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नागौर. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ( MNREGA )के अंतर्गत जिले में कार्यरत संविदा कार्मिकों के काम पर नहीं लौटने पर कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जवाहर चौधरी ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जिले में 287 संविदाकर्मी हड़ताल या स्वेच्छा से अनुपस्थित चल रहे हैं। जिसके कारण योजना में श्रम नियोजन, कार्य सम्पादन, मूल्यांकन एवं श्रमिकों के भुगतान की कार्रवाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
तीन दिन का दिया समय
सीईओ चौधरी ने बताया कि जिला कार्यक्रम समन्वयक (ईजीएस) एवं जिला कलक्टर के निर्देशानुसार स्वेच्छा से अनुपस्थित व हड़ताल पर चल रहे तीन अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, 61 जेटीए, 28 लेखा सहायक व 5 ब्लॉक एमआईएस समेत 97 संविदा कार्मिकों (जिनका अनुबंध जिला स्तर पर है) के विरुद्ध नोटिस जारी कर तीन दिन में कार्य पर उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों की पालना नहीं करने पर मनरेगा अधिनियम के तहत अनुबंध की शर्त 06(11) का उल्लंघन मानकर संंविदा सेवाएं समाप्त कर दी जाएगी।
बीडीओ को दिए निर्देश
इन संविदा कर्मचारियों के अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर अनुबंध वाले शेष 190 संविदा कार्मिकों के विरुद्ध मनरेगा अधिनियम एवं अनुबंध शर्तों के तहत अविलम्ब कार्रवाई करने के लिए विकास अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि मनरेगा संविदा कार्मिकों के अनुपस्थित रहने से नागौर जिले मेंं मनरेगा के अंतर्गत श्रम नियोजन लगातार कम हो रहा है व कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापित हो
राजस्थान विकास एवं लोकसेवा परिषद ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर उच्च न्यायालय की खंडपीठ खोलने की मांग की है। प्रदेशाध्यक्ष रविशंकर व्यास व महामंत्री चन्द्रशेखर श्रीमाली ने ज्ञापन में लिखा है कि प्रदेश के समस्त संभाग मुख्यालयों के साथ-साथ सीमावर्ती दूरस्थ जिलों में उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापित की जाए।
Published on:
18 May 2018 07:33 pm
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