लाडनूं (नागौर). क्षेत्र के खींवज गांव में बुधवार को शहीद राइफल मैन ईश्वरसिंह घासल की प्रतिमा का अनावरण एवं शहीद स्मारक का लोकार्पण समारोह आयोजित हुआ।
समारोह में मुख्य अतिथि सैनिक कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजोर ने कहा कि ना सत्ता सुख से होता है ना सम्मानों से होता है, जीवन का सार सफल बलिदानों से होता है। शहीद की ना तो कोई जाति होती है। जो देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करता है उसका जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बने इसके लिए शहीदों के स्मारक बनने चाहिए। बाजोर ने शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि अब भी जिस परिवार में शिक्षा की कमी रहेगी वह परिवार हर क्षेत्र में पिछड़ जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक मुकेश भाकर ने की। बीआरओ के उप महानिदेशक आशुसिंह लाछड़ी ने कहा कि शहीद के साथ उसके परिवार का सहयोग करने की जिम्मेदारी प्रत्येक भारतवासी की है। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल राजेन्द्रसिंह जोधा ने बताया कि ईश्वर सिंह 5 राज राइफल में 28 दिसंबर 1994 को भर्ती हुए और 1998 में ऑपरेशन रक्षक के दौरान हमीरपुर के बालाकोट में भाग ले रहे थे। इसी दौरान एलओसी पर लगातार फायरिंग होने लगी और आपने लंबे समय तक डटकर मुकाबला किया। अकेले ही पोस्ट की रक्षा करते समय गोली सीने के पार हो गई और 31 जुलाई 1998 को वीर गति को प्राप्त हो गए। शहीद की वीरांगना धापूदेवी का मंच पर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में प्रधान हनुमानाराम कासणिया, एसडीएम सुमन शर्मा, लक्ष्मणगढ़ पूर्व प्रधान चोखाराम बुरडक़, पूर्व आईएएस जस्साराम चौधरी, पालिका उपाध्यक्ष मुकेश खींची, सरपंच हरेंद्र गढ़वाल, सांवरमल घासल, गिरधारी राहड़, मोतीराम थालोड़, आसिफ खान, सुधीर चोटिया आदि सहित कई जने मौजूद थे। संचालन कवि राजेंद्र बिरड़ा ने किया। शहीद के पुत्र बाबूलाल घासल ने आभार व्यक्त किया।