्य दिवस ही होने व नगरीय निकायों की ओर से राजस्व वसूली के प्रयासों को ध्यान में रखते हुए अवकाश के दौरान कार्यालय खुले रखकर सामान्य दिनों की भांति कामकाज किया जाए।