26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नागौर हवाई अड्डा : अब ‘हवा में उड़ान’ और विकास की नई ऊंचाई

राजस्थान के दिल में बसा नागौर शहर अब हवाई यात्रा की दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नागौर ने अपने हवाई अड्डे का स्वागत किया है, और अब यहां से रोज़ाना 300 सीटर प्लेनों की उड़ानें जयपुर, जोधपुर, दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई और विदेशी शहरों के लिए होती हैं

2 min read
Google source verification

राजस्थान के दिल में बसा नागौर शहर अब हवाई यात्रा की दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नागौर ने अपने हवाई अड्डे का स्वागत किया है, और अब यहां से रोज़ाना 300 सीटर प्लेनों की उड़ानें जयपुर, जोधपुर, दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई और विदेशी शहरों के लिए होती हैं। एयरपोर्ट का उद्घाटन होने के बाद से यात्रियों की कतारें भी बढ़ गई हैं, जहां कुछ फ्लाइट्स के लिए वेटिंग पीरियड एक महीने से भी ज्यादा हो सकता है। यह दर्शाता है कि नागौर हवाई अड्डा सिर्फ एक ढांचा नहीं, बल्कि यहां के व्यापार और पर्यटन के क्षेत्र में नए द्वार खोलने वाला है।

एयरपोर्ट के नियमित यात्री बन गए

नागौर के व्यापारी अब एयरपोर्ट के नियमित यात्री बन गए हैं। मुम्बई, चेन्नई, हैदराबाद जैसे व्यापारिक हब से आ रहे नागौरी व्यापारी अब हवाई जहाजों में यात्रा करते हुए देश-विदेश में अपना व्यापार फैलाने में लगे हैं। कुछ व्यापारी तो ऐसे हैं जो रोज़ फ्लाइट से आना-जाना करते हैं, और उनके लिए किराया एक मामूली खर्च जैसा हो चुका है। ये वे लोग हैं, जिनकी एक दिन की कमाई 5-10 करोड़ रुपए तक हो सकती है।

पर्यटकों और निवेशकों का नया ठिकाना

नागौर का हवाई अड्डा सिर्फ व्यापारियों के लिए नहीं, पर्यटकों और निवेशकों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र बन चुका है। पहले जहां लोग बसों और ट्रेनों में घंटों की यात्रा करते थे, वहीं अब फ्लाइट से सीधे नागौर पहुंचकर यहां के ऐतिहासिक स्थलों का दौरा कर रहे हैं। साथ ही निवेशकों के लिए भी यह एक सुनहरा अवसर बन चुका है, खासकर खींवसर-माडपुरा और मूण्डवा में बड़ी इंडस्ट्री भी आकर्षित कर रही है।

शिक्षा के क्षेत्र में भी विकास

हवाई अड्डे के बाद शिक्षा के क्षेत्र में भी यहां का योगदान महत्वपूर्ण हो गया है। मेडिकल व नर्सिंग कॉलेज, कृषि और पॉलिटेक्निक कॉलेज जैसे शैक्षणिक संस्थान अब देशभर के छात्रों को आकर्षित कर रहे हैं। ऐसे में यहां के छात्रों के लिए फ्लाइट से आवागमन करना भी अब सामान्य बात हो गई है।

नई ऊंचाई पर एयरपोर्ट

हवाई अड्डे का रन-वे अब 4500 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा हो गया है, जिससे बड़े प्लेन के आने-जाने की सुविधा बढ़ गई है। यह विकास न केवल नागौर के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम है। अब नागौर भी महत्वपूर्ण हवाई अड्डों में शामिल हो चुका है, जहां से फ्लाइट्स कई प्रमुख शहरों के लिए नियमित रूप से ‘उड़ान’ भरती हैं।‘ बुरा ना मानो होली है ’

बड़ी खबरें

View All

नागौर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग