नागौर जिले में खींवसर क्षेत्र के देऊ गांव में जसनाथी सिद्धों ने किया अग्नि नृत्य देशभर के श्रद्धालुओं को आश्चर्यचकित कर देने वाला रहा। यहां करणी माता धाम मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय भजन संध्या कार्यक्रम में रात्रि को जसनाथ महाराज का जागरण अन्नदाता करणी माता धाम के गादीपति राजनाथ महाराज के सानिध्य में हुआ। इस दौरान कतरियासर मुकाम धाम के गादीपति मोहननाथ महाराज के सानिध्य में पूरनाथ महाराज ने अग्नि नृत्य किया।
पूरनाथ को विश्व हिन्दू परिषद की ओर से आयोजित अग्नि नृत्य में 2015 में पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी अवॉर्ड देकर नवाज चुके हैं। मुकाम धाम के जसनाथी भजन मण्डली में हुकमनाथ, भीमनाथ सिद्ध, जगदीशनाथ सिद्ध, हीरनाथ सिद्ध, सोहननाथ सिद्ध ने भजनों की प्रस्तुतियां दी। विश्व विख्यात अग्नी नृत्य कलाकार पूरनाथ महाराज ने नृत्य किया। जिसमें अग्नी में खड़े रहना, खेलना, मुंह में अग्नि लेना जैसे हैरतअंगेज नृत्य ने देशभर के लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। पूरनाथ महाराज ने अपने प्रवचन में 36 नियमों का पालन करने, सनातन धर्म की रक्षा जीव, जन्तुओं की रक्षा, पेड़ पौधों की रक्षा आदि करने व हिन्दू धर्म में 36 कौम एक है तथा जातिवाद नहीं करने के प्रवचन दिए। देऊ के जनप्रतिनिधि जगदीश सुथार ने बताया कि करणी माता मन्दिर देशनोक के समान यह मन्दिर भी भव्य बनेगा, जिसके भव्य मन्दिर व मुख्य द्वार का मुहूर्त बुधवार को किया गया।
देऊ धाम के गादीपति राजनाथ महाराज ने 17 साल एक पैर पर खड़े होकर करणी माता की आराधना की है। करणी सेवा समिति स्तर के संरक्षक ठाकुर सवाईसिंह देऊ व सेवा समिति की टीम आने वाले सैंकड़ों नाथ सम्प्रदाय के महंत व हजारों की संख्या में करणी भक्तों की सेवा कर रही है।