26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नागौर

Nagaur news Diary…भगवान राम ने तोड़ा धनुष, पहुंचे परशुराम को देख डरे राजा…VIDEO

नागौर. बंशीवाला मंदिर परिसर में रामलीला देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंगलवार को सीता विवाह, लक्ष्मण-परशुराम संवाद एवं भगवान राम की बारात प्रसंग का मंचन किया गया। सीता स्वयंवर की घोषणा होने पर भगवान राम का लक्ष्मण के साथ राजा जनक की सभा में पहुंचना, अन्य राजाओं के धनुष उठाने में असफल होने […]

Google source verification

नागौर. बंशीवाला मंदिर परिसर में रामलीला देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंगलवार को सीता विवाह, लक्ष्मण-परशुराम संवाद एवं भगवान राम की बारात प्रसंग का मंचन किया गया। सीता स्वयंवर की घोषणा होने पर भगवान राम का लक्ष्मण के साथ राजा जनक की सभा में पहुंचना, अन्य राजाओं के धनुष उठाने में असफल होने पर भगवान राम का धनुष भंग करना, फिर ऋषि परशुराम का पहुंचकर क्रोध के साथ अपना कुठार दिखाते हुए धनुष तोडऩे वाले का वध करने की घोषणा करने आदि दृश्य से रामायण कालीन दृश्य पूरी तरह से जीवंत नजर आए। इसके पश्चात भगवान की राम बारात निकली तो पूरा शहर इसमें शामिल नजर आया। भगवान राम के नीतिपूर्वक समझाने की शैली एवं संवाद से श्रद्धालु मंत्र मुग्ध नजर आए। इस दौरान बंशीवाला मंदिर परिसर के मुख्य गेट के पास से मंदिर का पूरा चौक क्षेत्र श्रद्धालुओं से भरा रहा। रामलीला में भूमिका निभा रहे पात्रों के संवाद से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।
नागौर. रामलीला मंचन में भगवान राम का पूजन करते श्रद्धालु

शहर का प्रमुख स्थल होने के बाद भी एक बेहतर सडक़ तक नहीं
काठडिय़ा का चौक बाजार…
-आओ बाजार चलें

नागौर. शहर का काठडिय़ा का चौक में सुप्रसिद्ध बंशीवाला मंदिर होने के साथ ही यहां पर सामान्य उत्पादों की दुकानें भी हैं। यह भी शहर के प्रमुख बाजारों में शामिल है। इसके बाद भी बंशीवाला मंदिर से लेकर नया दरवाजा जाने वाला एवं गांधी चौक की ओर जाने वाला मार्ग लंबे समय से खराब यानि की गड्ढों से भरा हुआ है। बगल में ही गोपीनाथ मंदिर भी है। कुल मिलाकर काठडिय़ा का चौक धार्मिक स्थलों का केन्द्र होने के बाद भी एक बेहतर सडक़ तक यहां नहीं है। इस वजह से निकलने वाले जुलूस एवं शोभायात्रा आदि के साथ अन्य होने वाले कार्यक्रमों शामिल लोग काफी परेशान होते हैं। स्थाानीय दुकानदारों का कहना है कि कई सालों से न तो सडक़ बनी, और न ही अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास हुआ है। जबकि काठडिय़ा का चौक शहर के प्रमुख केन्द्रों में शुमार है।
दुकानदार बोले……….
बाजार तो यहां पर भी है। अब सुविधाओं का विकास हो तो कारोबार भी अच्छा चले। दुकानें तो इस क्षेत्र में खूब हैं, लेकिन न तो सडक़ है, और न ही पार्किंग की सुविधा।
कमल सेन, दुकानदार काठडिय़ा का चौक
मंदिर होने की वजह से मिठाई की दुकानें भी हैं, और धार्मिक सामानों की दुकान भी है। खरीदारी के लिए लोग आते तो हैं, लेकिन खराब मार्ग की वजह से मुश्किल होती है।
कमल गहलोत, दुकानदार, काठडिय़ा का चौक
काठडिय़ा का चौक: विशेषता
शहर के काठडिय़ा का चौक बाजार काफी फेमस है। यह बंशीवाला मंदिर के साथ ही अपनी मिठाई के लिए भी जाना जाता है। यहां पर स्थित बंशीवाला मंदिर में शहर के ज्यादातर श्रद्धालु जाते हैं। यहां पर विविध प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम भी होते हैं। इसी से थोड़ी ही दूरी पर चांदीवाड़ा एवं गांधी चौक आदि क्षेत्र में जाने का भी यह प्रमुख रास्ता है। यहां पर पूरे दिन ट्रेफिक का दबाव रहता है।
सौधर्म इंंद्र-कुबरे का किया स्वागत
नागौर. आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर परिसर में तीन दिवसीय पंच कल्याणक उत्सव की पूर्व संध्या पर हल्दी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रमेशचंद्र जैन ने बताया कि इस मौके पर महिलाओं एवं पुरुषों ने पीले वस्त्र धारण कर इंद्र-इंद्राणियों को हल्दी लगाने की रस्म की। इसके पश्चात भजनों की प्रस्तुतियों के साथ सौधर्म इंद्र, कुबेर आदि का स्वागत किया गया।
नागौर. हल्दी कार्यक्रम में शामिल समाज के लोग

जीरे की उन्नत खेती की दी जानकारी
नागौर. कृषि विज्ञान केन्द्र अठियासन की ओर से देशवाल ग्राम में जीरे की उन्नत खेती विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केन्द्र की बागवानी विशेषज्ञ कल्पना चौधरी ने किसानों को जीरे की उन्नत खेती के लिए तकनीकी विधियों की जानकारी देते हुए बताया की जीरे की खेती हेतु खेत की तैयारी किस प्रकार करनी है, इस फसल के लिए उर्वरको की उचित मात्रा के साथ ही किसानो को मृदा में जीवांश की मात्रा बढ़ाने हेतु जैविक खादों का प्रयोग भी करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने किसानो को जीरे के बीज की बुवाई से पूर्व बीज को उपचारित करने की सलाह दी। जीरे की फसल प्रबंधन के बारे में भी चर्चा करते हुए किसानों की समस्याओं का समाधान भी किया। केंद्र की गृह विज्ञान विशेषज्ञ भावना शर्मा ने किसानों को पोषण वाटिका प्रबंधन की जानकारी दी। केन्द्र के एस. आर. राकेश ने जीरे में कीट रोग प्रबंधन की जानकारी दी। इस दौरान किसानो को जीरे की उन्नत खेती पर फोल्डर्स भी वितरित किये गए। प्रशिक्षण में 30 से अधिक किसानों एवं महिलाएं शामिल हुई।

भारतीय किसान संघ की बैठक आज
नागौर. भारतीय किसान संघ की बैठक बुधवार को दोपहर सवा 12 बजे ब्रह्मपुरी स्थित केशव कृपा भवन में होगी। अध्यक्ष जसाराम चौधरी ने बताया कि इसमें फसल समर्थन मूल्य पर अनाज केंद्र खरीद केन्द्र खोलने, मुआवजा, फसल बीमा, क्राप कटिंग व लावारिश पशुओं की पाबंदी के सम्बंध मे चर्चा जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा।

अजमीढ़ जयंती महोत्सव कल
नागौर. मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज की ओर से अजमीढ़ जयंती महोत्सव 17 अक्टूबर को मनाया जाएगा। अध्यक्ष ओमप्रकाश मांडन ने बताया कि इस मौके पर सुबह आठ बजे खाईं की गली स्थित माता के मंदिर से शोभायात्रा निकलेगी। शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए कायस्थ मोहल्ला पहुंचेगी। यहां पर मेधावियों को सम्मानित किया जाएगा।
बड़े पीर साहब की दरगाह में लंगर
नागौर. बड़े पीर साहब की दरगाह के सालाना उर्स के मौके पर मंगलवार को शरीफ की फातिहा का आयेाजन किया गया। इसमें दरगाह का विशेष काबुली का लंगर बनाकर जायरीनों में तक्सीम किया गया। दरगाह के सज्जादा नशीन सैय्यद सदाकत अली जीलानी ने बताया की दिन मौलाना हनीफ साहब शेरानी के बयानात हुए। इसमें उन्होंने हजऱत गौसे आज़म की जीवनी पर प्रकाश डाला।

बाबा रामदेव का मेला भरा
नागौर. ग्राम गोगेलाव में खेजड़ी पर बाबा रामदेव का मेला भरा। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव का दर्शन करने के साथ ही प्रसाद अर्पित किया। कार्यक्रम में आए बाबा के भक्तों ने भजनों की प्रस्तुतियां दी। नया तेलीवाड़ा स्थित भूतनाथ मंदिर से भी श्रद्धालुओं का जत्था पैदल ही गाजे-बाजे के साथ रवाना हुआ। मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं बाबा का पूजन किया। शाम को हुए प्रसादी कार्यक्रम में भी श्रद्धालु शामिल हुए।

गायत्री मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां अर्पित
नागौर. आर्य समाज मंदिर में गायत्री महामंत्र यज्ञ के पांचवें दिन मंत्रों के के साथ आहुतियां दी गई। बाद में इसकी पूर्णाहुति हुई। इस दौरान भोजराज सारस्वत, मंजू, घनश्याम पित्ती, कौशल्या, मुकुंद पित्ती, अनु, प्रज्ञानंद, प्रियंका, नवल किशोर पित्ती, सावित्री, सुनील, हर्ष, अनीता, नवल किशोर, सरोज बाला, गोविंद कड़ेल, सरोज, किसान लोहिया, सुमन, सुरेन्द्र बंसल, मधु, मुरली पुरोहित, रजनी, विमलेश, कांता आदि ने आहुतियां अर्पित की। पांच दिनों में 51 जोड़ों ने एक लाख 61 हजार गायत्री मंत्र के साथ आहुतियां अर्पित की। पूर्णाहुति के पश्चात एमडीएच के निदेशक सुरेश राठी एवं आर्य समाज प्रधान सीताराम ताण्डी ने इसमें शामिल हुए लोगों को गायत्री मंत्र का स्मृति चिह्न भेंट किया।
नागौर. गायत्री मंत्र के साथ आहुतियां अर्पित करते हुए श्रद्धालु
तीन सौ पौधे लगाए, पानी के लिए ड्रिप सिस्टम भी लगा

नागौर. शिव कॉलोनी पार्क में शिव महिमा विकास समिति की ओर से मंगलवार को 301 पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर जिला परिषद के सीईओ रविन्द्र चौधरी ने कहा कि पर्यावरण में पेड़ों की महत्ता सर्वविदित है। कॉलोनी क्षेत्रों में इस प्रकार की पहल सराहनीय है। इससे न केवल पर्यावरण बेहतर होगा, बल्कि इस पूरे क्षेत्र में हरियाली भी रहेगी। पार्क में लगे हुए पौधों के लिए ड्रिप सिस्टम लगाए जाने से स्पष्ट है कि क्षेत्रवासी इन पौधों को विकसित करने के लिए संकल्पित हैं। महंत जानकीदास ने कहा कि धर्मशास्त्रों में भी पेड़ों की महत्ता बताई गई है। श्रीमद् भागवत गीता में भगवान कृष्ण ने पीपल को अपना स्वरूप बताया है। भगवान कहते हैं कि जो व्यक्ति अनावश्यक रूप से वृक्षों का हनन करता है उसके ऊपर प्रकृति का प्रकोप होता है। वर्तमान समय में बढ़ता तापमान पर्यावरण के असंतुलित होने का प्रमुख कारक है। पद्मश्री हिम्मताराम भांभू ने कहा कि वह पर्यावरण को संतुलित करने के लिए अभियान स्तर पर कार्य कर रहे हैं। स्थिति यह है कि अभी भी कई लोग पर्यावरण को लेकर ज्यादा सजग नहीं है। यह स्थिति चिंतनीय है। पूर्व प्राचार्य शंकरलाल जाखड़ ने कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए प्रत्येक को इमानदारी से काम करना होगा। वर्तमान कई प्रकार के प्रदूषण हैं। इसकी वजह से अब वातावरण बेहद खराब हो चुका है। इसे बेहतर करने के लिए गंभीरता से अभियान स्तर पर काम करने की जरूरत है।
नागौर. शिव कॉलोनी पार्क में पौधे लगाते हुए क्षेत्रवासी
जयगच्छीय महासती नंदकंवर की समझाई महत्ता
महाराज के जीवन चरित्र पर लघु नाटिका प्रस्तुत
नागौर. जयगच्छीय महासती नंदकंवर का 30वां पुण्य स्मृति दिवस मंगलवार को मनाया गया। श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ की ओर से साध्वी बिंदुप्रभा व साध्वी हेमप्रभा के सानिध्य में कार्यक्रमों के आयोजन हुए। जयमल जैन पौषधशाला में साध्वी बिंदुप्रभा ने महासती नंदकंवर का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि मात्र 11 वर्ष की आयु में जैन धर्म में दीक्षा ली। उन्होंने जिनशासन की खूब प्रभावना की। आसोज सुद 13, विक्रम संवत 2051 को महासती का संथारा सहित देवलोकगमन हुआ। सच्चे अर्थों में उन्होंने जीवन के रहस्य को समझ लिया। साध्वी बिंदुप्रभा ने भजनों के माध्यम से भी महासती के जीवन पर प्रकाश डाला। प्रवचन प्रश्नोत्तर पुरस्कार, लक्की ड्रा व प्रवचन की प्रभावना का लाभ अभय कुमार, संजय कुमार, साजन कुमार, लालचंद कांकरिया को मिला। इस दौरान चातुर्मास काल में प्रतिक्रमण कंठस्थ करने वालों को पुरस्कृत किया गया। प्रकाशचंद, प्रदीप, विवेक बोहरा की ओर से भी प्रवचन की प्रभावना दी गई। प्रवचन में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर विनीता पींचा, जागृति चौरडिय़ा, संजय पींचा, भीकमचंद ललवानी, मंजू देवी ललवानी व दीपक कोठारी ने दिए। जेपीपी जैन महिला फाउंडेशन व जय जैन संस्कारशाला के सदस्यों ने महासती नंदकंवर महाराज के जीवन-वृत्तांत को दर्शाती हुई लघु नाटिका प्रस्तुत की। अभय कुमार कांकरिया व दीपक कोठारी ने स्मृति दिवस पर अपने भाव प्रकट किए। दोपहर 2 से 3 बजे तक सुशील धरम आराधना भवन में नवकार महामंत्र का जाप किया गया। इसकी प्रभावना का लाभ मानमल, जीवराज मूथा को मिला। कार्यक्रम में नेमीचंद कांकरिया, सुरेश मूथा, गौतमचंद मूथा, पदमचंद बेताला, दीपक कोठारी आदि का संघ की ओर से बहुमान किया गया। संचालन संजय पींचा ने किया।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां अर्पित
नागौर. रामपेाल सत्संग भवन मैदान में चल रहे पंच कुण्डीय यज्ञ में पांचवें दिन यानि की मंगलवार को भी श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां अर्पित की। इसमें नंदकिशोर बजाज, नंदलाल प्रजापत, भगवानदास तापडिय़ा, शिवप्रसाद टाक, हीरालाल भार्गव, खेमराज सोनी, रोहित सेन ने आदि ने आहुतियां अर्पित की। इस दौरान महंत मुरलीराम महाराज ने श्रद्धालुओं को यज्ञ की प्रासंगिकता, इसकी महत्ता एवं इसके उदभव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।