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पॉलिटिकल प्रेशर से गलत काम नहीं करती पुलिस: आईजी

-वार्षिक निरीक्षण पर नागौर आए, पुलिस अफसरों की ली क्राइम मीटिंग, पुलिस के काम-काज की सराहना की, पुलिस लाइन में ली सम्पर्क सभा, नाकाबंदी का डेमो देखा

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वार्षिक निरीक्षण

आईजी डॉ बीएल मीणा ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधयों के कहे काम जल्दी हो सकते हैं, लेकिन वो गलत नहीं होते।



पत्रिका न्यूज नेटवर्क

नागौर. आईजी डॉ बीएल मीणा ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधयों के कहे काम जल्दी हो सकते हैं, लेकिन वो गलत नहीं होते। प्रेशर तो रहेगा भी, पब्लिक का और पॉलिटकल भी, पुलिस पर गलत तरीके से मामला हैंडल करने के प्रेशर नहीं आते। इस प्रेशर से जो काम होना है वो रुकेगा नहीं।

एसपी ऑफिस में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में मीणा ने एक सवाल पर कहा कि जनप्रतिनिधि जनता के काम के लिए कहता है। मतलब साफ है कि पुलिस पर कोई भी जनप्रतिनिधि अनुचित तरीके से काम करने के लिए नहीं कहता। आईजी ने निरीक्षण के साथ पिछले एक साल में हुए अपराध पर पुलिस के नियंत्रण की प्रशंसा की। एसपी राममूर्ति जोशी के साथ मीणा ने यह बात स्वीकारी कि सामान्य से आपराधिक मामलों में झूठ बढ़ता जा रहा है। पिछले एक साल में नागौर में धोखाधड़ी/जमीन/मारपीट जैसे साधारण मामले करीब चालीस फीसदी से अधिक झूठे पाए गए। इससे पुलिस का काम तो बढ़ा ही, साथ ही गंभीर मामलों के अनुसंधान में भी मुश्किलें आ रही हैं। यह पूछने पर कि झूठा मामला दर्ज कराने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती , इस पर मीणा का कहना था कि पुलिस प्रयास करती है, लेकिन इसमें सजा होती नहीं, मामूली जुर्माने पर इन्हें छोड़ दिया जाता है। यहां क्राइम मीटिंग में उन्होंने पुलिस अफसरों से ऐसे मामलों का विश्लेषण करने को कहा। एसपी राममूर्ति जोशी ने भी कहा कि पिछले तीन साल में ऐसे झूठे मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बारह-तेरह प्रतिशत रजिस्ट्रेशन बढ़ा है, इस पर मंथन किया जा रहा है कि झूठे मामलों की वजह क्या है। मीणा ने कहा कि इस साल चुनाव हैं, ऐसे में पुलिस को पूरी तरह अलर्ट रहने की आवश्यकता है।

क्राइम मीटिंग के साथ निरीक्षण

आईजी मीणा ने एसपी ऑफिस स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में क्राइम मीटिंग ली। एसपी राममूर्ति जोशी, नागौर एएसपी राजेश मीणा, डीडवाना एएसपी विमल सिंह, कुचामन एएसपी गणेशराम, एएसपी ताराचंद, विनोद कुमार सीपा समेत सभी सीओ व थाना प्रभारी इसमें शामिल हुए। मीणा ने कहा कि अपराध कंट्रोल करने के साथ उसे रोकने में नागौर पुलिस की भूमिका सराहनीय है। चुनावी साल के चलते खामियों को सुधारना जरूरी है। उन्होंने मामलों को जल्द से जल्द निस्तारित करने की बात भी कही।मीणा ने एसपी ऑफिस स्थित सभी ब्रांच का निरीक्षण किया।

सम्पर्क सभा में छाया पदोन्नति का मुद्दा

पुलिस लाइन में आयोजित सम्पर्क सभा में कई पुलिसकर्मियों ने सुधार की जरुरत बताई। एक पुलिसकर्मी ने प्रमोशन की बात उठाई तो मीणा ने कहा कि यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने इस बात को भी स्वीकारा कि इस वजह से एएसआई, एसआई ही नहीं हैड कांस्टेबल के भी काफी संख्या में पद खाली है। एक महिला कांस्टेबल ने गिने-चुने पुरुष पुलिसकर्मियों को मिल रहे पचास रुपए माह के साइकिल भत्ते का मुद्दा उठाया। महिला पुलिसकर्मी का कहना था कि उन्हें मिल रहा है तो महिला पुलिसकर्मियों को क्यों नहीं, वैसे आज के हिसाब से स्कूटी का पांच सौ रुपए मिलना चाहिए। एक पुलिसकर्मी ने कैंटीन के सामान का भी मामला उठाया। इस पर मीणा ने आश्वस्त किया कि मुख्यालय तक ये मांग पहुंचा दी जाएगी। उन्होंने पुलिस लाइन का भी निरीक्षण कर व्याप्त खामियां दूर करने की बात कही।

मर्डर के साथ नाकाबंदी का डेमो

पुलिस लाइन में क्यूआरटी व पुलिस टीम की ओर से मर्डर और नाकाबंदी के अलग-अलग प्रदर्शन को मीणा ने देखा और इसको सराहने के साथ पाई गई खामियां दूर करने को कहा। मेड़ता रोड थाना प्रभारी राजपाल सिंह की अगुवाई में मर्डर और इससे जुड़े एविडेंस की तो बोलेरो में बैठे बदमाशों की नाकाबंदी के दौरान हुई फायरिंग और इन्हें पकडऩे का भी डेमो दिया गया।