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नागौर

अब पहले टॉप टेन वांटेड तलाशेगी नागौर पुलिस

फरार आरोपियों पर पुलिस की पकड़ ढीली है। पिछले साल इनामी राशि बढ़ाने के बाद भी ये पुलिस के हाथ नहीं आए हैं। इनमें से कई पर 25-25 हजार का इनाम घोषित है।

नागौरJul 10, 2024 / 08:16 pm

Sandeep Pandey

दो दर्जन से अधिक इनामी अपराधी

जिले के टॉप टेन घोषित

नागौर. फरार आरोपियों पर पुलिस की पकड़ ढीली है। पिछले साल इनामी राशि बढ़ाने के बाद भी ये पुलिस के हाथ नहीं आए हैं। इनमें से कई पर 25-25 हजार का इनाम घोषित है। इनमें संदीप उर्फ शेट्टी हत्याकाण्ड का मास्टर माइण्ड अनिल उर्फ छोटिया भी शामिल है। असल में फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस फिसड्डी साबित हो रही है। इसकी वजह भी कम नफरी पर काम का ज्यादा बोझ बताया जा रहा है। अब पुलिस मुख्यालय से फरार बदमाशों को जल्द पकडऩे पर ध्यान देने को कहा है।
सूत्रों के अनुसार नागौर जिले में तकरीबन दो दर्जन आरोपियों की तलाश पुलिस बरसों से कर रही है। कोई 1996 से लापता है तो कोई वर्ष 2000 से, यही नहीं इनमें से कुछ पर तो पिछले साल ही इनामी राशि बढ़ाई गई थी, लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं आया। इनमें अधिकांश हत्या के मामले में फरार चल रहे हैं। बरसों बाद अब इन्हें तलाशना भी पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। बदली पहचान/ठिकाने के बाद उनको पकडऩा असंभव सा लगता है। पुलिस के अनुसार इसमें गैंगस्टर आनंदपाल ङ्क्षसह का साथी किशोरङ्क्षसह भी शामिल है, वो करीब नौ साल से फरार है। करीब दो दर्जन वांछित अपराधियों को पकड़वाने पर इनाम घोषित है। इनमें एक को फरार हुए करीब 30 साल से अधिक अरसा हो गया है। 17 जून 1991 को डीडवाना थाने में दर्ज अपहरण व बलात्कार के मामले में फरार आरोपी जावेद की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। वारदात के समय उसकी उम्र 56 साल थी। इसी तरह बड़ी खाटू में वर्ष 1996 में हत्या के एक मामले में अनिल सोनी अब तक फरार है। इसी तरह कई आरोपी बड़े इनाम के बाद भी बरसों बाद पुलिस से दूर हैं।
ये हैं जिले के टॉप टेन,
जिनकी तलाश जोरों पर

सूत्रों के अनुसार पुलिस ने जिले के टॉप टेन वांटेड की सूची जारी की है। इनकी तलाश जोरों पर है। इनमें कोई आठ साल से तो कोई पांच साल से फरार है। घनश्याम उर्फ श्याम और शंकर उर्फ शंकर ङ्क्षसह निवासी बदायूं, गोपाल चौधरी निवासी नरैना, जुल्फेकार उर्फ इन्ना निवासी प्रतापगढ़, यूपी, कानाराम बिडियासर निवासी नागौर, मनीष कमेडिया निवासी मेडि़ता सिटी, अनिल मांजू निवासी फलोदी, पारस विश्नोई निवासी जोधपुर, ओमप्रकाश डोगीवाल निवासी रोल और जस्साराम जाट निवासी ङ्क्षझटिया इस सूची में शामिल हैं।
बदमाशों पर बढ़े पर पुलिस को मिलने
वाला इनाम अब भी छोटी राशि का

सूत्र बताते हैं कि वांटेड की इस सूची में कभी आनंदपाल, लेडी डॉन अनुराधा, राजू फौजी जैसे भी रहे, ये पकड़े भी गए पर पुलिस के हाथ इनाम अब भी छोटी राशि में ही बंधा है। किसी इनामी बदमाश को पकडऩे पर पचास हजार बंटता भी है तो पांच हजार भी पल्ले नहीं पड़ता। यही नहीं अन्य उत्कृष्ट योगदान करने पर भी दो-पांच हजार से ज्यादा का इनाम पुलिसकर्मियों को अब भी नहीं मिल रहा है। दबी जुबान में पुलिसकर्मी भी इसकी शिकायत कर देते हैं। वो मानते भी हैं कि बदमाश की इनामी राशि तो बढ़ गई पर पुलिस को मिलने वाली इनाम की राशि अब भी बहुत कम है।
एक लम्बी फेहरिस्त और भी
सूत्रों के अनुसार पिछले साल बदमाशों की इनामी राशि बढ़ाई गई थी, कुछ हाथ आए भी पर कुछ का अब तक पता नहीं चला है। बताया जाता है कि असल में पुलिस के पास अब पुराने शातिरों को तलाशने का ना तो वक्त रहा ना ही साधन-संसाधन। कई वांछित अपराधियों की फाइल तो ठण्डे बस्ते में चली गई। और तो और करीब पौने दो साल पहले अदालत के बाहर गोलियों से भून दिए गए संदीप उर्फ शेट्टी की हत्या का मास्टर माइण्ड अनिल उर्फ छोटिया तक पकड़ में नहीं आया।
इनका कहना
विधानसभा फिर लोकसभा चुनाव के चलते वांछित अपराधियों पर ज्यादा काम नहीं हो सका। अब जल्द से जल्द इन वांछितों को ही तलाशने का काम प्राथमिकता पर रहेगा।
नारायण टोगस, एसपी नागौर

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