जिले के 110 कर्मचारियों से वसूली जाएगी 24 लाख से अधिक राशि

3 दिन का अल्टीमेटम, जुर्माना राशि जमा नहीं करवाई तो होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

By: shyam choudhary

Published: 29 Jul 2021, 12:20 PM IST

नागौर. गरीबों का गेहूं डकारने वाले सरकारी कर्मचारियों से वसूली करने की कार्रवाई तेज हो गई है। रसद विभाग ने जिले के 110 कर्मचारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए तीन दिन में राशि जमा नहीं कराने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है।
गौरतलब है कि अपात्र होने के बावजूद खाद्य सुरक्षा एक्ट का लाभ लेने वाले सरकारी कर्मचारियों से रसद विभाग द्वारा जुर्माना राशि वसूली जाने का अभियान पिछले काफी दिनों से चल रहा है। इसी अभियान के तहत जिला कलक्टर के निर्देशानुसार तीन विभागों के 110 कर्मचारियों (शिक्षा विभाग के 85, पुलिस विभाग के 38 व चिकित्सा विभाग के 7) से 24 लाख 57 हजार 339 रुपए की जुर्माना राशि वसूली जानी है।
जिला रसद अधिकारी पार्थसारथी ने बताया कि अपात्र होने के बावजूद खाद्य सुरक्षा एक्ट के तहत मिलने वाले सरकारी गेहूं का उपभोग करने वाले जिन 110 सरकारी कर्मचारियों से जुर्माना राशि वसूली जानी है, वे पुलिस, शिक्षा व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। जिला रसद अधिकारी ने बताया कि इन तीनों विभागों के सम्बन्धित कर्मचारियों की सूची जिला पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला शिक्षा अधिकारी को भिजवाई जा चुकी है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने तीनों विभागों के जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सम्बन्धित कर्मचारियों को 3 दिन की अवधि के अंदर रसद विभाग में जुर्माना राशि जमा करवाने के लिए आदेशित करें। 3 दिन के अंदर जो भी कर्मचारी जुर्माना राशि रसद विभाग में जमा नहीं करवाएगा, उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के साथ-साथ वेतन से कटौती की जाएगी।

जिले में डाकघर के 31 एसओ कार्यालय किराए के भवनों में हो रहे संचालित
नागौर. लोकसभा में बुधवार को आरएलपी संयोजक व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के सवाल पर संचार मंत्रालय ने लिखित जवाब देते हुए कहा कि नागौर जिले में 31 स्थानों पर डाकघरों के एसओ कार्यालय किराए के भवन में चल रहे हैं, जबकि 3 एसओ कार्यालय ही सरकारी भवनों में चल रहे हैं। वहीं ग्रामीण डाकघरों के आधुनिकीकरण करने व भवन निर्माण से जुड़े बिंदु पर मंत्रालय ने बताया कि ग्रामीणों क्षेत्रों में संचालित डाकघरों को शामिल करते हुए लागत-लाभ- विश्लेषण, व्यवहारिक आवश्यकता व निधियों की उपलब्धता के आधार पर अपने उपलब्ध भूखण्डों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त डाक भवनों का निर्माण करने सम्बन्धी नीति है, वहीं डाकघरों का निर्माण भूमि व निधि की उप्लब्धता के आधार पर किया जाता है।

shyam choudhary Reporting
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