नागौर. संकष्टा चतुर्थी का पर्व शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस तिथि पर मघा नक्षत्र बन रहा है जिस पर सौभाग्य योग का निर्माण होगा। दोपहर 12 बजकर 46 मिनट से पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र द्वारा सिद्धि नामक योग का भी निर्माण हो रहा है। बव तथा बालव करण भी इस दिन विद्यमान रहेंगे। इस संयोग में राशि अनुसार उपाय करने से संतान के भाग्य में वृद्धि और करियर में शुभ परिणामों की प्राप्ति हो सकती हैं। पुंडित सुनील दाधीच ने बताया कि माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन संकष्ट चौथ का व्रत रखा जाता है। संकष्ट माता व भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन सभी महिलाएं संतान की लंबी उम्र और आयु आरोग्य तथा सभी प्रकार के संकट दूर करने के लिएऔर सुखी जीवन के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। इस दिन चंद्रोदय से पहले संकष्ट चतुर्थी माता तथा गणपति पूजन अपनी सुविधा अनुसार अवश्य करना चाहिए। महिलाएं चंद्रदेव के निकलने के बाद ही अपने व्रत का पारण करती हैं। चंद्रोदय होने के बाद चंद्रमा को अध्र्य देकर व्रत खोलती है।
ज्योतिष के अनुसार यह कर सकते हैं श्रद्धालु
संकष्टा चतुथभर्् पर मेष राशि की महिलाएं गुड़ और तिल का दान कर सकती हैं। वृषभ राशि की महिलाएं गणेश को मोदक का भोग के साथ ही उनका पूजन करन सकती हैं। मिथुन राशि
की महिलाएं गणपति को दूध और तिल कर सकती हैं। कर्क राशि की महिलाएं संकष्ट चौथ के शुभ पर्व पर आप गणपति बप्पा को तिल का भोग लगा सकती हैं। सिंह राशि की महिलाएं संकष्ट चौथ के दिन रात को लाल चंदन और पंचामृत से चंद्र देव की उपासना करें। कन्या राशि की महिलाएं गणपति जी को हरे रंग के वस्त्र चढाएं। तुला राशि की महिलाओं को गणेश की मूर्ति का दूध व केसर से अभिषेक करना चाहिए। यही नहीं शाम के समय घर में चौमुखी दीपक भी जलाएं। वृश्चिक राशि की महिलाएं इस दिन गणपति बप्पा को मोतीचूर के लड्डूओं का भोग लगाएं। धनु राशि की महिलाएं संकष्ट चौथ के दिन भगवान गणेश को केसर डालकर खीर का भोग लगाएं। मकर राशि की महिलाएं संकष्ट चौथ के दिन काले तिल का दान करें। कुंभ राशि की महिलाएं भगवान गणेश को तिल,मोदक अर्पित करें। मीन राशि की महिलाओं को गणेश जी को सफेद तिल का भोग लगाना चाहिए। इन सब प्रकार के पदार्थ का भोग लगाने के साथ ही तिलकुटा का भोग और गणपति को दूर्वा अवश्य अर्पित करनी चाहिए।
बाजारों में रही भीड़
संकष्टा चतुर्थी के व्रत को लेकर महिलाएं गुरुवार को पूरे दिन तैयारियों में लगी रही। शाम को बाजार में भी चहल-पहल रही। धार्मिक सामानों की दुकानों पर गणपति के चिँत्र एवं मिष्ठान्न की दुकानों पर मिठाई एवं तिल के लड्डू आदि की खरीद के लिए महिलाओं की भीड़ रही।