नागौर. गर्मी को ध्यान में रखते हुए जलदाय विभाग की ओर से अवैध जल कनेक्शन अभियान तेज किया जाएगा। विभागीय सूत्रों की माने तो अकेले शहर क्षेत्र में संभावित तौर पर अवैध जल कनेक्शनों की संख्या ढाई हजार से ज्यादा बताई जा रही है। इसको ध्यान में रखते हुए शहर क्षेत्र के अभियंता कार्यालय में मंगलवार को हुई बैठक में अवैध जल कनेक्शन अभियान को तेज करने के साथ ही छिपे हुए अवैध कनेक्शनों को विच्छेद करने के लिए सात टीमें बनाई गई। यह टीम अपने-अपने क्षेत्र में हर दिन के जांच की स्थिति की पूरी जानकारी अपने अधिकारियों को देगी। इस दौरान किसी को अवैध जल कनेक् शन मिलते हैं तो इसकी तस्दीक कर इसकी सूचना तुरन्त देनी होगी। ताकि इसको विच्छेद करने के लिए तत्काल कदम उठाया जा सके। इसके साथ ही अवैध रूप से जल परिवहन एवं टंकियों से वितरित होने वाली व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
जलदाय विभाग के अधिकारियों के अनुसार हालांकि अभी नहरबंदी चालू तो नहीं हुई है, लेकिन होने पर अवैध कनेक्शनों के चलते स्थिति विकट हो सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए जोनवार टीमें बनाई गई है। अधिकारियों का कहना है पूरे शहर क्षेत्र में अवैध जल कनेक्शनों को खंगाला जाएगा। इसके साथ ही जलापूर्ति होने के बाद भी संबंधित क्षेत्रों में पानी नहीं मिलने की शिकायतें मिलने पर उसे प्राथमिकता से देखा जाएगा। विशेषकर ऐसे क्षेत्रों में सूक्ष्मता से सभी कनेक्शनों की जांच कराई जाएगी। गर्मी के पहले पूर्व में हुए सर्वे में प्राथमिक तौर पर अवैध जल कनेक्शनों की संख्या ढाई हजार से ज्यादा सामने आई थी। हालांकि इसके बाद अभियान चलाकर ऐसे कई कनेक्शनों को विच्छेद कर दिया गया है। इसके बाद भी कुछ क्षेत्रों में अवैध जल कनेक्शनों की वजह से स्थिति पूर्णतय: सुचारु नहीं हो पा रही है। इसके लिए विभाग के कनिष्ठ अभियंता के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। इन क्षेत्रों की जांच कनिष्ठ अभियंता टीम के साथ खुद पहुंचकर करेंगे। इसमें जांच के दौरान अवैध जल कनेक्शन मिलने पर न केवल कनेक्शन कटेगा, बल्कि संबंधित के खिलाफ विधिक कार्रवाई भी होगी। इसके साथ ही टीम को जलापूर्ति के दौरान उच्च जलाशय वाले क्षेत्रों से लेकर आपूर्ति वाले क्षेत्रों पर भी निगरानी रखे जाने के लिए कहा गया है।
अवैध जल परिवहन पर भी रहेगी नजर
जलदाय विभाग के अनुसार घरों के टांके से टेंकर में जल परिवहन नहीं किया जा सकता है। इसको लेकर भी चर्चा की गई। हालांकि इस संबंध में टेंकर चालकों को विभाग की ओर से चेतावनी तो जारी कर दी गई है, लेकिन इसके बाद भी ऐसा करते पकड़े जाने पर उनके खिलाफ भारी-भरकम जुर्माना लगाए जाने के साथ ही थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। इस दौरान क्षेत्रवार लोगों से आग्रह भी किया जा रहा है कि वह अवैध जल परिवहन होने की स्थिति में विभाग को इसकी सूचना दे सकते हैं। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। इसके लिए जोनवार उपभोक्ताओं को विभाग के नंबर भी दिए जा रहे हैं।
लीकेज को भी सही करेंगे
जलदाय विभाग के अनुसार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अक्सर जलापूर्ति के दौरान रिसाव होने से भी पानी बहने के मामले आते रहते हैं। इसको विभाग गंभीरता से ले रहा है। इसको लेकर कर्मचारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि ऐसी सूचनाएं मिलने पर वह खुद मौके पर पहुंचेंगे, और वस्तुस्थिति देखकर इसकी जानकारी अपने अधिकारियों को देंगे। आंशिक समस्या होने की स्थिति में वह विभाग को सूचित कर खुद ही इसकी मरम्मत कर सकते हैं। इस संबंध में लोगों से कहा जा रहा है कि वह विभाग को इसकी जानकारी फोन कर दे सकते हैं।
इनका कहना है…
गर्मी को ध्यान में रखते हुए अवैध जल कनेक्शन अभियान में और तेजी लाई जाएगी। आपूर्ति के पश्चात भी पानी न मिलने वाले क्षेत्रों में जल कनेक्शनों की जांच सूक्ष्मता से होगी। जांच के लिए केवल शहरी क्षेत्रों में निगरानी के लिए सात टीमें बनाई गई है। सभी को रोजाना आपूर्ति के दौरान निगरानी रखे जाने के विशेष निर्देश दिए गए हैं।
सत्यनारायण बरोड़, सहायक अभियंता जलदाय विभाग