28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नागौर

राजस्थान के इस पशु मेले में झूमे विदेशी पावणे, कहा इट्स वैरी गुड, देखें वीडियो

नागौर पशु मेले में विदेशी सैलानी पशुपालकों के पास पहुंचे। उनके पशुओं को देखा, और कईयों ने सेल्फी भी खींची। इसके साथ ही उनके रहन-सहन देखा।

Google source verification

इट्स वैरी गुड, आयुष्मान भारत, इज ए कैशलेस मेडिकल ट्रिटमेंट स्कीम इन इंडिया। ओ… ऑर्गन डोनेशन …बाई ऑर्गन डोनेशन वी सेव ह्यूमन लाइफ, इट्स ए वैरी हॉली थीम एण्ड वर्क विच डूईंग इन इंडिया एण्ड स्पेशली ड्राइव इन राजस्थान.., टूरिस्ट गाइड एक के बाद एक बताते गए और विदेशी पावणे चिकित्सा विभाग की स्टॉल पर लगे बैनर पर टकटकी लगाए सरकार की हैल्थ स्कीम के बारे में सुनते रहे।

नागौर के श्रीरामदेव पशु मेले में विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं संबंधी प्रदर्शनी को देखने को संयुक्त राज्यअमेरिका से आए सैलानी भी पहुंचे। यहां चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाई गई आईईसी प्रदर्शनी में सूचना, शिक्षा एवं प्रसार सामग्री के माध्यम से टूरिस्ट गाइड आदित्यसिंह ने विदेशी सैलानियों को आयुष्मान भारत कैशलेस हैल्थ कवरेज स्कीम, प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र योजना, अंगदान जीवनदान अभियान, टीबी मुक्त भारत अभियान, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, राजश्री योजना, जननी सुरक्षा योजना, शिशु के संपूर्ण टीकाकरण, एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान, कन्या भ्रूण हत्या पर रोक को लेकर गर्भ में लिंगपरीक्षण निषेध अधिनियम, मुख्यमंत्री जीवन रक्षा योजना तथा टोबैको फ्री राजस्थान अभियान और प्रदर्शनी स्थल पर संचालित नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर के बारे में बताया। इस दौरान सैलानी शैली विलर और सिण्थिया ग्रेडिल ने सरकार की हैल्थ स्कीम को पब्लिक हैल्थ वैलफेयर के क्षेत्र में अनुकरणीय बताया। अंगदान जीवनदान अभियान को सरकार का पुण्यकारी और ऐतिहासिक कदम बताया।


पशुओं की संख्या पांच हजार पार
रामदेव पशु मेले में गुरुवार शाम तक पशुओं की संख्या पांच हजार के पार पहुंच गई। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मूलाराम जांगू ने बताया कि गोवंश-3043, भैंस वंश-76, ऊंट 2217 एवं अश्ववंश 288 पहुंच चुके हैं।


ग्रामीणों के साथ तेजा गायन पर झूमे
नागौर पशु मेले में विदेशी सैलानी पशुपालकों के पास पहुंचे। उनके पशुओं को देखा, और कईयों ने सेल्फी भी खींची। इसके साथ ही उनके रहन-सहन देखा। बाद में तेजा गायन पर ग्रामीणों के साथ काफी देर तक झूमते रहे। फ्रांस, जर्मनी, इटली व अमरीका से आए इन सैलानियों ने ऊंट की सवारी की तथा ऊंट गाड़ी में बैठकर मेले घूमकर लुफ्त उठाया। इससे पूरा मेला गुलजार नजर आया।