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VIDEO…अब रामदेव पशु मेला मैदान का बदलने लगा नजारा

Nagaur. विश्व स्तरीय रामदेव पशु मेला की तैयारियां हुई शुरू- गड्ढों को पाटने के साथ साफ सफाई का काम हुआ तेज- पशु मेला स्थल की व्यवस्था में जुटे पशुपालन विभाग के अधिकारी- मुख्य पशु मेला स्थल से ऊंट एवं घोड़ों के ठहरने वाले स्थानों की भी होगी बढिय़ा व्यवस्था-मेला की संभावित तिथियों पर स्वीकृति का इंतजार, एक-दो दिन में मुख्यालय से स्वीकृति की मुहर लगने की उम्मीद

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Nagaur news

Now the view of Ramdev cattle fair ground is changing

नागौर. विश्वस्तरीय रामदेव पशु मेला आयोजन की तिथि के लिए अब तक स्वीकृति तो नहीं आई, लेकिन अधिकारियों को उम्मीद है कि मेले की संभावित तिथि 22 जनवरी से पांच फरवरी तक पर स्वीकृति की मुहर जल्द लग जाएगी। इसको ध्यान में रखते हुए पशु पालन विभाग की ओर से पशु मेला की तैयारियां शुरू कर दी गई है। मेला मैदान की व्यवस्थाओं को लेकर टेंडर आदि निकाले जाने के बाद इसकी सफाई व्यवस्था में पशुपालन विभाग खुद जुट गया है।
पशु मेला मैदान में हुए गड्ढों को पाटकर समतल करने के साथ ही पूरे परिसर को सुव्यवस्थित करने के लिए सफाई शुरू कर दी गई है। पशुपालन विभाग की ओर से जोधपुर रोड की ओर से सफाई का कार्य शुरू किया गया है। पशु पालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पशु मेला मैदान में झण्डा स्थल से लेकर ऊंट एवं घोड़ों आदि के ठहरने वाले स्थल पूरे तरह से साफ किए जाएंगे। ऐसे में सफाई व्यवस्था का दायरा दो से तीन किलोमीटर के एरिया में फैल जाएगा। मुख्य मेला मैदान में पशुओं के पीने के लिए बनी पानी की खेली की तलाई साफ करने के साथ ही इसकी दीवारों की मरम्मत के लिए संबंधित ठेकेदार को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ मानासर चौराहा एवं शीतला माता मंदिर की ओर से जोधपुर रोड के रास्ते मेला मैदान के प्रवेश मार्गों पर पर पड़े मलबा के अंबार को भी हटाए जाने के लिए पशु पालन विभाग की ओर से संबंधित ठेकेदार को सख्ती से निर्देश देकर मेला शुरू होने के पहले ही पूरी तरह से चाक-चौबंद करने के लिए कहा जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि मेला की संभावित तिथि पर मेला शुरू होने की उम्मीद है। इसलिए मैदान को व्यवस्थित किए जाने का काम शुरू कर दिया गया है। मेला आयोजन की अधिकारिक तिथि की स्वीकृति मिलने के बाद तेजी से काम कर पूरे मेला मैदान का कायाकल्प कर दिया जाएगा।
पंद्रह दिन पहले भेजी थी प्रस्तावित-संभावित तिथि का प्रारूप
पशुपालन विभाग की ओर से जयपुर स्थित विभागीय मुख्यालय को रामदेव पशु मेला की संभावित तिथि के साथ ही मेले से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के साथ पूरा प्रस्ताव भेजा था। अभी तक इस पर स्वीकृति की मुहर नहीं लगी है। अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय से लगातार संपर्क बना हुआ है। उम्मीद है कि एक या दो दिन में मेला आयोजन की संभावित तिथि पर मुख्यालय अपनी मुहर लगा देगा। इस संबंध में मुख्यालय से अब तक सकारात्मक संकेत मिले हैं। इसलिए माना जा रहा है कि स्वीकृति अब आ जाएगी।
दो जगह से हटे कचरे के ढेर, अभी और हैं
रामदेव पशु मेला मैदान में ऊंटों के ठहरने वाले स्थल की ओर जाने वाले मार्ग पर लगा मलबा का ढेर हटा लिया गया है। इससे थोड़ी ही दूरी पर पानी की खेली के पास लगा कचरा का ढेर भी हटा नजर आया, लेकिन पूरे मैदान को चार से पांच जगहों पर अभी भी कचरा का ढेर लगा हुआ है। इसके अलावा जहां से कचरा का ढेर हटा है, वहां पर अभी भी पॉलीथिन की पन्नियां एवं अन्य गंदगियां नजर आई। पानी की खेली की तली से शनिवार को कचरा का ढेर गायब नजर आया, मगर तली पर कई जगह गंदगी की मोटी पर्त जमी हुई मिली। इसके अलावा पूरे मैदान कंटीली बाड़ का अभी भी राज नजर आया। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि अभी तो धीमी गति से कार्य किया जा रहा है। स्वीकृति मिलते ही पूरे मैदान की तेजी से सफाइ्र कराए जाने के साथ ही कंटीली बाड़ आदि हटाकर मेला शुरू होने से पूर्व इसका पूरा रंग ही बदल दिया जाएगा।
इनका कहना है ...
नागौर के रामदेव पशु मेला आयोजन की स्वीकृति के लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति जारी होते ही पूरी व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करा दी जाएगी।
डॉ. भवानी सिंह राठौड़, निदेशक पशुपालन मुख्यालय जयपुर
पशु मेला मैदान को सुव्यवस्थित किए जाने का काम शुरू करा दिया गया है। उम्मीद है कि संभावित तिथियों पर मुख्यालय स्तर से स्वीकृति की मुहर लग जाएगी। इसके बाद मेला शुरू होने से पूर्व ही पूरे पशु स्थल की व्यवस्थाएं पूरी तरह से सुव्यवस्थित कर दी जाएंगी।
डॉ. महेश कुमार मीणा, संयुक्त निदेशक पशुपालन नागौर