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Nagaur patrika…जलापूर्ति दुरुस्त होने के दावों के बीच मंहगी दरों पर पानी मंगाने के लिए मजबूर आम…VIDEO

नागौर. जलदाय विभाग की ओर से जलापूर्ति दुरुस्त होने के दावों के बाद भी टेंकरों से जल परिवहन बढ़ा है। जल उपलब्धता के लिए मंहगी दरों से टेंकरों से पानी मांगाकर इसकी पूर्ति कराई जा रही है। पानी की बढ़ती मांग के बीच निजी टेंकर चालक भी चांदी कूटने में लगे हुए हैं। अकेले नागौर […]

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नागौर. जलदाय विभाग की ओर से जलापूर्ति दुरुस्त होने के दावों के बाद भी टेंकरों से जल परिवहन बढ़ा है। जल उपलब्धता के लिए मंहगी दरों से टेंकरों से पानी मांगाकर इसकी पूर्ति कराई जा रही है। पानी की बढ़ती मांग के बीच निजी टेंकर चालक भी चांदी कूटने में लगे हुए हैं। अकेले नागौर शहर में ही सूत्रों की माने तो चार दर्जन से ज्यादा टेंकर लोगों की मांग पर स:शुल्क उनके घरों में पानी पहुंचा रहे हैं। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में तो हालत खराब है, समक्ष तो मंगा ले रहे हैं, लेकिन कइयों को तो पानी की तलाश में भटकना पड़ रहा है।
टेंकर्स की दरें बढ़ी
जल संकट नहीं होने के दावों के बीच कई जगहों पर अभी भी जलापूर्ति की स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं है। पेयजल की आपूर्ति तो होती है, लेकिन कई जगहों पर पानी पर्याप्त मात्रा में पहुंचता ही नहीं है। अब ऐसे में पानी के बढ़ते संकट के बीच मौके का फायदा उठाते हुए टेंकर से जल परिवहन करने वालों ने प्रति टेंकर्स ने अपनी दरें 800 से 1000 तक कर दी है। कईयों को मजबूरी में टेंकर से पानी मंगाना ही पड़ता है। सूत्रों की माने तो अनुमानत: केवल शहर क्षेत्र में ही एक दिन से चालीस से पचास टेंकर्स से प्रतिदिन प्राईवट चालक जल परिवहन कर रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में हालात का अंदाजा खुद-ब-खुद लगाया जा सकता है। बढ़ती गर्मी से उपजे जल संकट के बीच टेंकर्स चालक र दोनों हाथों से चांदी कूटने में लगे हुए हैं। इस संबंध में जलदाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई जगहों पर राइजिंग लाइनों में से ही अवैध कनेक्शन जोड़े जाने के चलते पानी प्रेशर प्रभावित होता है। इससे कुछ जगहों पर आपूर्ति पर्याप्त नहीं हो पाती है। इसकी भी विभाग की ओर से जांच की जा रही है।
अधिकारियों का दावा, सभी तक पहुंचाएंगे पानी
जल संकट से जूझ रहे शहरवासियों को पेयजल की उपलब्धता कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसा दावा जलदाय के अधिकारी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनके विभाग की ओर से प्रतिदिन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जलापूर्ति की जांच कराई जा रही है। कहीं पर जलापूर्ति को लेकर संकट की स्थिति है तो विभाग के नंबरों पर कॉल कर जानकारी दी जा सकती है।
पानी माफियाओं को नहीं बख्शेंगे
जलदाय विभाग के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में फिलहाल वह जलापूर्ति व्यवस्थाओं को सामान्य बनाए रखने की कोशिश में लगे हुए हैं। इसी के चलते पानी चोरी करने वाले पानी माफिया एवं अवैध कनेक्शनों के खिलाफ चल रहे अभियान में हालांकि दर्जनों की संख्या में अवैध जल कनेक्शनों को विच्छेद करने के साथ ही अवैध रूप से जल परिवहन करने वाले टेंकर्स भी पकड़े तो गए, लेकिन इनके हौसले अभी भी बुलंद हैं। अधिकारियों का कहना है कि शहर की करीब डेढ़ लाख की आबादी एवं चौबीस टकियों में जलापूर्ति व्यवस्था को सुनिश्चित बनाए रखने पर फिलहाल उनका पूरा विभाग लगा हुआ है।
इनका कहना है…
जलापूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए विभाग की ओर से हरसंभव कदम उठाए गए हैं। जोनवार टीमें गठित कर जांच कराई जा रही है। अवैध जल कनेक्शनों को काटा जा रहा है। इसके बाद कहीं समस्या है तो विभाग की ओर से दिए गए नंबर पर फोन कर जानकारी दी जा सकती है।
रमेशचंद्र चौधरी, अधिशासी अभियंता जलदाय विभाग नागौर