
नागौर में गुरुवार को कजली तीज का पर्व श्रद्धा व उल्लास से मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने व्रत रखा तथा शाम को तीज माता की पूजा कर अखण्ड सौभाग्य की कामना की। शहर के अहिछत्रपुर किले में वर्ष में एक बार खुलने वाले राधाकृष्ण मंदिर में दर्शन किए।


बंशीवाले सेठके हिंडोला दर्शन

किले में राधाकृष्ण के दर्शनों के लिए लगी महिलाओं की कतार

इस दौरान नीमड़ी का पूजन कर तीज माता की कथा सुनी। महिलाओं ने बंशीवाला मंदिर व किले में स्थित राधाकृष्ण मंदिर में दर्शन किए।

किले में स्थित राधाकृष्ण मंदिर में दर्शन किए।

दिनभर शहर के बाग -बगीचों में महिलाओं की भीड़ रही।

भगवान कृष्ण, राधा एवं रुक्कमणि के दर्शन कर मनवांछित वरदान मांगा। कान्हा को हिंडोले पर झूला झुलाया। भजन मंडली ने भजनों की प्रस्तुतियां दी।

हाथों पर सुंदर रचाई मेहंदी

परम्परागत घूमर नृत्य किया

नागौर @ पत्रिका. जिलेभर में गुरुवार को कजली तीज (सातूड़ी तीज) परम्परागत रूप से मनाई गई। सुहागिन महिलाओं ने व्रत रखा तथा शाम को तीज माता की पूजा कर अखण्ड सौभाग्य की कामना की।

महिलाओं ने झूलों का आनन्द लिया



कजली तीज पर अखंड सौभाग्य की कामना से महिलाओं ने रखा व्रत

झूले का लुफ्त उठाती महिलाएं


अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन की महिलाओं ने पार्कों का भ्रमण किया।

इस दौरान किले में शाम तक महिला श्रद्धालुओं की चहल-पहल रही। शाम को पाठक की बगीची में मेला भरा। यहां महिलाओं ने भगवान कृष्ण का विधिविधान से पूजन किया और तीज माता की कथा सुनी। शहर के नेहरू उद्यान, एमडीएच पार्क , बख्तासागर पार्क में सज-धजकर पहुंची महिलाओं ने अत्यांक्षरी, नृत्य प्रतियोगिता एवं पारंपरिक गायन आदि की प्रस्तुतियां दी। सामूहिक रूप से झूले झूलने का आनन्द लिया।

रात को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला

सामूहिक रूप से झूले झूलने का आनन्द लिया।