
what did the staff do to hide a mistake?
नागौर. शहर के विभिन्न मोहल्लों में बनी पानी की टंकियों की सफाई करने के नाम पर किए गए भ्रष्टाचार की पोल खुलने के बाद जलदाय विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक और कारनामा कर दिया। बिना साफ-सफाई एवं टंकियों पर सफाई की तारीख बदले बिना ही भुगतान उठाने के मामले को दबाने के लिए कर्मचारियों ने शुक्रवार को फुर्ती दिखाते हुए कलर का डिब्बा व ब्रश लेकर सभी टंकियों पर एक साथ तारीख बदल दी। लेकिन इसमें भी उन्होंने 'चोर की दाढ़ी में तिनकाÓ वाली कहावत चरितार्थ कर दी। दरअसल, नई तारीख लिखते समय कर्मचारियों ने हड़बड़ी में सफाई की तारीख उल्टी-सीधी लिख दी, जो अब कागजी रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो रही।
कर्मचारियों द्वारा की गई कारस्तानी की जानकारी मिलने पर पत्रिका टीम ने शनिवार को दुबारा उन्हीं टंकियों के फोटो वापस खींचे, जिनके गुरुवार को लिए थे। कार्रवाई के डर से अधिकारियों ने कर्मचारियों को तारीख बदलने के निर्देश दिए, कर्मचारियों ने बाजार से लाल रंग का डिब्बा व ब्रश खरीदा और अनाड़ी व्यक्ति से तारीखें लिखवा दी।
होशियारी पड़ गई भारी
पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद कलक्टर कुमारपाल गौतम ने नगर परिषद एवं जलदाय विभाग के अधिकारियों से इसकी रिपोर्ट मांगी, जिस पर उन्होंने पत्रिका की खबर को गलत बताते हुए १० टंकियों की सफाई होना बताया। कलक्टर ने जब प्रशिक्षु आईएएस अमित यादव से भौतिक सत्यापन कराने के लिए कहा। भौतिक सत्यापन की बात आते ही अधिकारियों ने हाथों-हाथ किसी कर्मचारी को भेजकर उनके पहुंचने से पहले ही तारीखें लिखदा दीं। लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों की यह होशियारी उनके लिए ही गलफांस बन गई, क्योंकि टंकी पर लिखी तारीख नगर परिषद के रिकॉर्ड में दर्ज तारीख से मिलान नहीं हो रही है।
कलक्टर के निर्देश पर दुबारा किया भौतिक सत्यापन
कर्मचारियों एवं सफाई ठेकेदार द्वारा शुक्रवार को टंकियों पर सफाई की तिथि लिखने की जानकारी जब कलक्टर कुमारपाल गौतम को मिली तो उन्होंने नगर परिषद आयुक्त व जलदाय विभाग के एसई को दुबारा भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। कलक्टर के निर्देश पर जलदाय विभाग के एसई अर्जुनसिंह चौधरी ने शाम को शहर की उन टंकियों का भौतिक सत्यापन किया, जिनकी सफाई के बदले नगर परिषद ने ठेकेदार का भुगतान किया।
झूठ के पांव नहीं होते
कलक्टर को गुमराह करने के लिए अधिकारियों व ठेकेदार ने शुक्रवार को हाथों-हाथ सफाई की तारीख लिखवा दी और कह दिया कि तारीख पहले से लिखी हुई है। लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि जहां उन्होंने तारीख लिखी है वहीं का दो दिन पुराना फोटो पत्रिका के पास है, जिसमें सफाई की तारीख नहीं लिखी हुई है।
तारीख लिखकर चले गए
शुक्रवार को दो आदमी यहां आए थे, वे टंकी के ऊपर चढ़े, नीचे उतरे और तारीख लिखकर चले गए। टंकी की सफाई काफी समय से नहीं हुई है।
- उर्मिला, स्थानीय निवासी, इंदिरा कॉलोनी, नागौर
कल दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर बैठकर आए और टंकी पर सफाई की तारीख लिखकर चले गए। सफाई नहीं की।
- ललिता, स्थानीय निवासी, संत बलरामदास कॉलोनी, नागौर
नोटिस देंगे
यदि टंकियों की सफाई किए बिना भुगतान उठाया है तो सम्बन्धित कर्मचारी एवं अधिकारी को नोटिस देकर जवाब मांगेंगे।
- श्रवणकुमार चौधरी, आयुक्त, नगर परिषद, नागौर
दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी
पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद मैंने नगर परिषद कमिशनर व पीएचईडी एसई से रिपोर्ट मांगी थी, उन्होंने १० टंकियों की सफाई होना ही बताया है। इसके बाद मैंने भौतिक सत्यापन भी करवाकर सम्बन्धित टंकियों के पानी के सैम्पल लिए हैं, जांच में हकीकत पता चल जाएगी। शुक्रवार को तारीख बदलने की जानकारी मिलने पर अधिकारियों को दुबारा निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
- कुमारपाल गौतम, कलक्टर, नागौर
Updated on:
15 Oct 2017 11:19 am
Published on:
15 Oct 2017 11:18 am
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