- जेएलएन अस्पताल के चिकित्सकों के साथ कर्मचारियों ने जताया रोष, कलक्टर को सौंपा ज्ञापननागौर. सड़क हादसे में घायल जेएलएन अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर रामेश्वरलाल गोदारा (45) ने शुक्रवार को जोधपुर में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। चिकित्सकों के साथ जिलेभर के नर्सिंकर्मी आरोपी चालक को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे।
वहां जिला कलक्टर पीयूष समारिया को ज्ञापन दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि वहां से भी उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिला। ज्ञापन में शनिवार सुबह तक आरोपी को नहीं पकड़ा गया तो जेएलएन अस्पताल के चिकित्सक-नर्सिंगकर्मी ही नहीं पैरामेडिकल व मंत्रालयिक कर्मचारियों ने कार्य का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। इस बाबत पीएमओ को भी जानकारी दी गई। इस पर पीएमओ ने कलक्टर को भी पत्र लिखा।
रामेश्रलाल गोदारा सोमवार को अस्पताल से ड्यूटी के बाद बाइक से घर जा रहे थे। इंदास व बासनी चौराहे के बीच पीछे से तेज गति से आए वाहन ने टक्कर मारी और भाग छूटा। गोदारा को जेएलएन अस्पताल लाया गया, वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जोधपुर के एमडीएम राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया। जेएलएन अस्पताल के चिकित्सकों के साथ नर्सिंगकर्मियों ने बढ़ते सड़क हादसे पर रोष जताते हुए आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। इस संबंध में कलक्टर को भी ज्ञापन सौंपा। डॉ धर्मेन्द्र डूडी, डॉ सुखराम बारूपाल, डॉ सुनीता आर्य के साथ नर्सिंग ऑफिसर चैनाराम जाखड़, संजय पाराशर, मुकेश रेवाड़, हरेन्द्र चौधरी, धरमवीर सिंह राठौड़, रामेश्वरी, राजवंती, सुनीता, नेमीचंद, देवकिशनआदि शामिल थे। राजस्थान नर्सेज यूनियन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मलफूल पूनिया ने कहा कि बढ़ते सड़क हादसे रोकने के इंतजाम नाकाफी हैं। जल्द से जल्द आरोपी को पुलिस गिरफ्तार करे।
इसके बाद नर्सिंगकर्मी एसपी ऑफिस पहुंचे जहां पुलिस अधीक्षक नहीं मिले। इन्होंने आरोप लगाया कि एएसपी ने ज्ञापन लेने से ही मना कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस अपराधियों को पकडऩे में विफल है। एक नर्सिंगकर्मी का कहना था कि दुर्घटनास्थल पर मौजूद सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग भी गायब कर दी गई है।
रेफरल अस्पताल: चालान पर ध्यान, भले ही जाए जान
पूरे जिलेभर में सडक़ हादसे तेजी से बढ़ रहे हैं। औसतन रोजाना दो जनों की मौत हो रही है। जगह-जगह सडक़ें टूटी है। यातायात को व्यवस्थित करने का काम करने वाले पुलिसकर्मी चालान का टारगेट पूरा करने में लगे हैं। नो पार्किंग तो कभी हेलमेट के नाम पर वाहनों को रोककर चालान का टारगेट पूरा करने में यातायात पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ रही। ट्रेफिक को सुचारू करने या फिर अंधाधुंध दौड़ते वाहनों को रोकने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।