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बोर्ड मीटिंग में जाने वाले पार्षदों को नोटिस, जिलाध्यक्ष से मिले भाजपा पार्षद

-सभापति मीतू बोथरा की ओर से मीटिंग स्थगित किए जाने के बाद भी बैठक में शामिल होने वाले पार्षदों को स्पष्टीकरण देने का निर्देशनागौर. नगरपरिषद में 20 मई को हुई बोर्ड की मीटिंग में जाने वाले भाजपा पार्षदों को नोटिस जारी कर दो दिन में स्पष्टीकरण देने के लिए गया है। यह नोटिस भाजपा जिलाध्यक्ष […]

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-सभापति मीतू बोथरा की ओर से मीटिंग स्थगित किए जाने के बाद भी बैठक में शामिल होने वाले पार्षदों को स्पष्टीकरण देने का निर्देश
नागौर. नगरपरिषद में 20 मई को हुई बोर्ड की मीटिंग में जाने वाले भाजपा पार्षदों को नोटिस जारी कर दो दिन में स्पष्टीकरण देने के लिए गया है। यह नोटिस भाजपा जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया की ओर से जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि गत 19 मई केा नगरपरिषद सभापति मीतू बोथरा की ओर से मीटिंग निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद भी पार्षदों का इसमें जाना पार्टी विरोधी गतिविधि में आता है। नोटिस मिलने के बाद भाजपा पार्षदों ने भी भाजपा जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया से बुधवार को मुलाकात कर उनको वस्तुस्थिति से अवगत कराया। भाजपा पार्षदों का कहना है कि नोटिस मिला जरूर है, लेकिन जिला संगठन प्रभारी पुखराज पहाडिय़ा को सही बातें नहीं बताई गई थी। पहाडिय़ा के निर्देश पर जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया ने इसे जारी कर दिया था।
नगरपरिषद में गत 20 मई को बोर्ड मीटिंग में जाने वाले भाजपा के पार्षदों में संगठन के जिलाध्यक्ष की ओर से स्पष्टीकरण का दिए जाने का नोटिस प्राप्त होने के बाद असंतोष की स्थिति बन गई है। पार्षदों का कहना है कि वह जवाब तो दे देंगे, लेकिन बुधवार को कुछ भाजपा पार्षदों ने संगठन के जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया से मुलाकात कर उनको वस्तुस्थिति से अवगत कराया। पार्षदों में ओमप्रकाश सांखला, रघुवीर भाटी एवं मनीष कच्छावा आदि ने संगठन जिलाध्यक्ष पोटलिया को बताया कि शहर का विकास कार्य लंबे समय से ठप पड़े हुए थे। टूटी सडक़ेंं, आवासीय क्षेत्रों के साथ बाजारों में सफाई व्यवस्था बद से बदतर होने के साथ ही नाला सफाई आदि कई कार्यों को जानबूझकर पर रोका जा रहा था। इन्हीं मुद्दों को बोर्ड की मीटिंग में उठाने के साथ इनका निराकरण कराना था। बोर्ड मीटिंग में शामिल हुए तो 50 से ज्यादा विकास कार्यों पर मुहर लगवा दी। पार्षदों ने कहा कि उनके वार्डों में विकास कार्यों की स्थिति बद से बदतर यहो चुकी है। अब ऐसे में अगले चुनाव में जनता को जवाब कहां से देंगे। यही सोचकर बोर्ड की बैठक में गए, और विकास कार्यों पर स्वीकृति की मुहर लगवाई। पार्षद ललित लोमरोड, मनीष कच्छावा, रघुवीर भाटी एवं ललित लोमरोड का कहना है कि नेाटिस मिलने के बाद उन लोगों ने संगठन की सही वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया है। इस पर गुरुवार को भी संगठन के स्तर पर बैठक का आयोजन किया गया है। इसमें सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हो जाएगी।