18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

VIDEO…मना करने के बाद भी डाक सहायक को बना दिया था उप डाकपाल

Nagaur. 2020 मे वित्तीय गड़बड़ी मे पकड़ा गया था आरोपी सुरेश पुनिया-विभागीय जाँच मे संवेदनशील जगह यानि की वित्तीय लेनदेन वाली जगहों पर लगाने की इसकी जाँच रिपोर्ट मे ही की गईं थी मनाही-विभागीय आपत्तियों को दरकिनार करते हुए हुए भी डाक अधीक्षक ने इसे उसी जगह पर दोबारा लगा दिया था

2 min read
Google source verification
Nagaur news

,,Postal assistant was made deputy postmaster even after refusing

नागौर. केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की गिरफ्त में आए आरोपी डाक सहायक सुरेश पूनिया पहले भी वित्तीय गड़बड़ी में पकड़ा चुका था। इसकी बाकायदा विभागीय स्तर पर हुई जांच के बाद इस संबंध में कार्रवाई भी हुई थी। इसकी जांच रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट कर दिया गया था कि इसे वित्तीय लेन-देन वाले स्थानों पर नहीं लगाया जाना चाहिए। इसके बाद भी इसे तत्कालीन जिला डाक अधीक्षक की ओर से उसी जगह पर दोबारा प्रतिनियुक्ति पर लगा दिया गया। परिणाम एक करोड़ 60 लाख रुपए के घोटाले के रूप में सामने आया।
आरोपी डाक सहायक सुरेश पूनिया पहले भी डिफॉल्टर रहा है। विभागीय जानकारों के अनुसार वर्ष 2020 में आरोपी सुरेश पूनिया की नियुक्ति नकासगेट के पास स्थित प्रधान डाकघर कार्यालय में थी। यहां से उसे इसी वर्ष यानि की 2020 में ही गांधी चौक स्थित उपडाकघर में उपडाकपाल के पद पर लगा दिया। उप-डाकपाल के पद पर कार्य करने के दौरान इसे वित्तीय गड़बड़ी के मामले में पकड़ा गया था। इसके खिलाफ विभागीय जांच की गई। जांच में इसे विभागीय नियम 16 सी के तहत नोटिस भी दिया गया था। इसकी जांच होने के बाद चार्जशीट विभाग को सौंप दी गई थी। उसमें यह तथ्य स्पष्ट रूप से उल्लिखित किया गया था कि इसे वित्तीय लेन-देने वाले स्थानों पर विभागीय स्तर पर नहीं लगाया जाए। इसके बाद भी इसे वर्ष 2021 में तत्कालीन जिला डाक अधीक्षक की ओर से गांधी चौक स्थित उसी सिटी उप-डाकघर में उपडाकपाल के पद पर लगाया गया। बताते हैं कि इस दौरान इसको उपडाकपाल के पद पर लगाए जाने के दौरान विभागीय स्तर पर इसको मिली चार्जशीट का हवाला भी दिया गया, लेकिन इसके बाद भी मनमर्जी से तत्कालीन जिला डाक अधीक्षक ने इसकी प्रतिनियुक्ति निरस्त नहीं की। इसको लेकर विभागीय कार्यशैली पर उस दौरान सवालिया निशान भी लगे थे। विभागीय जानकारों का मानना है कि अब सीबीआई की ओर से चल रही जांच में सारे तथ्य सामने आएंगे तो फिर हो सकता है कि जांच के दायरे में और जिम्मेदार लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
इनका कहना है...
आरोपी सुरेश पूनिया को गांधी चौक स्थित उपडाकघर में उपडाकपाल के पद पर प्रतिनियुक्ति पर लगाए जाने का मामला मेरे कार्यकाल नहीं है। इस संबंध में मैं इसके सिवा कुछ भी नहीं कह सकता हूं। प्रकरण अब केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो के हवाले है।
रामलाल मूण्ड, जिला डाक अधीक्षक डाक विभाग नागौर